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Pilibhit News: 24 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जन्मस्थली की बदहाली नहीं बन सकी मुद्दा
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बीसलपुर के गांव खांडेपुर का बदहाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र । संवाद
गांव खांडेपुर में क्षतिग्रस्त रास्तों से आवागमन दूभर, अक्सर बंद रहता है प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बीसलपुर। आजादी की लड़ाई में अपना सब कुछ न्योछावर करने वाले 24 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जन्मस्थली ग्राम खांडेपुर की बदहाली कभी चुनावी मुद्दा नहीं बन सकी। इस गांव की मूलभूत सुविधाएं और समस्याएं जातीय समीकरणों के शोर में दबकर रह गईं। गांव का रास्ता बदहाल है तो कई अन्य समस्याएं भी हैं।
देवहा नदी की तलहटी में बसे करीब पांच हजार की आबादी वाले खांडेपुर गांव को मंडल भर में सर्वाधिक 24 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को जन्म देने का गौरव हासिल है। इस गांव के लोगों ने देश की आजादी के आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। जेल गए और कई अन्य यातनाएं सहीं। कुछ लोगों को कोलकाता की जेल भी भेजा गया।
आज भी इन्ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जन्मस्थली कई समस्याओं से जूझ रही है। गांव का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महीने में अधिकतर दिन बंद रहता है। मानक के अनुरूप स्टाफ, दवाइयां और चिकित्सीय संसाधनों का अभाव है। बीसलपुर- खुदागंज मार्ग से इस गांव को जोड़ने वाला करीब तीन किलोमीटर लंबा संपर्क मार्ग काफी जर्जर है।
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बारिश के समय इस मार्ग पर जलभराव हो जाता है। गांव में काफी पशुपालक हैं, लेकिन पशु सेवा केंद्र न होने से बीमार पशुओं का उपचार कराने में काफी दिक्कत होती है। गांव के नाम से स्वीकृत सहकारी समिति काफी दूर स्थित चौखंडी गांव में स्थित है। बारिश के मौसम में देवहा नदी में आने वाले बाढ़ के पानी से इस गांव के लोगों को प्रतिवर्ष परेशानी झेलनी पड़ती है।
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यहां जन्मे थे ये स्वतंत्रता संग्राम सेनानी
रामस्वरूप, बालकराम, बैजनाथ, चोखेलाल, सुम्मेरलाल, लाहौरी सिंह, अयोध्या प्रसाद, बांंदू लाल, शिवचरनलाल, मेहरबान, रामनरायन, रघुनंदन प्रसाद, प्यारेलाल, रामचरनलाल, रोशनलाल, ख्यालीराम, मेवाराम, चंदनलाल, छोटेलाल, हुलासीराम, जगदीश प्रसाद, लालजीत, बद्री प्रसाद और सत्यदेव।
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रक्षामंत्री भी आ चुके हैं खांडेपुर
कई वर्ष पहले गांव में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आए थे। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की पत्नियों को सम्मानित किया था। गांव का भरपूर विकास कराने का आश्वासन भी दिया था। बावजूद इसके इस गांव में कई समस्याएं बरकरार हैं।
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गांव के विकास के लिए किए काफी प्रयास
प्रधानी के कार्यकाल मेंं और उसके बाद भी गांव में विकास कार्य कराने का प्रयास किया। संबंधित अधिकारियों से कई बार संपर्क साधा, लेकिन सारे प्रयास विफल रहे। -शरदपाल सिंह, पूर्व प्रधान
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अधिकारी देते हैं सिर्फ आश्वासन
संबंधित अधिकारी गांव की बदहाली दूर करने का आश्वासन तो देते हैं, लेकिन उनके यह कोरे ही साबित होते हैं। अधिकारियों के खोखले आश्वासनों से ग्रामीण मायूस हो चुके हैं।
-नरेंद्र पाल सिंह, खांडेपुर
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तहसील कार्यालय में लगे शिलालेख के अनुसार गांव खांडेपुर 24 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जन्मस्थली रहा है। इस गांव की समस्याओं के बारे में किसी ने अभी तक मुझे कुछ नहीं बताया है। चुनाव के बाद इन समस्याओं को देखूंगा। जो भी संभव होगा, समस्याओं के निस्तारण के लिए करूंगा।
- महिपाल सिंह, एसडीएम, बीसलपुर
