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असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ छात्रा ने अदालत में बयान दर्ज कराए
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पीलीभीत। दुष्कर्म के आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ छात्रा ने सोमवार को न्यायालय में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत अपने बयान को कलमबंद कराया। इससे पहले जिला संयुक्त चिकित्सालय में मेडिकल कराया गया।
न्यायालय में बयान दर्ज होने के बाद पीड़िता के परिजन ने बताया कि छात्रा ने अपने ऊपर हुए अत्याचार पर बयान दिया है। विवेचना में अब कलमबंद बयानों का अत्यधिक महत्व है क्योंकि यह बयान न्यायिक मजिस्ट्रेट के द्वारा स्वयं अंकित किए जाते हैं। कानून के जानकारों ने बताया कि जिस समय पीड़िता का बयान होता है उस समय वहां पर संबंधित मजिस्ट्रेट के अलावा अन्य कोई पुलिसकर्मी भी मौजूद नहीं होता है। इस कारण पीड़िता को अपना बयान अंकित कराने में कोई भी असुविधा नहीं होती है। अदालत में पीड़िता द्वारा दिया गया कलमबंद बयान साक्ष्य की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में माना जाता है। न्यायालय में बयान अंकित होने के बाद विवेचक न्यायालय में अर्जी देकर बयान का अवलोकन करते हैं। उस अवलोकन के सार को केस डायरी में अंकित किया जाता है।
बता दें कि बीएससी की छात्रा ने महिला महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर कामरान आलम खान के खिलाफ 21 नवंबर को दुष्कर्म और सेक्स रैकेट संचालित करने के आरोप के साथ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अभी तक सेक्स रैकेट के संबंध में पुलिस साक्ष्य नहीं जुटा सकी है लेकिन दुष्कर्म के आरोप में असिस्टेंट प्रोफेसर को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने 26 नवंबर को गिरफ्तार किया था। अदालत ने उसे 27 नवंबर को जेल भेजा था।
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न्यायालय में बयान दर्ज होने के बाद पीड़िता के परिजन ने बताया कि छात्रा ने अपने ऊपर हुए अत्याचार पर बयान दिया है। विवेचना में अब कलमबंद बयानों का अत्यधिक महत्व है क्योंकि यह बयान न्यायिक मजिस्ट्रेट के द्वारा स्वयं अंकित किए जाते हैं। कानून के जानकारों ने बताया कि जिस समय पीड़िता का बयान होता है उस समय वहां पर संबंधित मजिस्ट्रेट के अलावा अन्य कोई पुलिसकर्मी भी मौजूद नहीं होता है। इस कारण पीड़िता को अपना बयान अंकित कराने में कोई भी असुविधा नहीं होती है। अदालत में पीड़िता द्वारा दिया गया कलमबंद बयान साक्ष्य की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में माना जाता है। न्यायालय में बयान अंकित होने के बाद विवेचक न्यायालय में अर्जी देकर बयान का अवलोकन करते हैं। उस अवलोकन के सार को केस डायरी में अंकित किया जाता है।
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बता दें कि बीएससी की छात्रा ने महिला महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर कामरान आलम खान के खिलाफ 21 नवंबर को दुष्कर्म और सेक्स रैकेट संचालित करने के आरोप के साथ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अभी तक सेक्स रैकेट के संबंध में पुलिस साक्ष्य नहीं जुटा सकी है लेकिन दुष्कर्म के आरोप में असिस्टेंट प्रोफेसर को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने 26 नवंबर को गिरफ्तार किया था। अदालत ने उसे 27 नवंबर को जेल भेजा था।
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