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एक घंटा दिखा सूर्यग्रहण, फिल्टर चश्मे, टेलीस्कोप से लोगों ने देखा
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ग्रहण के बाद मंगलवार की शाम को गौरी शंकर मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। सूर्य ग्रहण से पहले ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। शाम को जिले में ग्रहण शाम 4:30 बजे दिखाई दिया। बच्चों ने सौर फिल्टर चश्मे, सोलर स्कोप और टेलीस्कोप से सूर्य ग्रहण का नजारा देखा। शाम को मंदिरों के कपाट खुले। धुलाई के बाद मंदिरों में पूजा अर्चना हुई। हनुमानजी के मंदिर में काफी भीड़ रही।
समाधान विकास समिति विपिनेट क्लब की ओर से उर्मिला देवी ने बताया कि भौतिक विज्ञान की दृष्टि से सूर्य ग्रहण एक अंतरिक्ष में घटित होने वाली घटना है। जब सूर्य व पृथ्वी के बीच में चंद्रमा आ जाता है तो चंद्रमा के पीछे से सूर्य कुछ समय के लिए ढक जाता है। इस घटना को सूर्य ग्रहण कहते हैं। पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है और चंद्रमा पृथ्वी की। कभी-कभी चांद सूरज और धरती के बीच में आ जाता है और सूरज के प्रकाश को धरती पर आने से रोकता है। इस घटना को सूर्यग्रहण कहते हैं। जिला विज्ञान क्लब के पूर्व जिला समन्वय लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि पीलीभीत में सूर्य ग्रहण शाम करीब 4:30 से 5:30 बजे तक दिखा।
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घरों में रहे लोग, करते रहे भजन
धार्मिक आस्था के चलते लोग सूर्य ग्रहण के कारण दोपहर में दो से शाम छह बजे तक घरों में ही रहे। इस दौरान उन्होंने कुछ नहीं खाया। ग्रहण समाप्त के बाद घरों में धुलाई की। गंगाजल छिड़का। इसके बाद ही घरों में पूजा पाठ शुरू हुए।
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समाधान विकास समिति विपिनेट क्लब की ओर से उर्मिला देवी ने बताया कि भौतिक विज्ञान की दृष्टि से सूर्य ग्रहण एक अंतरिक्ष में घटित होने वाली घटना है। जब सूर्य व पृथ्वी के बीच में चंद्रमा आ जाता है तो चंद्रमा के पीछे से सूर्य कुछ समय के लिए ढक जाता है। इस घटना को सूर्य ग्रहण कहते हैं। पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है और चंद्रमा पृथ्वी की। कभी-कभी चांद सूरज और धरती के बीच में आ जाता है और सूरज के प्रकाश को धरती पर आने से रोकता है। इस घटना को सूर्यग्रहण कहते हैं। जिला विज्ञान क्लब के पूर्व जिला समन्वय लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि पीलीभीत में सूर्य ग्रहण शाम करीब 4:30 से 5:30 बजे तक दिखा।
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घरों में रहे लोग, करते रहे भजन
धार्मिक आस्था के चलते लोग सूर्य ग्रहण के कारण दोपहर में दो से शाम छह बजे तक घरों में ही रहे। इस दौरान उन्होंने कुछ नहीं खाया। ग्रहण समाप्त के बाद घरों में धुलाई की। गंगाजल छिड़का। इसके बाद ही घरों में पूजा पाठ शुरू हुए।

पीलीभीत क्षेत्र के बिलसंडा में सूर्य ग्रहण का नजारा। संवाद- फोटो : PILIBHIT
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