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चीनी मिलों पर किसानों का 322 करोड़ बकाया
पीलीभीत।
Updated Mon, 06 Apr 2015 11:41 PM IST
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गन्ना पेराई सत्र
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समाप्त होने को है। जिले की चार मिलों में बजाज बरखेड़ा और पूरनपुर की
सहकारी चीनी मिल बंद हो चुकी है। बीसलपुर सहकारी मिल भी जल्द बंद होने की आश्ांका है। इसके बाद भी किसानों का करीब 321.55 करोड़ रुपये चारों चीनी
मिलें दबाए बैठी हैं। सर्वाधिक बकाया बंद हो चुकी बजाज की बरखेड़ा मिल पर
140 करोड़ रुपये है।
जिले में गन्ना की सप्लाई शहर स्थित एलएच शुगर मिल, बरखेड़ा स्थित बजाज मिल, पूरनपुर और बीसलपुर की सहकारी मिलों में होता है। इसके अलावा जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों का गन्ना दूसरे जिलों की मिलों में भी सप्लाई होता है। जिले की चारों मिलों की बात करें तो बरखेड़ा की बजाज मिल 24 मार्च को बंद हो चुकी है। पूरनपुर की सहकारी मिल 5 अप्रैल को बंद हो गई।
केवल बीसलपुर और शहर की एलएच मिल ही चल रही है। सूत्रों के अनुसार एक सप्ताह में बीसलपुर की मिल भी बंद हो जाएगी। अब जिले में शेष बचे गन्ने की सप्लाई एलएच मिल को होनी है। ऐसे में सभी गन्ने की सप्लाई कैसे होगी, इसको लेकर किसान चिंतित हैं। गन्ना समितियों और गन्ना भवन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान पर्ची न मिलने की शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं।
किसानों की दूसरी सबसे बड़ी समस्या भुगतान न होने की है। चारों मिलों ने किसानों द्वारा अब तक खरीदे गए कुल 242.29 लाख कुंतल गन्ने के मूल्य 670 करोड़ के सापेक्ष 348.98 करोड़ का भुगतान कर दिया है, जबकि 321.55 करोड़ रुपया अभी भी बकाया है।
कैसे सप्लाई होगा पूरा गन्ना
सरकार और कोर्ट ने खेतों में गन्ना रहने तक मिलें बंद न करने के आदेश दिए हैं, जबकि जिले की दो मिलें बंद हो चुकी हैं। शेष दो मिलें भी जल्द बंद होने की तैयारी में हैं। ऐसे में खेतों में खड़े गन्ने की सप्लाई कैसे होगी इसको लेकर किसान परेशान हैं। ग्राम महुआ के बाज सिंह, कारज सिंह, परमजीत सिंह आदि ने बताया कि उनका अभी लगभग सात एकड़ गन्ना खड़ा है और अभी आधी पर्चियां भी नहीं मिली हैं। वहीं एक अन्य किसान भूपाल राम ने बताया कि उनके परिवार के तीन लोगों के नाम 25 पर्चियां जारी होनी हैं। अभी तक मात्र आठ पर्चियां ही मिलीं हैं। ऐसे में यदि मिल गेट फ्री भी कर दें तो वह एक-दो दिन में गन्ने की छिलाई कर सप्लाई कैसे करेंगे।
अभी भी बाकी है 25 लाख कुंतल गन्ना
जिले की दो मिलों के बंद होने और शेष दोनों के जल्द होने की जानकारी से किसान परेशान हैं। अभी किसानों को करीब 25 लाख हेक्टेअर क्विंटल गन्ना बाकी है। दो मिलें इस गन्ने की पेराई कैसें करेंगी यह बड़ा सवाला है।
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पीलीभीत समिति और बीसलपुर के अंतर्गत पड़ने वाले क्षेत्र का रि सर्वे कराया गया है। इसमें करीब 20 लाख कुंतल गन्ना बाकी होने का अनुमान है। एलएच मिल की क्षमता एक लाख कुंतल प्रतिदिन है और बीसलपुर मिल भी चल रही है। सभी गन्ने की पेराई के बाद ही मिल बंद होगी।
- राजेश्वर यादव, डीसीओ
