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Pilibhit News: लूट के मामले में निलंबित सिपाही ने की आत्महत्या, पूरनपुर कोतवाली में था तैनात
Sun, 16 Jun 2024 12:17 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 16 Jun 2024 12:17 PM IST
सार
हरदोई निवासी रामू तोमर वर्ष 2018 में आरक्षी पद पर भर्ती हुआ था। उसकी पहली नियुक्त पीलीभीत जिले में हुई थी। यहां लूटपाट के मामले में उसे निलंबित किया गया था। वह जेल भी भेजा गया था।
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रामू तोमर का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पीलीभीत के पूरनपुर में क्राइम इंस्पेक्टर बनकर राजमिस्त्री से लूटपाट करने, सीबीआई इंस्पेक्टर बनकर किसान से रुपये छीनने के आरोप में निलंबित सिपाही ने अपने गृह नगर में गर्रा नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। सिपाही पूरनपुर सर्किल के कई थानों में तैनात रहा था। इससे पहले उस पर छेड़खानी, रुपये छीनने के आरोप लगे थे। पहले भी निलंबन हुआ था। घुंघचाई के तत्कालीन एसओ ने गुस्सा में आकर उसे एक रात हवालात में बंद रखवाया था। हालांकि गलती मानने पर तब उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई थी।
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हरदोई जिले के खद्दीपुर चैनसिंह निवासी सिपाही रामू सिंह की तैनाती पूरनपुर कोतवाली में 21 अक्तूबर 2023 को हुई थी। दो मई को उसने ब्रैजा कार से अपने तीन अन्य साथियों के साथ सीओ कार्यालय के समीप गांव ढका जमीमा पूरनपुर निवासी राजमिस्त्री कमर को रोककर खुद को क्राइम इंस्पेक्टर बताकर तलाशी के नाम पर मोबाइल और तीन हजार रुपये लूट लिए थे। इसी दिन नगर में ही सेहरामऊ उत्तरी थाना के गांव दुर्जनपुर कलां निवासी किसान जितेंद्र सिंह को से दो हजार रुपये छीन लिए। 14 हजार रुपये अपने साथी के खाते में ट्रांसफर कर लिए थे।
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पुलिस ने दोनों घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज कर उसे और उसके साथी मोहल्ला रजागंज निवासी सरफराज को गिरफ्तार कर ब्रैजा कार, लूटा गया मोबाइल और पांच हजार रुपये बरामद कर उसका चालान किया था। जेल जाने पर उसे निलंबित कर दिया था। हालांकि रामू सिंह चार-पांच दिन बाद जमानत कराकर जेल से बाहर आ गया था।
रामू सिंह इससे पहले हजारा, घुंघचाई, माधोटांडा थाने में भी तैनात रहा। हजारा थाने में तैनाती के दौरान उस पर महिलाओं से छेड़खानी का आरोप लगा था। तब उसे निलंबित किया गया था। घुंघचाई थाना में तैनाती के दौरान भी उस पर रुपये छीनने आदि के कई आरोप लगे थे। लूट और छिनैती की घटना की रिपोर्ट दर्ज होने, जेल जाने और निलंबन को लेकर सिपाही कई दिनों से परेशान रहता था। वर्तमान में उसकी तैनाती पुलिस लाइन में थी। शनिवार को उसने हरदोई में आत्महत्या कर ली।