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...तो नौजल्हा, महाराजपुर में हो सकता है जलभराव
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 01 Jul 2016 10:40 PM IST
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मानसून की सक्रियता बढने से शारदा किनारे बसे लोगों के माथे पर सिलवटें बढ़ती जा रही हैं। आबादी क्षेत्र व शारदा डैम को सुरक्षित रखने को इस बार नोमेंस लैंड से लेकर सनेड़ी तटबंध तक बांध बनाया जा रहा है, जिससे इस ओर कटान की संभावना तो नहीं दिखाई दे रही है, लेकिन इस बांध के बन जाने से पहली बार जगबूड़ा नदी की बाढ़ के पानी से नौजल्हा नंबर एक, दो और महाराजपुर में भारी जलभराव होने की आशंका है।
बाढ़ खंड डिवीजन के अभियंता नौजल्हा नंबर दो में शारदा नदी के कटान एवं बाढ़ से होने वाली तबाही को रोकने को कई साल से प्रयासरत रहे हैं। पहले नदी का दायां किनारा शारदा सागर खंड के पास था। तब उस खंड के अभियंताओं ने यहां डेढ़ दर्जन स्पर बनाए थे, लेकिन इन स्परों के निर्माण में घपलेबाजी के चलते यह स्पर एक ही बरसात में नदी की भेंट चढ़ गए। साथ ही नदी ने कृषि भूमि का एक बड़ा क्षेत्रफल निगल लिया था।
करोड़ों फूंकने के बाद
भी नहीं मिली राहत
तीन वर्षों से बाढ़ खंड ने भी इस इलाके में अपनी ताकत झोंकी और सीआरएफ सहित कई योजनाओं से करोड़ों रुपये खर्च कर यहां जिओ बैग के स्पर बनाए थे, लेकिन वह भी कारगर साबित नहीं हो सके। मात्र यहां बना एक बैडवार ही नदी के धार का प्रवाह कम करने में आजतक कारगर साबित हुआ था।
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इस बार बाढ़ खंड ने बनाया बांध
बाढ़ खंड के अभियंताओं ने एक बड़ा प्रोजेक्ट मंजूर कराकर नोमेंस लैंड से नौजल्हा नंबर एक में बने सनेड़ी तटबंध तक दांये किनारे में पर एक बांध बनाया है। इससे यह तय माना जा रहा है कि नदी अब दाएं किनारे पर कटान नहीं कर सकेगी, लेकिन बांध के बनने से नौजल्हा नंबर एक और दो, महाराजपुर सहित गभिया सहराई का इलाका जगबूड़ा नदी की बाढ़ से आबादी क्षेत्र सहित कृषि फसलों को बाढ़ के समय डूबने के आसार पैदा हो गए हैं। हालांकि बाढ़ खंड ने जगबूड़ा के पानी के निकास को बांध पर कई स्थानों पर निकास की जगह छोड़कर उसे बनाया है।
गत वर्ष कई इलाकों में घुसा था जगबूड़ा का पानी
जगबूड़ा नदी तो वैसे यहां नेपाली क्षेत्र में नोमेंस लैंड के नजदीक बहती है, लेकिन बूंदीभूड़ में उसका दायां किनारा भारतीय क्षेत्र में होने के चलते वहां दो वर्ष पूर्व स्पर बनाए गए थे। उसके आगे नौजल्हा के जंगल से लेकर सीमा पिलर नंबर 21 तक कई इलाकों में जगबूड़ा के बाढ़ के पानी ने बाढ़ के समय कई धाराएं बना ली थी। गनीमत यह रही थी कि गत वर्ष जगबूड़ा में मात्र एक बार ही बाढ़ आई थी। इसी के चलते नौजल्हा के ग्रामीणों ने नोमेंस लैंड से सटे इलाके को ऊंचा करवाने की मांग की थी, लेकिन बाढ़ खंड के अभियंताओं का कहना था कि यहां नदी नेपाली क्षेत्र में बह रही है। इसी लिए इसको ऊंचा नहीं किया जा सकता।