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मिलवार किसानों का बकाया
मिल बकाया
पीलीभीत 106.29
बरखेड़ा 140.17
पूरनपुर 37.45
बीसलपुर 37.64
------------------
कुल योग 321.55
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नोट : बकाया मूल्य करोड़ में।
जिले में गन्ना की सप्लाई शहर स्थित एलएच शुगर मिल, बरखेड़ा स्थित बजाज मिल, पूरनपुर और बीसलपुर की सहकारी मिलों में होता है। इसके अलावा जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों का गन्ना दूसरे जिलों की मिलों में भी सप्लाई होता है। जिले की चारों मिलों की बात करें तो बरखेड़ा की बजाज मिल 24 मार्च को बंद हो चुकी है। पूरनपुर की सहकारी मिल 5 अप्रैल को बंद हो गई।
केवल बीसलपुर और शहर की एलएच मिल ही चल रही है। सूत्रों के अनुसार एक सप्ताह में बीसलपुर की मिल भी बंद हो जाएगी। अब जिले में शेष बचे गन्ने की सप्लाई एलएच मिल को होनी है। ऐसे में सभी गन्ने की सप्लाई कैसे होगी, इसको लेकर किसान चिंतित हैं। गन्ना समितियों और गन्ना भवन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान पर्ची न मिलने की शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं।
किसानों की दूसरी सबसे बड़ी समस्या भुगतान न होने की है। चारों मिलों ने किसानों द्वारा अब तक खरीदे गए कुल 242.29 लाख कुंतल गन्ने के मूल्य 670 करोड़ के सापेक्ष 348.98 करोड़ का भुगतान कर दिया है, जबकि 321.55 करोड़ रुपया अभी भी बकाया है।
कैसे सप्लाई होगा पूरा गन्ना
सरकार और कोर्ट ने खेतों में गन्ना रहने तक मिलें बंद न करने के आदेश दिए हैं, जबकि जिले की दो मिलें बंद हो चुकी हैं। शेष दो मिलें भी जल्द बंद होने की तैयारी में हैं। ऐसे में खेतों में खड़े गन्ने की सप्लाई कैसे होगी इसको लेकर किसान परेशान हैं। ग्राम महुआ के बाज सिंह, कारज सिंह, परमजीत सिंह आदि ने बताया कि उनका अभी लगभग सात एकड़ गन्ना खड़ा है और अभी आधी पर्चियां भी नहीं मिली हैं। वहीं एक अन्य किसान भूपाल राम ने बताया कि उनके परिवार के तीन लोगों के नाम 25 पर्चियां जारी होनी हैं। अभी तक मात्र आठ पर्चियां ही मिलीं हैं। ऐसे में यदि मिल गेट फ्री भी कर दें तो वह एक-दो दिन में गन्ने की छिलाई कर सप्लाई कैसे करेंगे।
अभी भी बाकी है 25 लाख कुंतल गन्ना
जिले की दो मिलों के बंद होने और शेष दोनों के जल्द होने की जानकारी से किसान परेशान हैं। अभी किसानों को करीब 25 लाख हेक्टेअर क्विंटल गन्ना बाकी है। दो मिलें इस गन्ने की पेराई कैसें करेंगी यह बड़ा सवाला है।
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पीलीभीत समिति और बीसलपुर के अंतर्गत पड़ने वाले क्षेत्र का रि सर्वे कराया गया है। इसमें करीब 20 लाख कुंतल गन्ना बाकी होने का अनुमान है। एलएच मिल की क्षमता एक लाख कुंतल प्रतिदिन है और बीसलपुर मिल भी चल रही है। सभी गन्ने की पेराई के बाद ही मिल बंद होगी।
- राजेश्वर यादव, डीसीओ
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मिलवार किसानों का बकाया
मिल बकाया
पीलीभीत 106.29
बरखेड़ा 140.17
पूरनपुर 37.45
बीसलपुर 37.64
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कुल योग 321.55
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नोट : बकाया मूल्य करोड़ में।