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Pilibhit News: एक सियार का आतंक... दो गांवों में दहशत
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पीलीभीत। जहानाबाद के ग्राम सुस्वार और पंसोली में सियार ने एक के बाद एक हमला कर एक किमी दायरे में दहशत फैलाई और आठ लोगों को हमला कर जख्मी कर दिया। मासूम खुशी को तो वह मुंह में दबाकर दस मीटर दूर नहर तक खींच ले गया। आसपास मौजूद ग्रामीण पीछे दौड़े और शोर-शराबा किया। जिस पर सियार मासूम को छोड़कर भाग गया। हमले में उसके हाथ, कंधे पर गहरे घाव हो गए।
सुस्वार गांव निवासी वीरपाल ने बताया कि उनका घर आबादी के निकट बह रही नहर के पास है। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे उसकी बच्ची खुशी (03) घर से कुछ दूरी पर स्थित नहर पुल पर खेल रही थी। इस दौरान वहां पहुंचे सियार ने उसपर हमला कर दिया और उसे मुंह में दबाकर ले जाने लगा। नजर पड़ते ही वह और अन्य ग्रामीण पीछे दौड़े।
शोर-शराबे पर सियार खुशी को दस मीटर दूर नहर के डौले के पास छोड़कर भाग गया। मासूम नहर के पानी में गिरते-गिरते बची। उसकी चप्पलें पानी में गिर गईं। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। वीरपाल ने बताया कि हमले में बच्ची के गहरे घाव हुए हैं। उसका सीएचसी में उपचार किया जा रहा है।
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सामान्य रूप से आबादी क्षेत्र में ही रहता है सियार
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि सियार सामान्य रूप से आबादी वाले क्षेत्र में ही रहता है। उसे अक्सर घरों के आसपास देखा जाता है। सियार खतरनाक जानवर नहीं है। उसका स्वभाव कुत्ते की तरह होता है। शुक्रवार को सामने आई घटनाओं में सियार के पागल होने की बात सामने आई है। घायलों को रेबीज का टीका लगाने के लिए चिकित्सकों से कहा गया है।
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सियार को मारने का मचा शोर, अफसर बोले-पुष्टि नहीं
दो गांव में आठ लोगों पर हमले की घटनाओं के बाद गुस्साए ग्रामीणों के सियार को मारने की बात कही गई। इसको लेकर दिन भर चर्चा गरम रही, लेकिन इसकी वन विभाग के अफसरों ने पुष्टि नहीं की। डीएफओ का कहना है कि सियार को मारने की सूचना मिली थी। टीम को मौके पर भेजा गया, लेकिन ऐसा सामने नहीं है। टीमों को क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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अस्पताल में पहुंचे सियार के हमले में घायल खुशी, रोशनी और पंकज के अधिक घाव थे। सभी का उपचार किया गया। टिटनेस और रेबीज का टीकाकरण भी कराया गया। इसके बाद घायलों को घर भेज दिया गया।
- डॉ कमलेश गंगवार, एमओआईसी
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सुस्वार गांव निवासी वीरपाल ने बताया कि उनका घर आबादी के निकट बह रही नहर के पास है। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे उसकी बच्ची खुशी (03) घर से कुछ दूरी पर स्थित नहर पुल पर खेल रही थी। इस दौरान वहां पहुंचे सियार ने उसपर हमला कर दिया और उसे मुंह में दबाकर ले जाने लगा। नजर पड़ते ही वह और अन्य ग्रामीण पीछे दौड़े।
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शोर-शराबे पर सियार खुशी को दस मीटर दूर नहर के डौले के पास छोड़कर भाग गया। मासूम नहर के पानी में गिरते-गिरते बची। उसकी चप्पलें पानी में गिर गईं। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। वीरपाल ने बताया कि हमले में बच्ची के गहरे घाव हुए हैं। उसका सीएचसी में उपचार किया जा रहा है।
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सामान्य रूप से आबादी क्षेत्र में ही रहता है सियार
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि सियार सामान्य रूप से आबादी वाले क्षेत्र में ही रहता है। उसे अक्सर घरों के आसपास देखा जाता है। सियार खतरनाक जानवर नहीं है। उसका स्वभाव कुत्ते की तरह होता है। शुक्रवार को सामने आई घटनाओं में सियार के पागल होने की बात सामने आई है। घायलों को रेबीज का टीका लगाने के लिए चिकित्सकों से कहा गया है।
सियार को मारने का मचा शोर, अफसर बोले-पुष्टि नहीं
दो गांव में आठ लोगों पर हमले की घटनाओं के बाद गुस्साए ग्रामीणों के सियार को मारने की बात कही गई। इसको लेकर दिन भर चर्चा गरम रही, लेकिन इसकी वन विभाग के अफसरों ने पुष्टि नहीं की। डीएफओ का कहना है कि सियार को मारने की सूचना मिली थी। टीम को मौके पर भेजा गया, लेकिन ऐसा सामने नहीं है। टीमों को क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पताल में पहुंचे सियार के हमले में घायल खुशी, रोशनी और पंकज के अधिक घाव थे। सभी का उपचार किया गया। टिटनेस और रेबीज का टीकाकरण भी कराया गया। इसके बाद घायलों को घर भेज दिया गया।
- डॉ कमलेश गंगवार, एमओआईसी