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Pilibhit News: प्रभारी निरीक्षक पूरनपुर के खिलाफ न्यायालय ने जारी किया वारंट
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पीलीभीत। भरण पोषण के एक मामले में कोर्ट से जारी वसूली वारंट तामील न होने पर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एफटीसी दुष्यंत कुमार शर्मा ने पूरनपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार शर्मा के विरुद्ध जमानती वारंट जारी किया है।
न्यायालय की ओर से पारित आदेश के अनुसार थाना पूरनपुर क्षेत्र के यासमीन बनाम मो. आलम के मुकदमे में कोर्ट ने अंतरिम भरण पोषण का आदेश दिया था। इस आदेश की कार्रवाई के लिए कई बार वसूली वारंट जारी किए गए।
प्रभारी निरीक्षक ने न्यायालय की ओर से जारी वसूली वारंट को तामील नहीं कराया। न्यायालय ने इस संबंध में 18 जुलाई 2024 को प्रभारी निरीक्षक को नोटिस भेजकर दो दिन में कोर्ट में हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा था। 22 जुलाई तक कोर्ट में स्पष्टीकरण न देने पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश किया कि इस मामले के अलावा अन्य विभिन्न पत्रावलियों में न्यायालय के आदेश तामीला भेजे गए और न्यायालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा गया, लेकिन प्रभारी निरीक्षक ने न तो उपरोक्त प्रकरण में स्पष्टीकरण दिया और न ही न्यायालय द्वारा प्रस्तुत आदेशों का अनुपालन किया। जिससे न्यायिक कार्य बाधित हो रहा है।
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आदेश में कहा गया है कि न्यायालय के मत में उक्त कृत्य जानबूझकर किया जाना प्रतीत हो रहा है, जोकि न्यायालय के प्रति उपेक्षापूर्ण, गैर जिम्मेदाराना व गैर अनुशासनात्मक रवैये को दर्शाता है। न्यायालय ने प्रभारी निरीक्षक के विरुद्ध पुलिस अधिनियम के तहत मामला दर्ज करते हुए 31 जुलाई 2024 को कोर्ट में पेश होने के लिए समन भी जारी किए थे, लेकिन फिर भी वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। न्यायालय ने कई तिथियों पर हाजिर न होने पर उनके विरुद्ध जमानती वारंट जारी किया है।
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न्यायालय की ओर से पारित आदेश के अनुसार थाना पूरनपुर क्षेत्र के यासमीन बनाम मो. आलम के मुकदमे में कोर्ट ने अंतरिम भरण पोषण का आदेश दिया था। इस आदेश की कार्रवाई के लिए कई बार वसूली वारंट जारी किए गए।
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प्रभारी निरीक्षक ने न्यायालय की ओर से जारी वसूली वारंट को तामील नहीं कराया। न्यायालय ने इस संबंध में 18 जुलाई 2024 को प्रभारी निरीक्षक को नोटिस भेजकर दो दिन में कोर्ट में हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा था। 22 जुलाई तक कोर्ट में स्पष्टीकरण न देने पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश किया कि इस मामले के अलावा अन्य विभिन्न पत्रावलियों में न्यायालय के आदेश तामीला भेजे गए और न्यायालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा गया, लेकिन प्रभारी निरीक्षक ने न तो उपरोक्त प्रकरण में स्पष्टीकरण दिया और न ही न्यायालय द्वारा प्रस्तुत आदेशों का अनुपालन किया। जिससे न्यायिक कार्य बाधित हो रहा है।
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आदेश में कहा गया है कि न्यायालय के मत में उक्त कृत्य जानबूझकर किया जाना प्रतीत हो रहा है, जोकि न्यायालय के प्रति उपेक्षापूर्ण, गैर जिम्मेदाराना व गैर अनुशासनात्मक रवैये को दर्शाता है। न्यायालय ने प्रभारी निरीक्षक के विरुद्ध पुलिस अधिनियम के तहत मामला दर्ज करते हुए 31 जुलाई 2024 को कोर्ट में पेश होने के लिए समन भी जारी किए थे, लेकिन फिर भी वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। न्यायालय ने कई तिथियों पर हाजिर न होने पर उनके विरुद्ध जमानती वारंट जारी किया है।