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संवाद न्यूज एजेंसी
बीसलपुर। आजादी की लड़ाई में अपना सब कुछ न्योछावर करने वाले 24 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जन्मस्थली ग्राम खांडेपुर की बदहाली कभी चुनावी मुद्दा नहीं बन सकी। इस गांव की मूलभूत सुविधाएं और समस्याएं जातीय समीकरणों के शोर में दबकर रह गईं। गांव का रास्ता बदहाल है तो कई अन्य समस्याएं भी हैं।
देवहा नदी की तलहटी में बसे करीब पांच हजार की आबादी वाले खांडेपुर गांव को मंडल भर में सर्वाधिक 24 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को जन्म देने का गौरव हासिल है। इस गांव के लोगों ने देश की आजादी के आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। जेल गए और कई अन्य यातनाएं सहीं। कुछ लोगों को कोलकाता की जेल भी भेजा गया।
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आज भी इन्ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जन्मस्थली कई समस्याओं से जूझ रही है। गांव का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महीने में अधिकतर दिन बंद रहता है। मानक के अनुरूप स्टाफ, दवाइयां और चिकित्सीय संसाधनों का अभाव है। बीसलपुर- खुदागंज मार्ग से इस गांव को जोड़ने वाला करीब तीन किलोमीटर लंबा संपर्क मार्ग काफी जर्जर है।
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बारिश के समय इस मार्ग पर जलभराव हो जाता है। गांव में काफी पशुपालक हैं, लेकिन पशु सेवा केंद्र न होने से बीमार पशुओं का उपचार कराने में काफी दिक्कत होती है। गांव के नाम से स्वीकृत सहकारी समिति काफी दूर स्थित चौखंडी गांव में स्थित है। बारिश के मौसम में देवहा नदी में आने वाले बाढ़ के पानी से इस गांव के लोगों को प्रतिवर्ष परेशानी झेलनी पड़ती है।
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यहां जन्मे थे ये स्वतंत्रता संग्राम सेनानी
रामस्वरूप, बालकराम, बैजनाथ, चोखेलाल, सुम्मेरलाल, लाहौरी सिंह, अयोध्या प्रसाद, बांंदू लाल, शिवचरनलाल, मेहरबान, रामनरायन, रघुनंदन प्रसाद, प्यारेलाल, रामचरनलाल, रोशनलाल, ख्यालीराम, मेवाराम, चंदनलाल, छोटेलाल, हुलासीराम, जगदीश प्रसाद, लालजीत, बद्री प्रसाद और सत्यदेव।
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रक्षामंत्री भी आ चुके हैं खांडेपुर
कई वर्ष पहले गांव में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आए थे। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की पत्नियों को सम्मानित किया था। गांव का भरपूर विकास कराने का आश्वासन भी दिया था। बावजूद इसके इस गांव में कई समस्याएं बरकरार हैं।
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गांव के विकास के लिए किए काफी प्रयास
प्रधानी के कार्यकाल मेंं और उसके बाद भी गांव में विकास कार्य कराने का प्रयास किया। संबंधित अधिकारियों से कई बार संपर्क साधा, लेकिन सारे प्रयास विफल रहे। -शरदपाल सिंह, पूर्व प्रधान
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अधिकारी देते हैं सिर्फ आश्वासन
संबंधित अधिकारी गांव की बदहाली दूर करने का आश्वासन तो देते हैं, लेकिन उनके यह कोरे ही साबित होते हैं। अधिकारियों के खोखले आश्वासनों से ग्रामीण मायूस हो चुके हैं।
-नरेंद्र पाल सिंह, खांडेपुर
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तहसील कार्यालय में लगे शिलालेख के अनुसार गांव खांडेपुर 24 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जन्मस्थली रहा है। इस गांव की समस्याओं के बारे में किसी ने अभी तक मुझे कुछ नहीं बताया है। चुनाव के बाद इन समस्याओं को देखूंगा। जो भी संभव होगा, समस्याओं के निस्तारण के लिए करूंगा।
- महिपाल सिंह, एसडीएम, बीसलपुर

बीसलपुर के गांव खांडेपुर का बदहाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र । संवाद

बीसलपुर के गांव खांडेपुर का बदहाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र । संवाद

बीसलपुर के गांव खांडेपुर का बदहाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र । संवाद