नदी का कटान रोकने को सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर प्रोजेक्ट बनाया है। मार्जनल बांध बनाने से नदी का कटान रुक जाएगा। बांध के बीच बीच में पानी निकास को कट बनाए गए हैं, ऐसे में जगबूड़ा की बाढ़ का पानी बिना किसी नुकसान के शारदा में चला जाएगा।
- मिन्हाज अहमद, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड
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बाढ़ खंड डिवीजन के अभियंता नौजल्हा नंबर दो में शारदा नदी के कटान एवं बाढ़ से होने वाली तबाही को रोकने को कई साल से प्रयासरत रहे हैं। पहले नदी का दायां किनारा शारदा सागर खंड के पास था। तब उस खंड के अभियंताओं ने यहां डेढ़ दर्जन स्पर बनाए थे, लेकिन इन स्परों के निर्माण में घपलेबाजी के चलते यह स्पर एक ही बरसात में नदी की भेंट चढ़ गए। साथ ही नदी ने कृषि भूमि का एक बड़ा क्षेत्रफल निगल लिया था।
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करोड़ों फूंकने के बाद
भी नहीं मिली राहत
तीन वर्षों से बाढ़ खंड ने भी इस इलाके में अपनी ताकत झोंकी और सीआरएफ सहित कई योजनाओं से करोड़ों रुपये खर्च कर यहां जिओ बैग के स्पर बनाए थे, लेकिन वह भी कारगर साबित नहीं हो सके। मात्र यहां बना एक बैडवार ही नदी के धार का प्रवाह कम करने में आजतक कारगर साबित हुआ था।
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इस बार बाढ़ खंड ने बनाया बांध
बाढ़ खंड के अभियंताओं ने एक बड़ा प्रोजेक्ट मंजूर कराकर नोमेंस लैंड से नौजल्हा नंबर एक में बने सनेड़ी तटबंध तक दांये किनारे में पर एक बांध बनाया है। इससे यह तय माना जा रहा है कि नदी अब दाएं किनारे पर कटान नहीं कर सकेगी, लेकिन बांध के बनने से नौजल्हा नंबर एक और दो, महाराजपुर सहित गभिया सहराई का इलाका जगबूड़ा नदी की बाढ़ से आबादी क्षेत्र सहित कृषि फसलों को बाढ़ के समय डूबने के आसार पैदा हो गए हैं। हालांकि बाढ़ खंड ने जगबूड़ा के पानी के निकास को बांध पर कई स्थानों पर निकास की जगह छोड़कर उसे बनाया है।
गत वर्ष कई इलाकों में घुसा था जगबूड़ा का पानी
जगबूड़ा नदी तो वैसे यहां नेपाली क्षेत्र में नोमेंस लैंड के नजदीक बहती है, लेकिन बूंदीभूड़ में उसका दायां किनारा भारतीय क्षेत्र में होने के चलते वहां दो वर्ष पूर्व स्पर बनाए गए थे। उसके आगे नौजल्हा के जंगल से लेकर सीमा पिलर नंबर 21 तक कई इलाकों में जगबूड़ा के बाढ़ के पानी ने बाढ़ के समय कई धाराएं बना ली थी। गनीमत यह रही थी कि गत वर्ष जगबूड़ा में मात्र एक बार ही बाढ़ आई थी। इसी के चलते नौजल्हा के ग्रामीणों ने नोमेंस लैंड से सटे इलाके को ऊंचा करवाने की मांग की थी, लेकिन बाढ़ खंड के अभियंताओं का कहना था कि यहां नदी नेपाली क्षेत्र में बह रही है। इसी लिए इसको ऊंचा नहीं किया जा सकता।
नदी का कटान रोकने को सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर प्रोजेक्ट बनाया है। मार्जनल बांध बनाने से नदी का कटान रुक जाएगा। बांध के बीच बीच में पानी निकास को कट बनाए गए हैं, ऐसे में जगबूड़ा की बाढ़ का पानी बिना किसी नुकसान के शारदा में चला जाएगा।
- मिन्हाज अहमद, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड