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खारकीव से पोलैंड बार्डर पहुंचा पूरनपुर का हैदर खां
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पूरनपुर। यूक्रेन के खारकीव में फंसे एमबीबीएस के छात्र हैदर खां पैदल और ट्रेन से सफर कर पोलैंड बार्डर बुधवार को पहुंच गए। सफर का जोखिम और तकलीफ भरी दास्तां हैदर ने अपने परिजन से साझा की। पुत्र कब और कैसे घर पहुंचेगा? इसको लेकर उसके परिवार वाले लगातार चिंता में हैं।
मोहल्ला साहूकारा निवासी राइस मिलर अजीम खां का बेटा यूक्रेन में चल रहे युद्ध को लेकर पिछले कई दिन से फंसा हुआ है। बेटे का हर पल हाल जानने को उसके घर वाले परेशान रहते हैं। हैदर मंगलवार को अपने कुछ साथियों के साथ खारकीव से पैदल बार्डर की ओर निकल पड़ा था। अजीम खां ने बताया कि 20 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करने के बाद बेटा ट्रेन में सवार हुआ। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह 10 बजे बेटे से हुई बात पर उसने पोलैंड बार्डर पहुंचने की जानकारी दी। साथ ही तीन, चार घंटे तक उसका संपर्क कटा रहेगा इसकी जानकारी दी।
धमाकों के बीच हर्षित खारकीव से पोलैंड जाने की कर रहा तैयारी
पूरनपुर। हजारा के गांव मोरनिया गांधीनगर निवासी हर्षित शुक्ला धमाकों के बीच बुधवार को सुबह तक खारकीव में बंकर में था। वह पोलैंड जाने की तैयारी में है। हर्षित ने अपने पिता प्रदीप शुक्ला को मंगलवार रात को मोबाइल पर बात की। तब धमाकों के न रुकने की जानकारी देकर बताया कि अभी बंकर में है। उसने पोलैंड के रास्ते भारत आने के लिए बार्डर तक पहुंचने की अनुमति पिता से मांगी। हर्षित के पिता ने रात को ही अपनी स्वीकृति हर्षित को दी है। प्रदीप शुक्ला ने बताया कि पुत्र को यूक्रेन में है और पल पल खबर ले रहे हैं।
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बलजीत और मनदीप गुरुद्वारा में सुरक्षित
पूरनपुर। गांव भोपतपुर निवासी बलजीत सिंह अपनी पत्नी मनदीप कौर के साथ तीन महीने पहले यूक्रेन गए थे। युद्ध में फंसे पति-पत्नी की तीन दिन तक मां से बात नहीं हुई। मंगलवार को बलजीत सिंह ने किसी अन्य के मोबाइल से मां को फोन कर सुरक्षित होने की जानकारी दी थी। बलजीत के फुफेरे भाई मनवीर सिंह ने बताया कि बलवीर ने बुधवार को सुबह करीब छह बजे अपनी मां को दूसरे किसी के मोबाइल से फोन कर यूक्रेन में एक गुरुद्वारा में पत्नी के साथ सुरक्षित होने की जानकारी दी। साथ ही चिंता न करने को कहा।
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मोहल्ला साहूकारा निवासी राइस मिलर अजीम खां का बेटा यूक्रेन में चल रहे युद्ध को लेकर पिछले कई दिन से फंसा हुआ है। बेटे का हर पल हाल जानने को उसके घर वाले परेशान रहते हैं। हैदर मंगलवार को अपने कुछ साथियों के साथ खारकीव से पैदल बार्डर की ओर निकल पड़ा था। अजीम खां ने बताया कि 20 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करने के बाद बेटा ट्रेन में सवार हुआ। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह 10 बजे बेटे से हुई बात पर उसने पोलैंड बार्डर पहुंचने की जानकारी दी। साथ ही तीन, चार घंटे तक उसका संपर्क कटा रहेगा इसकी जानकारी दी।
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धमाकों के बीच हर्षित खारकीव से पोलैंड जाने की कर रहा तैयारी
पूरनपुर। हजारा के गांव मोरनिया गांधीनगर निवासी हर्षित शुक्ला धमाकों के बीच बुधवार को सुबह तक खारकीव में बंकर में था। वह पोलैंड जाने की तैयारी में है। हर्षित ने अपने पिता प्रदीप शुक्ला को मंगलवार रात को मोबाइल पर बात की। तब धमाकों के न रुकने की जानकारी देकर बताया कि अभी बंकर में है। उसने पोलैंड के रास्ते भारत आने के लिए बार्डर तक पहुंचने की अनुमति पिता से मांगी। हर्षित के पिता ने रात को ही अपनी स्वीकृति हर्षित को दी है। प्रदीप शुक्ला ने बताया कि पुत्र को यूक्रेन में है और पल पल खबर ले रहे हैं।
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बलजीत और मनदीप गुरुद्वारा में सुरक्षित
पूरनपुर। गांव भोपतपुर निवासी बलजीत सिंह अपनी पत्नी मनदीप कौर के साथ तीन महीने पहले यूक्रेन गए थे। युद्ध में फंसे पति-पत्नी की तीन दिन तक मां से बात नहीं हुई। मंगलवार को बलजीत सिंह ने किसी अन्य के मोबाइल से मां को फोन कर सुरक्षित होने की जानकारी दी थी। बलजीत के फुफेरे भाई मनवीर सिंह ने बताया कि बलवीर ने बुधवार को सुबह करीब छह बजे अपनी मां को दूसरे किसी के मोबाइल से फोन कर यूक्रेन में एक गुरुद्वारा में पत्नी के साथ सुरक्षित होने की जानकारी दी। साथ ही चिंता न करने को कहा।