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Pilibhit News: 300 करोड़ चुकाए बिना ही चीनी मिलें बंद होनी शुरू
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- बरखेड़ा की बजाज चीनी मिल पर सबसे ज्यादा 239 करोड़ रुपया है बकाया, 20 मार्च को बंद होगी मिल
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। बजाज, पूरनपुर और बीसलपुर चीनी मिल पर किसानों का अभी 300 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। बरखेड़ा की बजाज चीनी मिल पर इस सत्र का सबसे अधिक 239 करोड़ बकाया है। इस चीनी मिल की ओर से इस सत्र का अब तक कोई भुगतान नहीं किया गया है।
होली पर उम्मीद थी कि चीनी मिलें किसानों का भुगतान करेंगी, लेकिन उन्हें नाउम्मीदी ही हाथ लगी। इससे किसानों की होली का रंग फीका रह गया। जिले की चीनी मिलों पर अभी किसानों की देनदारी बनी हुई है, जबकि सत्र बंद होने को है। महज एलएच चीनी मिल का ही पूरा भुगतान हो सका है। शेष सभी का बाकी है। बरखेड़ा की बजाज चीनी मिल की स्थिति बेहद खराब है। इस सत्र का उसने अब तक कोई भुगतान नहीं किया है। इसको लेकर किसान परेशान हैं। यहां बता दें कि बरखेड़ा चीनी मिल को 32 हजार, पूरनपुर चीनी मिल को 1407 और बीसलपुर चीनी मिल को 16607 किसानों ने गन्ना सप्लाई किया था।
चीनी मिलों पर यह है बकाया
सहकारी चीनी मिल बीसलपुर- 31.81 करोड़
बजाज हिंदुस्थान बरखेड़ा 239.40 करोड़
सहकारी चीनी मिल पूरनपुर - 29.31 करोड़
जिले की चीनी मिलें के बंद होने की स्थिति
एलएच चीनी मिल पीलीभीत 30 अप्रैल
सहकारी चीनी मिल पूरनपुर 30 मार्च
सहकारी चीनी मिल बीसलपुर 30 अप्रैल
बजाज हिंदुस्थान चीनी मिल बरखेड़ा 20 मार्च
किसानों को समय-समय पर भुगतान किया जा रहा है ताकि उनको कोई समस्या न हो। बरखेड़ा चीनी मिल ने इस सत्र का अभी भुगतान शुरू नहीं किया है। इसके लिए निर्देशित किया गया है।
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- जितेंद्र मिश्रा, जिला गन्नाधिकारी
चीनी मिलें भुगतान समय से नहीं कर रही हैं। वहीं सरकार ने अब तक गन्ने का मूल्य घोषित नहीं किया है। किसानों का शोषण हो रहा है। हर ओर से किसानों का ही शोषण किया जा रहा है।
- मंजीत सिंह, जिलाध्यक्ष भाकियू
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। बजाज, पूरनपुर और बीसलपुर चीनी मिल पर किसानों का अभी 300 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। बरखेड़ा की बजाज चीनी मिल पर इस सत्र का सबसे अधिक 239 करोड़ बकाया है। इस चीनी मिल की ओर से इस सत्र का अब तक कोई भुगतान नहीं किया गया है।
होली पर उम्मीद थी कि चीनी मिलें किसानों का भुगतान करेंगी, लेकिन उन्हें नाउम्मीदी ही हाथ लगी। इससे किसानों की होली का रंग फीका रह गया। जिले की चीनी मिलों पर अभी किसानों की देनदारी बनी हुई है, जबकि सत्र बंद होने को है। महज एलएच चीनी मिल का ही पूरा भुगतान हो सका है। शेष सभी का बाकी है। बरखेड़ा की बजाज चीनी मिल की स्थिति बेहद खराब है। इस सत्र का उसने अब तक कोई भुगतान नहीं किया है। इसको लेकर किसान परेशान हैं। यहां बता दें कि बरखेड़ा चीनी मिल को 32 हजार, पूरनपुर चीनी मिल को 1407 और बीसलपुर चीनी मिल को 16607 किसानों ने गन्ना सप्लाई किया था।
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चीनी मिलों पर यह है बकाया
सहकारी चीनी मिल बीसलपुर- 31.81 करोड़
बजाज हिंदुस्थान बरखेड़ा 239.40 करोड़
सहकारी चीनी मिल पूरनपुर - 29.31 करोड़
जिले की चीनी मिलें के बंद होने की स्थिति
एलएच चीनी मिल पीलीभीत 30 अप्रैल
सहकारी चीनी मिल पूरनपुर 30 मार्च
सहकारी चीनी मिल बीसलपुर 30 अप्रैल
बजाज हिंदुस्थान चीनी मिल बरखेड़ा 20 मार्च
किसानों को समय-समय पर भुगतान किया जा रहा है ताकि उनको कोई समस्या न हो। बरखेड़ा चीनी मिल ने इस सत्र का अभी भुगतान शुरू नहीं किया है। इसके लिए निर्देशित किया गया है।
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- जितेंद्र मिश्रा, जिला गन्नाधिकारी
चीनी मिलें भुगतान समय से नहीं कर रही हैं। वहीं सरकार ने अब तक गन्ने का मूल्य घोषित नहीं किया है। किसानों का शोषण हो रहा है। हर ओर से किसानों का ही शोषण किया जा रहा है।
- मंजीत सिंह, जिलाध्यक्ष भाकियू