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Pilibhit News: कागजों में स्ट्रीट लाइटों का उजाला, अंधेरे में डूबी सड़कें
Sun, 17 Aug 2025 11:42 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 17 Aug 2025 11:42 PM IST
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अंधेरे में डूबा शहर का डिग्री कॉलेज मार्ग। संवाद
पीलीभीत। शहर के कई मुख्य सड़कों के खंभों पर लगी स्ट्रीट लाइटों से रोशनी गायब हो गई है। इससे शाम होते ही सड़कों पर अंधेरा छा जाता है। हजारों लोगों के आवागमन वाले इन मार्गों पर घने अंधेरे के चलते लोग रात में निकलने से कतराते हैं। कई बार नगर पालिका सहित प्रशासनिक जिम्मेदारों का भी इन अंधेरे में डूबी सड़कों से निकलना होता है, लेकिन फिर भी सुधार नहीं कराया जा सका। नतीजतन अंधेरे के चलते इन सड़कों पर अनहोनी का डर भी बना रहता है।
हर साल की तरह से इस साल भी बरसात रुक-रुककर हो रही है। बरसात से जहां गर्मी से लोगों को राहत मिली है। वहीं, शहर के कई मुख्य सड़कों की स्ट्रीट लाइटें खराब कर दी हैं। इससे शहर की कई मुख्य सड़कें अंधेरे में डूबी रहती हैं। लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। शहर के बाहर जाने वाले नई बस्ती से डिग्री कॉलेज मार्ग पर आधे से ज्यादा खंभों पर लाइटें नहीं हैंं। जबकि जिन खंभों पर लाइटें हैं वे खराब पड़ी हैं।
अंधेरे में सड़क के मोड़ पर हादसे का डर बना रहता है। ऐसे में परेशान होकर लोग दूसरी सड़क से गुजरने को मजबूर है। शहर के घनी आबादी वाला लालरोड मार्ग जमनी के चौराहे से लेकर बिजली घर चौराहे तक पूरा अंधेरे में डूबा है, यहां खंभे तो लगे हैं लेकिन नगर पालिका की ओर से लंबे समय से लाइटें नहीं लगाई गई हैं। कपड़ा बाजार होने के चलते आबादी को दुकानों की रोशनी से सहारा है। कई बार लोग लाइटें लगाने को लेकर नगर पालिका में शिकायत कर चुके है। गैस चौराहे से देशनगर जाने वाले मार्ग पर भी खंभों पर लाइटें नहीं हैं, जबकि रोड से लगकर कई लोगों के घर बने हुए हैं, शाम होते ही इन घरों के बाहर अंधेरा छा जाता है।
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इधर सुनगढ़ी थाने से नई बस्ती चौराहे जाने वाले मार्ग पर एक भी खंभे पर लाइट नहीं है, जबकि मार्ग पर आवागमन हजारों लोगों का रहता है। देखने की बात यह है कि इस अंधेरे में डूबी सड़क से रात में नगर पालिका व प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों का भी निकलना होता है, लेकिन कभी जिम्मेदारों ने सड़क पर रुककर समस्या देखनी जरूरी नहीं समझी।
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लाइटों को लेकर प्रशासन से हो चुकी है शिकायत
शहर में लाइटों की खरीद प्रक्रिया पर नगर पालिका पर आरोप लग चुके हैं। इसके लिए कुछ सभासदों ने प्रशासनिक अफसरों से शिकायत भी दर्ज कराई थी। मामले में कमिश्नर से भी डाक द्वारा पत्र भेजकर जांच की मांग की गई। हालांकि अभी तक सभासदों की शिकायत का कोई निष्कर्ष नही निकला।
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वर्जन
फरवरी में नगर पालिका द्वारा लाइटों की खरीद की गई थी। लाइटों की शहर में समस्या है, जल्द ही दोबारा लाइटें खरीदकर लगवाई जाएंगी। बरसात के कारण कुछ खराब हो गई हैं। डॉॅ. आस्था अग्रवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद
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हर साल की तरह से इस साल भी बरसात रुक-रुककर हो रही है। बरसात से जहां गर्मी से लोगों को राहत मिली है। वहीं, शहर के कई मुख्य सड़कों की स्ट्रीट लाइटें खराब कर दी हैं। इससे शहर की कई मुख्य सड़कें अंधेरे में डूबी रहती हैं। लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। शहर के बाहर जाने वाले नई बस्ती से डिग्री कॉलेज मार्ग पर आधे से ज्यादा खंभों पर लाइटें नहीं हैंं। जबकि जिन खंभों पर लाइटें हैं वे खराब पड़ी हैं।
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अंधेरे में सड़क के मोड़ पर हादसे का डर बना रहता है। ऐसे में परेशान होकर लोग दूसरी सड़क से गुजरने को मजबूर है। शहर के घनी आबादी वाला लालरोड मार्ग जमनी के चौराहे से लेकर बिजली घर चौराहे तक पूरा अंधेरे में डूबा है, यहां खंभे तो लगे हैं लेकिन नगर पालिका की ओर से लंबे समय से लाइटें नहीं लगाई गई हैं। कपड़ा बाजार होने के चलते आबादी को दुकानों की रोशनी से सहारा है। कई बार लोग लाइटें लगाने को लेकर नगर पालिका में शिकायत कर चुके है। गैस चौराहे से देशनगर जाने वाले मार्ग पर भी खंभों पर लाइटें नहीं हैं, जबकि रोड से लगकर कई लोगों के घर बने हुए हैं, शाम होते ही इन घरों के बाहर अंधेरा छा जाता है।
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इधर सुनगढ़ी थाने से नई बस्ती चौराहे जाने वाले मार्ग पर एक भी खंभे पर लाइट नहीं है, जबकि मार्ग पर आवागमन हजारों लोगों का रहता है। देखने की बात यह है कि इस अंधेरे में डूबी सड़क से रात में नगर पालिका व प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों का भी निकलना होता है, लेकिन कभी जिम्मेदारों ने सड़क पर रुककर समस्या देखनी जरूरी नहीं समझी।
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लाइटों को लेकर प्रशासन से हो चुकी है शिकायत
शहर में लाइटों की खरीद प्रक्रिया पर नगर पालिका पर आरोप लग चुके हैं। इसके लिए कुछ सभासदों ने प्रशासनिक अफसरों से शिकायत भी दर्ज कराई थी। मामले में कमिश्नर से भी डाक द्वारा पत्र भेजकर जांच की मांग की गई। हालांकि अभी तक सभासदों की शिकायत का कोई निष्कर्ष नही निकला।
वर्जन
फरवरी में नगर पालिका द्वारा लाइटों की खरीद की गई थी। लाइटों की शहर में समस्या है, जल्द ही दोबारा लाइटें खरीदकर लगवाई जाएंगी। बरसात के कारण कुछ खराब हो गई हैं। डॉॅ. आस्था अग्रवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद

अंधेरे में डूबा शहर का डिग्री कॉलेज मार्ग। संवाद

अंधेरे में डूबा शहर का डिग्री कॉलेज मार्ग। संवाद