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Pilibhit News: जंगल मार्गों पर आवाजाही के लिए हुई बैठक बेनतीजा... व्यापार पर असर

Mon, 09 Mar 2026 11:38 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Mon, 09 Mar 2026 11:38 PM IST
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The balcony of the architectural house collapsed, the homeowner died after being buried under the debris.
- डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक, किसान नेता, अधिवक्ता समेत अन्य लोगों ने पक्ष रखकर मांगी छूट
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- अफसर बोले, उच्च स्तर पर भेजी जाएगी आपत्तियों की रिपोर्ट, प्रशासन के सहयोग से कराया जाएगा अमल
फोटो:
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। पीटीआर के जंगल से गुजरने वाले नेशनल हाईवे समेत अन्य चार मार्गों पर रात के समय वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध के आदेश का विरोध तेज होने पर सोमवार को डीएम ज्ञानेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। वन, पुलिस समेत अन्य विभागों के अफसरों की मौजूदगी में किसान नेता, अधिवक्ता समेत अन्य लोगाें ने अपना पक्ष रखकर नियमों को वापस लेने की मांग की। एक घंटे तक चली बैठक बेनतीजा रही। पीटीआर के अफसरों का कहना है कि आदेश सुप्रीम कोर्ट का है। प्राप्त आपत्तियों की रिपोर्ट बनाकर उच्च स्तर पर भेजी जाएगी। उच्च स्तर से ही निर्णय लिया जा सकेगा।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की ओर से एक सप्ताह पूर्व जिले के जंगल से गुजरने वाले मार्गों पर शाम से सुबह तक वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध का आदेश जारी किया गया था। एनटीसीए और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में यह नियम लागू करने का हवाला दिया गया। इनमें पूरनपुर-पीलीभीत नेशनल हाईवे, पूरनपुर-खटीमा मार्ग, माधोटांडा-पीलीभीत प्रमुख मार्ग शामिल है।
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आदेश जारी होने के बाद लोगों में विरोध तेज हो गया। किसान नेता, राजनीतिक पार्टी, अधिवक्ता भी इसके विरोध में आए और आदेश को वापस लेने की मांग करते हुए डीएम को ज्ञापन दिए गए। बढ़ते विरोध के बाद डीएम ने सोमवार को बैठक बुलाई। इसमें वन विभाग, पुलिस, लोक निर्माण विभाग के अलावा किसान, नेता और अधिवक्ता शामिल हुए। लोगों ने अपना पक्ष रखा।
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भाकियू टिकैत के वेदप्रकाश कश्यप, गुरदीप सिंह गोगी ने कहा कि किसान गन्ना और अन्य सीजन पर रात को निकलते हैं। भाकियू चढ़ूनी के रंजीव सिंह कहलो ने कहा कि यह नियम किसान और अन्य किसी के हित में नहीं है। अधिवक्ता आनंद मिश्रा ने कहा कि न्यायालय इको टूरिज्म क्षेत्र से जुड़े मार्गों पर वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर नियमों का पालन कराने पर जोर दे रही है। नेशनल हाईवे और अन्य मार्गों पर यह सख्त नियमों का फिलहाल कोई जिक्र नहीं है।
कहा कि जिले के अधिकांश किसान सब्जी को रात में भरकर दिल्ली ले जाते हैं। प्रतिबंध से व्यापार पर असर पड़ेगा। अंत में अफसरों की ओर से कहा गया कि चूंकि आदेश न्यायालय और एनटीसीए का है। ऐसे में प्राप्त आपत्तियों की रिपोर्ट बनाकर उच्च स्तर पर भेजी जाएगी। इसके बाद ही निर्णय सामने आ सकेगा।
हालांकि जारी आदेश के अनुसार प्रतिबंध को लेकर कोई स्पष्ट नहीं बोल सका। हालांकि, यह बात भी सामने आई कि आदेश पर अभी प्रभावी अमल शुरू नहीं किया जा सका था। ऐसे में कुछ दिन और इसमें राहत बरती जा सकती है। बैठक में एसपी सुकीर्ति माधव, डीएफओ पीटीआर मनीष सिंह, भरत कुमार डीके समेत अन्य अफसर मौजूद रहे। बैठक में भी कई संगठनों ने ज्ञापन दिए।
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जंगल मार्गों पर स्पीड पर नियंत्रण का उठाया मुद्दा
बैठक में शामिल किसान, नेता, अधिवक्ता समेत अन्य सभी ने यह मुद्दा उठाया कि रात में पूरी तरह से मार्ग पर प्रतिबंध लगाना ठीक नहीं, लेकिन वन्यजीवों की सुरक्षा भी जरूरी है। इसके लिए स्पीड पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाए। इसपर वह लोग भी सहयोग करेंगे।
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12 मार्च को आएगी सुप्रीम कोर्ट की केंद्रीय समिति
सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित केंद्रीय समिति के सदस्य 12 मार्च को पीलीभीत पहुंचेंगे। टीम इको सेंसिटिव जोन, पक्के निर्माण समेत अन्य जारी गाइडलाइन की हकीकत परखेगी। इसको लेकर जिला स्तरीय अफसर भी रूपरेखा तैयार करने में जुटे हैं। ऐसा माना जा रहा है मार्गों पर प्रतिबंध का मामला भी समिति के सामने रखा जाएगा। इसके बाद कोई निर्णय हो सकेगा।

वर्जन
सु्प्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में नियमों को लागू किया गया है। ऐसे में जो भी ज्ञापन और आपत्तियां प्राप्त हुई है उसकी रिपोर्ट बनाकर उच्च स्तर पर भेजी जाएगी। उच्च स्तर से ही निर्णय लिया जा सकेगा। - मनीष सिंह, डीएफओ, पीटीआर
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