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Pilibhit News: लापरवाही की इंतिहा... एक साल पहले मर चुके अनुदेशक का कर दिया नवीनीकरण और तबादला
Tue, 18 Jul 2023 12:02 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 18 Jul 2023 12:02 AM IST
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पीलीभीत। बेसिक शिक्षा विभाग में हाल ही में हुए अनुदेशकों के नवीनकरण और तबादले ने अधिकारियों की लापरवाही उजागर कर दी है। जिले के 24 अनुदेशकों के नवीनीकरण में एक साल पहले मर चुके अनुदेशक का भी नवीनीकरण कर दिया गया। इतना ही नहीं उसका दूसरे स्कूल में तबादला भी कर दिया गया है। मामला खुलने के बाद जिम्मेदार खुद को बचाने के लिए इसे पोर्टल की गलती बता रहे हैं। हालांकि संबंधित खंड शिक्षाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों की कार्यप्रणाली पर यूं तो गाहे-बगाहे अंगुलियां उठती ही रहती हैं, लेकिन इस बार तो लापरवाही की सारी हदें ही पार कर दी गईं हैं। सरकारी प्राथमिक स्कूलों में अलग-अलग विषयों के अंशकालिक अनुदेशकों को तैनात किया गया है। इस बार भी उनका शासन के निर्देश पर नवीनीकरण किया गया।
जिले में सौ से अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों के 24 अनुदेशकों का नवीनीकरण होना था, लेकिन नवीनीकरण के लिए 18 ने ही आवेदन किया था। इस पर राज्य परियोजना कार्यालय से सभी 24 को ऑनलाइन स्कूल आवंटित कर दिए गए। राज्य परियोजना कार्यालय से नवीनीकरण के बाद आई सूची का स्थानीय स्तर पर परीक्षण नहीं किया गया।
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बीएसए ने इसी सूची के आधार पर अनुदेशकों को स्कूलों का आवंटन कर दिया। सूची में करीब एक साल पहले मर चुके जूनियर हाईस्कूल रम्पुरा नगरिया के अनुदेशक हरीश कुमार गंगवार का भी नाम शामिल है। बीएसए ने उनकी बीसलपुर क्षेत्र के कुमरिखा स्कूल में तैनाती की है। अफसरों की यह लापरवाही खुली तो खलबली मच गई। हालांकि जिम्मेदार स्थानीय स्तर से खामी होने की बात से इन्कार कर रहे हैं। अलबत्ता खुद को बचाने के लिए उन्होंने संबंधित ब्लॉक के खंड शिक्षाधिकारी से जवाब मांगा है।
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सितंबर 2022 में हो गई थी अनुदेशक हरीश की हत्या
अनुदेशक हरीश कुमार गंगवार छह सितंबर, 2022 को गायब हो गए थे। उनका शव 10 सितंबर को बरेली क्षेत्र के गांव भुता के पास अटकोना नहर से बरामद किया हुआ था। इसके बाद सुनगढ़ी थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसकी विवेचना बीसलपुर थाने से हो रही है। मामला चर्चा में आने के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों की नजर में अनुदेशक कार्य करते रहे। इसमें अधिकारियों की बड़ी लापरवाही रही है।
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छह अनुदेशकों का राज्य परियोजना से मानव संपदा पोर्टल से डाटा लिया गया था। वही नाम सूची में है। मानव संपदा पोर्टल से हरीश का नाम नहीं हट सका है। इसपर बीसलपुर के खंड शिक्षाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।- अमित कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी
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बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों की कार्यप्रणाली पर यूं तो गाहे-बगाहे अंगुलियां उठती ही रहती हैं, लेकिन इस बार तो लापरवाही की सारी हदें ही पार कर दी गईं हैं। सरकारी प्राथमिक स्कूलों में अलग-अलग विषयों के अंशकालिक अनुदेशकों को तैनात किया गया है। इस बार भी उनका शासन के निर्देश पर नवीनीकरण किया गया।
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जिले में सौ से अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों के 24 अनुदेशकों का नवीनीकरण होना था, लेकिन नवीनीकरण के लिए 18 ने ही आवेदन किया था। इस पर राज्य परियोजना कार्यालय से सभी 24 को ऑनलाइन स्कूल आवंटित कर दिए गए। राज्य परियोजना कार्यालय से नवीनीकरण के बाद आई सूची का स्थानीय स्तर पर परीक्षण नहीं किया गया।
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बीएसए ने इसी सूची के आधार पर अनुदेशकों को स्कूलों का आवंटन कर दिया। सूची में करीब एक साल पहले मर चुके जूनियर हाईस्कूल रम्पुरा नगरिया के अनुदेशक हरीश कुमार गंगवार का भी नाम शामिल है। बीएसए ने उनकी बीसलपुर क्षेत्र के कुमरिखा स्कूल में तैनाती की है। अफसरों की यह लापरवाही खुली तो खलबली मच गई। हालांकि जिम्मेदार स्थानीय स्तर से खामी होने की बात से इन्कार कर रहे हैं। अलबत्ता खुद को बचाने के लिए उन्होंने संबंधित ब्लॉक के खंड शिक्षाधिकारी से जवाब मांगा है।
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सितंबर 2022 में हो गई थी अनुदेशक हरीश की हत्या
अनुदेशक हरीश कुमार गंगवार छह सितंबर, 2022 को गायब हो गए थे। उनका शव 10 सितंबर को बरेली क्षेत्र के गांव भुता के पास अटकोना नहर से बरामद किया हुआ था। इसके बाद सुनगढ़ी थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसकी विवेचना बीसलपुर थाने से हो रही है। मामला चर्चा में आने के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों की नजर में अनुदेशक कार्य करते रहे। इसमें अधिकारियों की बड़ी लापरवाही रही है।
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छह अनुदेशकों का राज्य परियोजना से मानव संपदा पोर्टल से डाटा लिया गया था। वही नाम सूची में है। मानव संपदा पोर्टल से हरीश का नाम नहीं हट सका है। इसपर बीसलपुर के खंड शिक्षाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।- अमित कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी