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जिले में दो किसानों की मौत
पीलीभीत।
Updated Mon, 27 Apr 2015 11:45 PM IST
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जिले में किसानों की मौतों का सिलसिला जारी है। कोतवाली दियोरिया के गांव नौगवां नवीनगर निवासी 36 वर्षीय किसान रामबहादुर गंगवार और पूरनपुर क्षेत्र के गांव किशनपुर हरीपुर में किसान 70 वर्षीय गोकरन लाल की मौत हो गई। परिवार वालों का दावा है कि गहाई के दौरान खेत में गेहूं काफी कम निकलने से मौत हुई हैं।
केस: एक
घर वाले बोले, पिता की गम में हुई मौत
दियोरिया। गांव नौगवां नवीनगर निवासी पार्वती देवी ने बताया कि उनके पुत्र रामबहादुर गंगवार के पास मात्र छह बीघा जमीन है। जिसमें खड़े गेहूं की रविवार को गहाई कराई गई तो ओला और अतिवृष्टि के कारण मात्र डेढ़ क्विंटल गेहूं पैदा हुआ। यह देखकर रामबहादुर के होश फाख्ता हो गए और उसकी तबीयत खराब हो गई। पुत्र को बीसलपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां देर रात दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।
पार्वती देवी का कहना है कि उनके पुत्र की मौत फसल नुकसान के गम में हुई है। घर वालोें द्वारा लिखित सूचना दिए जाने पर कोतवाली पुलिस ने शव को सील कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। इस घटना से मृतक के घर कोहराम मच गया है। मृतक की पत्नी अनीता, पुत्र निशांत और पुत्री सोनम का रोते रोते बुरा हाल हो रहा है।
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केस: दो
एक एकड़ में चार क्ंिवटल निकला था गेहूं
पूरनपुर/जोगराजपुर। गांव किशनपुर हरीपुर निवासी दीनदयाल ने बताया कि उसके पिता गोकरन लाल के पास एक एकड़ कृषि भूमि में गेहूं की फसल बोई गई थी। बारिश/ओलावृष्टि से फसल को भारी नुकसान हुआ। रविवार को गेहूं की फसल कटकर जब घर आई तो मात्र चार-पांच क्विंटल गेहूं देख पिता चिंतित हो गए।
उसका दावा है कि कम फसल निकलने पर सोमवार की सुबह पिता की अचानक तबियत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। दीनदयाल बताते हैं कि पिता कुछ दिनों से बीमार भी थे, लेकिन इतने बीमार भी नहीं थे कि उनकी मौत हो जाती। किसान के परिवार में पत्नी रामबेटी के अलावा तीन पुत्र दीनदयाल, महेश, बबलू और पुत्री रूचि है।
दीनदयाल की शादी हो चुकी है। दीनदयाल की मौत की सूचना हल्का लेखपाल को दी गई। हालांकि परिवार वालों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
000
फसली नुकसान के गम में नहीं हुई मौत
बीसलपुर के तहसीलदार नन्हेलाल ने बताया कि रामबहादुर की मौत सदमे से नहीं बल्कि बीमारी से हुई है। सर्वे में यदि रामबहादुर का नुकसान होना मिला तो मानक के अनुरूप घर वालों को मुआवजा दिया जाएगा। उधर पूरनपुर एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने भी किसान की मौत सदमें से होने की बात से इंकार किया है।
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केस: एक
घर वाले बोले, पिता की गम में हुई मौत
दियोरिया। गांव नौगवां नवीनगर निवासी पार्वती देवी ने बताया कि उनके पुत्र रामबहादुर गंगवार के पास मात्र छह बीघा जमीन है। जिसमें खड़े गेहूं की रविवार को गहाई कराई गई तो ओला और अतिवृष्टि के कारण मात्र डेढ़ क्विंटल गेहूं पैदा हुआ। यह देखकर रामबहादुर के होश फाख्ता हो गए और उसकी तबीयत खराब हो गई। पुत्र को बीसलपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां देर रात दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।
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पार्वती देवी का कहना है कि उनके पुत्र की मौत फसल नुकसान के गम में हुई है। घर वालोें द्वारा लिखित सूचना दिए जाने पर कोतवाली पुलिस ने शव को सील कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। इस घटना से मृतक के घर कोहराम मच गया है। मृतक की पत्नी अनीता, पुत्र निशांत और पुत्री सोनम का रोते रोते बुरा हाल हो रहा है।
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केस: दो
एक एकड़ में चार क्ंिवटल निकला था गेहूं
पूरनपुर/जोगराजपुर। गांव किशनपुर हरीपुर निवासी दीनदयाल ने बताया कि उसके पिता गोकरन लाल के पास एक एकड़ कृषि भूमि में गेहूं की फसल बोई गई थी। बारिश/ओलावृष्टि से फसल को भारी नुकसान हुआ। रविवार को गेहूं की फसल कटकर जब घर आई तो मात्र चार-पांच क्विंटल गेहूं देख पिता चिंतित हो गए।
उसका दावा है कि कम फसल निकलने पर सोमवार की सुबह पिता की अचानक तबियत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। दीनदयाल बताते हैं कि पिता कुछ दिनों से बीमार भी थे, लेकिन इतने बीमार भी नहीं थे कि उनकी मौत हो जाती। किसान के परिवार में पत्नी रामबेटी के अलावा तीन पुत्र दीनदयाल, महेश, बबलू और पुत्री रूचि है।
दीनदयाल की शादी हो चुकी है। दीनदयाल की मौत की सूचना हल्का लेखपाल को दी गई। हालांकि परिवार वालों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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फसली नुकसान के गम में नहीं हुई मौत
बीसलपुर के तहसीलदार नन्हेलाल ने बताया कि रामबहादुर की मौत सदमे से नहीं बल्कि बीमारी से हुई है। सर्वे में यदि रामबहादुर का नुकसान होना मिला तो मानक के अनुरूप घर वालों को मुआवजा दिया जाएगा। उधर पूरनपुर एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने भी किसान की मौत सदमें से होने की बात से इंकार किया है।