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आवास विकास कॉलोनी में मुंशी ने पेट्रोल छिड़कर लगाई खुद को आग, मौत
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अशोक चावला फाइल फोटो।
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। शहर की आवास विकास कॉलोनी में 55 वर्षीय मुंशी अशोक चावला ने पेट्रोल छिड़क कर खुद को आग लगा ली। मोहल्ले के लोग उन्हें जिला अस्पताल लेकर गए। लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के दौरान घर में कोई नहीं था। पुलिस को उनके घर से एक पत्र मिला है। पत्र के बारे में पुलिस अभी ज्यादा कुछ नहीं बता रही है। इतना जरूर बताया कि मामला पूरी तरह से आत्महत्या का ही है।
आवास विकास कॉलोनी निवासी अशोक चावला कचहरी में मुंशी का काम करते थे। पिछले एक महीने से वह कचहरी नहीं जा रहे थे। पत्नी नीलम प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती हैं। पुत्र और पुत्रवधू दिल्ली गए हुए हैं। बृहस्पतिवार सुबह दस बजे अशोक घर में अकेले थे। पत्नी स्कूल गई हुई थीं। दिन में करीब 11 बजे अशोक चावला एक बोतल में पेट्रोल लेकर घर से बाहर निकले और खुद पर छिड़क लिया। पार्क में पेड़ के नीचे आकर खुद को आग लगा दी।
चीख-पुकार होने पर मोहल्ले के लोगों का ध्यान उनकी ओर गया, तो उन्होंने कंबल डालकर आग बुझाई। तब तक अशोक गंभीर रूप से झुलस चुके थे। मोहल्ले के ही लोग उन्हें जिला अस्पताल लेकर गए। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मकान की तलाशी ली तो एक पत्र मिला। जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। सूचना मिलने पर शाम को उनका पुत्र रितिक और पुत्रवधू रितिका भी लौट आए। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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अशोक का बेटा रितिक दिल्ली में एक आईटी कंपनी में जॉब करता है। घर अच्छा बना है और कार भी है। पहले अशोक की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी लेकिन बेटे की जॉब लगने के बाद हालात ठीक हो गए। एक समय में अशोक चावला का परिवार शहर की जानी-मानी हस्ती में शामिल था। शहर में चावला चौराहे का नाम इनके पिता कृष्णपाल चावला के नाम पर ही पड़ा है।
राजीव अब तुम खुश रहो...
कोतवाली पुलिस को घर की तलाशी के दौरान जो पत्र मिला है, उसमें लिखा है कि राजीव अब तुम खुश रहो। हालांकि पुलिस ने अभी पत्र को लेकर कोई खुलासा नहीं किया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि राजीव कौन है। इसके बाद ही पता चल सकेगा कि अशोक चावला ने आत्महत्या क्यों की। मामले की जांच कर रहे कोतवाली के इंस्पेक्टर क्राइम गोविंद सिंह का कहना है कि एसपी को पत्र दिया गया है। निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उत्पीड़न की चर्चा, मगर पुलिस खामोश
अशोक चावला की मौत और उनके सुसाइड नोट मिलने के बाद कॉलोनी में चर्चा हैं कि कोई उनका उत्पीड़न कर रहा था। आशंका जताई जा रही है कि पत्र में उन्होंने मरने की वजह लिखी होगी, लेकिन पुलिस अभी इसे उजागर नहीं कर रही है। अशोक की किसी से कोई रंजिश की बात भी सामने नहीं आई है। पत्नी नीलम ने बताया कि पिछले एक महीने से अशोक कुछ परेशान जरूर थे, लेकिन वह कोई बात घर पर नहीं बताते थे।
घर से एक पत्र मिला है। जो अभी उनके पास नहीं आया है। आत्महत्या क्यों की है। इसकी जांच कराई जाएगी। - दिनेश कुमार पी., एसपी
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आवास विकास कॉलोनी निवासी अशोक चावला कचहरी में मुंशी का काम करते थे। पिछले एक महीने से वह कचहरी नहीं जा रहे थे। पत्नी नीलम प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती हैं। पुत्र और पुत्रवधू दिल्ली गए हुए हैं। बृहस्पतिवार सुबह दस बजे अशोक घर में अकेले थे। पत्नी स्कूल गई हुई थीं। दिन में करीब 11 बजे अशोक चावला एक बोतल में पेट्रोल लेकर घर से बाहर निकले और खुद पर छिड़क लिया। पार्क में पेड़ के नीचे आकर खुद को आग लगा दी।
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चीख-पुकार होने पर मोहल्ले के लोगों का ध्यान उनकी ओर गया, तो उन्होंने कंबल डालकर आग बुझाई। तब तक अशोक गंभीर रूप से झुलस चुके थे। मोहल्ले के ही लोग उन्हें जिला अस्पताल लेकर गए। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मकान की तलाशी ली तो एक पत्र मिला। जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। सूचना मिलने पर शाम को उनका पुत्र रितिक और पुत्रवधू रितिका भी लौट आए। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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अशोक का बेटा रितिक दिल्ली में एक आईटी कंपनी में जॉब करता है। घर अच्छा बना है और कार भी है। पहले अशोक की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी लेकिन बेटे की जॉब लगने के बाद हालात ठीक हो गए। एक समय में अशोक चावला का परिवार शहर की जानी-मानी हस्ती में शामिल था। शहर में चावला चौराहे का नाम इनके पिता कृष्णपाल चावला के नाम पर ही पड़ा है।
राजीव अब तुम खुश रहो...
कोतवाली पुलिस को घर की तलाशी के दौरान जो पत्र मिला है, उसमें लिखा है कि राजीव अब तुम खुश रहो। हालांकि पुलिस ने अभी पत्र को लेकर कोई खुलासा नहीं किया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि राजीव कौन है। इसके बाद ही पता चल सकेगा कि अशोक चावला ने आत्महत्या क्यों की। मामले की जांच कर रहे कोतवाली के इंस्पेक्टर क्राइम गोविंद सिंह का कहना है कि एसपी को पत्र दिया गया है। निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उत्पीड़न की चर्चा, मगर पुलिस खामोश
अशोक चावला की मौत और उनके सुसाइड नोट मिलने के बाद कॉलोनी में चर्चा हैं कि कोई उनका उत्पीड़न कर रहा था। आशंका जताई जा रही है कि पत्र में उन्होंने मरने की वजह लिखी होगी, लेकिन पुलिस अभी इसे उजागर नहीं कर रही है। अशोक की किसी से कोई रंजिश की बात भी सामने नहीं आई है। पत्नी नीलम ने बताया कि पिछले एक महीने से अशोक कुछ परेशान जरूर थे, लेकिन वह कोई बात घर पर नहीं बताते थे।
घर से एक पत्र मिला है। जो अभी उनके पास नहीं आया है। आत्महत्या क्यों की है। इसकी जांच कराई जाएगी। - दिनेश कुमार पी., एसपी

मृतक के घर के बाहर लगी भीड़। संवाद- फोटो : PILIBHIT

इसी कंबल से बुझाई थी आग। संवाद- फोटो : PILIBHIT

आग से झुलसा पेड़। संवाद- फोटो : PILIBHIT