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स्ट्रीट लाइट घोटाला : प्रधानों और सचिवों से होगी रिकवरी
सार
स्ट्रीट लाइट घोटाला : प्रधानों और सचिवों से होगी रिकवरी- डीएम बोले- नोटिस भेजकर सभी से मांगा जाएगा स्पष्टीकरण, फिर होगी कार्रवाई- जिले की 720 ग्राम पंचायतों में से 229 में मानकों के अनुसार नहीं थीं स्ट्रीट लाइटेंसंवाद न्यूज एजेंसी पीलीभीत। जांच में गड़बड़ी मिलने के बाद संबंधित ग्राम पंचायत के प्रधान, सचिव और एडीओ पंचायत की जिम्मेदारी तय की गई। जिले के वर्तमान डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने मामले को गंभीरता से लिया है।
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स्ट्रीट लाइट
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विस्तार
डीएम बोले- नोटिस भेजकर सभी से मांगा जाएगा स्पष्टीकरण, फिर होगी कार्रवाई
जिले की 720 ग्राम पंचायतों में से 229 में मानकों के अनुसार नहीं थीं स्ट्रीट लाइटें
पीलीभीत। स्ट्रीट लाइट घोटाले में प्रशासन प्रधानों और सचिवों से रिकवरी कराने के मूड में है। इस मामले में एडीओ पंचायत, प्रधान व सचिव को नोटिस भेजे जाएंगे। डीएम ने बताया कि इसके बाद रिकवरी की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
तत्कालीन डीएम पुलकित खरे के कार्यकाल में ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट लगाने में गड़बड़ी की बात सामने आई थी। शासन तक मामला पहुंचा तो जिले की 720 ग्राम पंचायतों की जांच कराई गई। इनमें 229 में गड़बड़ी सामने आई। जांच में पता चला कि मानकों के अनुसार लाइट नहीं लगाई गईं। शासन द्वारा कंपनियों की जगह बाजार से सस्ती स्ट्रीट लाइटें खरीदकर लगा दी गईं, जबकि बिल का भुगतान स्टैंडर्ड कंपनी के हिसाब से कराया गया।
सूूत्रों का कहना है कि बाजार में जो स्ट्रीट लाइट 600 से 700 रुपये में मिलती है, उसकी कीमत दो हजार रुपये से ज्यादा दिखाई गई। जिले में करीब ढाई करोड़ की स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं। हैरत इस बात की है कि किसी जिम्मेदार अधिकारी ने खरीद प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं किया और ठेकेदार का भुगतान करा दिया गया। जांच में गड़बड़ी मिलने के बाद संबंधित ग्राम पंचायत के प्रधान, सचिव और एडीओ पंचायत की जिम्मेदारी तय की गई। हालांकि नोटिस किसी को जारी नहीं किया गया। जिले के वर्तमान डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित प्रधानों, सचिवों और एडीओ पंचायत के नोटिस तैयार कर लिए गए हैं। अब उसे भिजवाना शेष है। एक दो दिन में नोटिस भेजने शुरू कर दिए जाएंगे। इसके बाद रिकवरी होगी।
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इस मामले में जिम्मेदार प्रधान, सचिव व एडीओ पंचायत को नोटिस भेजे जाएंगे। नोटिस तैयार करा लिए गए हैं। जल्द ही रिकवरी की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- प्रवीण कुमार लक्षकार, डीएम
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जिले की 720 ग्राम पंचायतों में से 229 में मानकों के अनुसार नहीं थीं स्ट्रीट लाइटें
पीलीभीत। स्ट्रीट लाइट घोटाले में प्रशासन प्रधानों और सचिवों से रिकवरी कराने के मूड में है। इस मामले में एडीओ पंचायत, प्रधान व सचिव को नोटिस भेजे जाएंगे। डीएम ने बताया कि इसके बाद रिकवरी की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
तत्कालीन डीएम पुलकित खरे के कार्यकाल में ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट लगाने में गड़बड़ी की बात सामने आई थी। शासन तक मामला पहुंचा तो जिले की 720 ग्राम पंचायतों की जांच कराई गई। इनमें 229 में गड़बड़ी सामने आई। जांच में पता चला कि मानकों के अनुसार लाइट नहीं लगाई गईं। शासन द्वारा कंपनियों की जगह बाजार से सस्ती स्ट्रीट लाइटें खरीदकर लगा दी गईं, जबकि बिल का भुगतान स्टैंडर्ड कंपनी के हिसाब से कराया गया।
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सूूत्रों का कहना है कि बाजार में जो स्ट्रीट लाइट 600 से 700 रुपये में मिलती है, उसकी कीमत दो हजार रुपये से ज्यादा दिखाई गई। जिले में करीब ढाई करोड़ की स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं। हैरत इस बात की है कि किसी जिम्मेदार अधिकारी ने खरीद प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं किया और ठेकेदार का भुगतान करा दिया गया। जांच में गड़बड़ी मिलने के बाद संबंधित ग्राम पंचायत के प्रधान, सचिव और एडीओ पंचायत की जिम्मेदारी तय की गई। हालांकि नोटिस किसी को जारी नहीं किया गया। जिले के वर्तमान डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित प्रधानों, सचिवों और एडीओ पंचायत के नोटिस तैयार कर लिए गए हैं। अब उसे भिजवाना शेष है। एक दो दिन में नोटिस भेजने शुरू कर दिए जाएंगे। इसके बाद रिकवरी होगी।
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इस मामले में जिम्मेदार प्रधान, सचिव व एडीओ पंचायत को नोटिस भेजे जाएंगे। नोटिस तैयार करा लिए गए हैं। जल्द ही रिकवरी की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- प्रवीण कुमार लक्षकार, डीएम