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Pilibhit News: जांच में पहले से अधिक मिली मसीह समाज को मानने वालों की संख्या
Mon, 12 May 2025 01:06 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Mon, 12 May 2025 01:06 AM IST
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नेपाल बॉर्डर के गांव में धर्म परिवर्तन की शिकायत पर एक घर में पुलिस के साथ जांच करते नायब तहसील
- फोटो : mathura
पूरनपुर। नेपाल बॉर्डर के गांवों में लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन कराए जाने की शिकायत पर नायब तहसीलदार ऋषि दीक्षित ने रविवार को पुलिस के साथ गांव पहुंचकर जांच की। जांच में धर्म परिवर्तन और सामूहिक पूजा होना नहीं मिला। मगर मसीह समाज को मानने वाले लोगों की संख्या पहले से अधिक मिली। कई घरों में क्रास आदि के चिह्न बने मिले। हालांकि, लोगोंं ने धर्म परिवर्तन से इन्कार किया।
नानक नगरी बैल्हा स्थित गुरुद्वारा श्री सिंह सभा की प्रबंध कमेटी के पदाधिकारियों व सदस्यों ने पूर्व में नेपाल सीमा के गांवों में धर्म परिवर्तन कराए जाने की शिकायत मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर की थी। पत्र की प्रतिलिपि डीएम, एसपी को भेजी गई थी। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष गुरदयाल सिंह ने दो दिन पहले प्रभारी मंत्री से मिलकर बॉर्डर के गांवों में धर्म परिवर्तन कराए जाने की शिकायत की थी। पत्र में कहा कि साल भर पहले एसपी से मिलकर गांव बैल्हा, बमनपुर भागीरथ, सिंघाड़ा उर्फ टाटरगंज में ईसाई धर्म के लोग भोले-भाले लोगों को लालच देकर और बहलाकर धर्म परिवर्तन कराने वालों के नाम दिए थे। मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पत्र में आरोप लगाया कि कुछ अफसरों से सिख से ईसाई बने लोगों के साथ फोटो खिंचवाकर उनका हौसला बढ़ाया। धर्म परिवर्तन के मामले को नजरअंदाज कर छिपाने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया। धर्म परिवर्तन का मामला उठने पर रविवार को नायब तहसीलदार ऋषि दीक्षित ने पुलिस के साथ गांव बैल्हा, नानकनगरी आदि गांवों में पहुंचकर जांच की। कई घरों में जाकर लोगों से धर्म परिवर्तन की जानकारी की। लोगों ने धर्म परिवर्तन से इन्कार किया। साथ ही बताया कि अपने धर्म के अनुसार ही रीति रिवाज करते हैं। उनकी आस्था दूसरे धर्म में भी है। वे अपने घरों में मसीह समाज की प्रार्थना व पूजा-पाठ करते है। घरों में क्रास आदि के चिन्ह बने मिले। पिछली बार रुकवाया गया निर्माण भी रुका मिला।
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नानक नगरी बैल्हा स्थित गुरुद्वारा श्री सिंह सभा की प्रबंध कमेटी के पदाधिकारियों व सदस्यों ने पूर्व में नेपाल सीमा के गांवों में धर्म परिवर्तन कराए जाने की शिकायत मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर की थी। पत्र की प्रतिलिपि डीएम, एसपी को भेजी गई थी। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष गुरदयाल सिंह ने दो दिन पहले प्रभारी मंत्री से मिलकर बॉर्डर के गांवों में धर्म परिवर्तन कराए जाने की शिकायत की थी। पत्र में कहा कि साल भर पहले एसपी से मिलकर गांव बैल्हा, बमनपुर भागीरथ, सिंघाड़ा उर्फ टाटरगंज में ईसाई धर्म के लोग भोले-भाले लोगों को लालच देकर और बहलाकर धर्म परिवर्तन कराने वालों के नाम दिए थे। मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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पत्र में आरोप लगाया कि कुछ अफसरों से सिख से ईसाई बने लोगों के साथ फोटो खिंचवाकर उनका हौसला बढ़ाया। धर्म परिवर्तन के मामले को नजरअंदाज कर छिपाने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया। धर्म परिवर्तन का मामला उठने पर रविवार को नायब तहसीलदार ऋषि दीक्षित ने पुलिस के साथ गांव बैल्हा, नानकनगरी आदि गांवों में पहुंचकर जांच की। कई घरों में जाकर लोगों से धर्म परिवर्तन की जानकारी की। लोगों ने धर्म परिवर्तन से इन्कार किया। साथ ही बताया कि अपने धर्म के अनुसार ही रीति रिवाज करते हैं। उनकी आस्था दूसरे धर्म में भी है। वे अपने घरों में मसीह समाज की प्रार्थना व पूजा-पाठ करते है। घरों में क्रास आदि के चिन्ह बने मिले। पिछली बार रुकवाया गया निर्माण भी रुका मिला।
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