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दवा उद्योग में बंद हो अमेरिकी हस्तक्षेप
plibhit
Updated Wed, 16 Dec 2015 10:49 PM IST
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मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव ने एक दिन की हड़ताल रख देश के दवा उद्योग में अमेरिकी हस्तक्षेप बंद कराने की मांग की। रिप्रेजेंटेटिव ने जीवन रक्षक दवाओं को सस्ता करने के लिए उत्पाद शुल्क कम करने की मांग की।
फेडरेशन आफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर उप्र एवं उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन के सदस्य बुधवार को हड़ताल पर रहे। कार्यालय पर हुई बैठक में प्रदेश संयुक्त सचिव एमएस धामी ने कहा कि देश के दवा उद्योग में अमेरिकी हस्तक्षेप बंद होना चाहिए। साथ ही दवा कारोबार में शत प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को सरकार को तुरंत वापस लेना चाहिए।
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उन्होंने दवा कंपनियों द्वारा किए जा रहे अनैतिक व्यापार पर लगाम लगाने, दवा कारोबार में श्रम कानूनों को लागू कराने, महिला कर्मियों को छह माह का मातृत्व अवकाश देने और सेल्स रिप्रेजेंटेटिव को कंपनियों द्वारा नियुक्ति पत्र देने, न्यूनतम वेतन 15 हजार करने सहित कई मांगे भी रखी। बैठक के दौरान सदस्यों ने मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव अमित गंगवार का कंपनी द्वारा किसी कारण गाजियाबाद स्थानांतरित करने की निंदा की गई।
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इस मौके पर सुनील प्रजापति, अमित गंगवार, हरेंद्र सिंह, अमर गुप्ता, शिव नरायन शर्मा, मनोज कश्यप, रूपेंद्र सिंह, नलिन सक्सेना, विकास सक्सेना, मनीष दुबे, उमेश गुप्ता, जगदीश सक्सेना, अनुराग मेहरा, मेवाराम, एसएस बोरा, सूरज शर्मा, महेश राठौर, मनोज वर्मा, आशीष छेत्री, रवि राठौर मौजूद रहे।