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Pilibhit News: कम वाले को छोड़कर ज्यादा भाव वाले को दे दिया टेंडर

Mon, 27 Nov 2023 12:11 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 27 Nov 2023 12:11 AM IST
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Tender was given to the one with higher price, leaving aside the lower one.
पीलीभीत। जंगल की सीमा में जाल की फेंसिंग के लिए टेंडर डालने वाले ठेकेदार ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के अधिकारियों पर धांधली का आरोप लगाते हुए मामले को हाईकोर्ट में पहुंचा दिया है। ठेकेदार का आरोप है कि उसका टेंडर सबसे कम का था, बावजूद इसके अधिकारियों ने शाहजहांपुर के एक ठेकेदार को ज्यादा दाम पर टेंडर दे दिया। इसके बाद हाईकोर्ट ने टेंडर पर रोक लगा दी है।
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पीटीआर की माला और महोफ रेंज में मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं रोकने के लिए साढ़े सात करोड़ रुपये से जंगल की सीमा पर जाल की फेंसिंग की जानी है। जाल की फेंसिंग हो जाने से बाघ-तेंदुए जंगल की सीमा से बाहर नहीं निकल सकेंगे। माला, बराही और महोफ रेंज में 25 किलोमीटर क्षेत्र में जाल की फेंसिंग की जानी है।
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शासन से बजट मिलने के बाद पीटीआर प्रशासन की ओर से टेंडर निकाला गया। टेंडर 18 अक्तूबर को खोला गया। टेंडर जब खुला तो बताया गया कि देवरिया के एक ठेकेदार ने विरोध शुरू कर दिया है। ठेकेदार ने टेंडर में पीटीआर के अफसरों पर घोटाले के गंभीर आरोप लगाए। यहां बता दें कि टेंडर शाहजहांपुर की किसी गणेश फर्म का खुला है।
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देवरिया के ठेकेदार अजय कुमार का कहना है कि जिसका टेंडर निकला है उससे कम धनराशि में काम करने का टेंडर उनका था। बावजूद इसके मनचाही फर्म को ठेका दे दिया गया। टेंडर निकालते समय जिन नई शर्तों को लागू कर दिया गया उसका पोर्टल में कही कोई हवाला ही नहीं है। मनमानी की हद तो यह है कि उसके प्रपत्र तक पीटीआर के कर्मचारियों ने जमा नहीं किए। जब कहा गया कि लिखकर दे दो तो बाबू लिखकर देने को भी तैयार नहीं हुए। ठेकेदार ने हाईकोर्ट में शिकायत की। जहां से टेंडर पर रोक लगा दी गई है। इससे तार फेंसिंग का मामला एक बार फिर से फंसता नजर आ रहा है।

ठेकेदार के टेंडर से संबंधित प्रपत्र पूरे नहीं थे। इसके बाद भी ठेका देने की बात कही जा रही थी। अपूर्ण प्रपत्र होने के कारण जब ठेका नहीं मिला तो ठेकेदार हाईकोर्ट चला गया। अब हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद ही काम शुरू होगा। - नवीन खंडेलवाल, प्रभागीय वनाधिकारी, पीटीआर



इस मामले में जांच कराई जाएगी। भ्रष्टाचार में अगर पीटीआर के किसी कर्मचारी या अधिकारी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - अरुण कुमार सक्सेना, मंत्री पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन
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