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भाकियू में दो फाड़ से गर्माई जिले की राजनीति
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पीलीभीत। चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की भारतीय किसान यूनियन में उनकी पुण्यतिथि पर ही दो धड़े बन गए। जिले से लेकर प्रदेश तक किसानों की राजनीति गर्मा गई लेकिन जिला संगठन के पदाधिकारियों ने नरेश टिकैत और राकेश टिकैत के प्रति आस्था व्यक्त की है। तेजी से बदलते घटनाक्रम पर किसान नेताओं की निगाहें लगीं रहीं।
भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंह चौहान के नेतृत्व में नई भाकियू (अराजनैतिक) बनाई गई है। खुद राजेश सिंह चौहान इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। राजेश सिंह चौहान ने आरोप लगाया है कि नरेश टिकैत और राकेश टिकैत किसानों के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। हालांकि, देर शाम तक जिले स्तर पर बगावत के स्वर सुनाई नहीं पड़े हैं।
भाकियू के जिलाध्यक्ष स्वराज सिंह कहलो और महामंत्री दिनेश कुमार ने खुद को टिकैत के साथ बताया। दोनों का दावा था कि जिले के ज्यादातर पदाधिकारी महेंद्र सिंह टिकैत द्वारा स्थापित यूनियन के साथ हैं और आगे भी रहेंगे। बंटवारे का यहां पर कोई असर नहीं आएगा। जिला महामंत्री ने कहा कि वे पल-पल नजर बनाए हुए हैं।
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अगर कोई पदाधिकारी राजेश सिंह के खेमे में जाता है तो उसके बारे में आने वाले दिनों में स्थिति साफ होगी। फिलहाल संगठन एकजुट है और जिले के सभी पदाधिकारी राकेश टिकैत व नरेश टिकैत के नेतृत्व में ही हक की लड़ाई लड़ेंगे।
अब असंतुष्टों पर है नजर - भाकियू के दो फाड़ होने से असंतुष्टों को तवज्जो मिल सकती है। भाकियू के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष मंजीत सिंह ने कहा कि वह तो टिकैत के साथ हैं। अभी तक कोई पदाधिकारी दूसरे खेमे में नहीं गया गया। उम्मीद है कि कोई दूसरे खेमे में नहीं जाएगा क्योंकि टिकैत का संगठन ही किसानों की हित में लड़ता आया है।
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भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंह चौहान के नेतृत्व में नई भाकियू (अराजनैतिक) बनाई गई है। खुद राजेश सिंह चौहान इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। राजेश सिंह चौहान ने आरोप लगाया है कि नरेश टिकैत और राकेश टिकैत किसानों के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। हालांकि, देर शाम तक जिले स्तर पर बगावत के स्वर सुनाई नहीं पड़े हैं।
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भाकियू के जिलाध्यक्ष स्वराज सिंह कहलो और महामंत्री दिनेश कुमार ने खुद को टिकैत के साथ बताया। दोनों का दावा था कि जिले के ज्यादातर पदाधिकारी महेंद्र सिंह टिकैत द्वारा स्थापित यूनियन के साथ हैं और आगे भी रहेंगे। बंटवारे का यहां पर कोई असर नहीं आएगा। जिला महामंत्री ने कहा कि वे पल-पल नजर बनाए हुए हैं।
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अगर कोई पदाधिकारी राजेश सिंह के खेमे में जाता है तो उसके बारे में आने वाले दिनों में स्थिति साफ होगी। फिलहाल संगठन एकजुट है और जिले के सभी पदाधिकारी राकेश टिकैत व नरेश टिकैत के नेतृत्व में ही हक की लड़ाई लड़ेंगे।
अब असंतुष्टों पर है नजर - भाकियू के दो फाड़ होने से असंतुष्टों को तवज्जो मिल सकती है। भाकियू के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष मंजीत सिंह ने कहा कि वह तो टिकैत के साथ हैं। अभी तक कोई पदाधिकारी दूसरे खेमे में नहीं गया गया। उम्मीद है कि कोई दूसरे खेमे में नहीं जाएगा क्योंकि टिकैत का संगठन ही किसानों की हित में लड़ता आया है।