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Pilibhit News: स्मार्ट मीटर का काम सुस्त, तेजी से भाग रहे बिजली बिल
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घर के बाहर लगा स्मार्ट मीटर। संवाद
पीलीभीत। जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का काम भले ही सुस्त है, लेकिन उपभोक्ताओं के बिजली बिल तेजी से भाग रहे हैं। गलत बिल की कॉपी लेकर उपभोक्ता उपकेंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। पिछले माह लगाए गए मेगा शिविर में भी उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिली। बिजली बिल सही हुआ और न ही गलत रीडिंग दे रहे मीटर की रफ्तार ही थमी।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, जिले में कुल 3.75 लाख उपभोक्ता हैं। जिले में रीवैंप योजना के तहत कार्य कराकर बेहतर विद्युत व्यवस्था देने का दावा किया जा रहा है। इसके चलते उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से जोड़ा जा रहा है। इससे वह स्वयं ही रीचार्ज कर बिजली की खपत को घटा-बढ़ा सकेंगे।
जिले में अब-तक कुल 35 हजार उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से जोड़ा जा चुका है। वहीं 18 हजार शहरी उपभोक्ता इससे जुड़े हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद अधिकांश लोगों का आरोप है कि उनके मीटर गलत रीडिंग के साथ ही अधिक बिल दे रहे हैं। इससे उन्हें परेशानी हो रही है, वह अधिकारियों के यहां चक्कर काटने को मजबूर हैं। इसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। आईजीआरएस पर की जाने वालीं शिकायतों में गोलमोल जवाब देकर उपभोक्ताओं को निराश किया जा रहा है।
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शहर के आठ हजार उपभोक्ता हो चुके हैं प्रीपेड
शहर में करीब 48 हजार उपभोक्ता हैं। इसमें से 18 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। इसमें से आठ हजार उपभोक्ता स्वयं रीचार्ज कर विद्युत सप्लाई ले रहे हैं।
अब-तक महज 27 प्रतिशत कार्य ही पूरा करा सके अफसर
जिले में रीवैंप योजना के तहत कार्य हो रहा है। योजना का कार्य बेहद धीमी गति से हो रहा है। अब-तक जिले में बंच केबल डाले जाने का काम ही पूरा नहीं किया जा सका है। वहीं अफसरों ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने का काम शुरु करा दिया है। ऐसे में स्मार्ट मीटर लगाए जाने का काम महज 27 प्रतिशत का कार्य ही पूरा किया जा सका है।
स्मार्ट मीटर लगे हुए काफी दिन हो गए हैं। जब से स्मार्ट मीटर लगा है, तब से बिल अधिक आ रहा है। समस्या का निस्तारण भी नहीं हो पा रहा है।- फरमान।
स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल हजारों में पहुंच गया है, जबकि पहले वाले मीटर लगे होने पर बिल महज 200-300 रुपये तक आता था। अब परेशानी बढ़ गई है। - जाकिर हुसैन।
जिले में स्मार्ट मीटर लगाए जाने का काम चल रहा है। कुछ तकनीकी समस्याओं से लोगों का बिल अधिक आ रहा है। शिकायत मिलने पर उनका निस्तारण भी कराया जा रहा है। - पंकज भारती, एक्सईएन
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विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, जिले में कुल 3.75 लाख उपभोक्ता हैं। जिले में रीवैंप योजना के तहत कार्य कराकर बेहतर विद्युत व्यवस्था देने का दावा किया जा रहा है। इसके चलते उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से जोड़ा जा रहा है। इससे वह स्वयं ही रीचार्ज कर बिजली की खपत को घटा-बढ़ा सकेंगे।
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जिले में अब-तक कुल 35 हजार उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से जोड़ा जा चुका है। वहीं 18 हजार शहरी उपभोक्ता इससे जुड़े हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद अधिकांश लोगों का आरोप है कि उनके मीटर गलत रीडिंग के साथ ही अधिक बिल दे रहे हैं। इससे उन्हें परेशानी हो रही है, वह अधिकारियों के यहां चक्कर काटने को मजबूर हैं। इसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। आईजीआरएस पर की जाने वालीं शिकायतों में गोलमोल जवाब देकर उपभोक्ताओं को निराश किया जा रहा है।
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शहर के आठ हजार उपभोक्ता हो चुके हैं प्रीपेड
शहर में करीब 48 हजार उपभोक्ता हैं। इसमें से 18 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। इसमें से आठ हजार उपभोक्ता स्वयं रीचार्ज कर विद्युत सप्लाई ले रहे हैं।
अब-तक महज 27 प्रतिशत कार्य ही पूरा करा सके अफसर
जिले में रीवैंप योजना के तहत कार्य हो रहा है। योजना का कार्य बेहद धीमी गति से हो रहा है। अब-तक जिले में बंच केबल डाले जाने का काम ही पूरा नहीं किया जा सका है। वहीं अफसरों ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने का काम शुरु करा दिया है। ऐसे में स्मार्ट मीटर लगाए जाने का काम महज 27 प्रतिशत का कार्य ही पूरा किया जा सका है।
स्मार्ट मीटर लगे हुए काफी दिन हो गए हैं। जब से स्मार्ट मीटर लगा है, तब से बिल अधिक आ रहा है। समस्या का निस्तारण भी नहीं हो पा रहा है।- फरमान।
स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल हजारों में पहुंच गया है, जबकि पहले वाले मीटर लगे होने पर बिल महज 200-300 रुपये तक आता था। अब परेशानी बढ़ गई है। - जाकिर हुसैन।
जिले में स्मार्ट मीटर लगाए जाने का काम चल रहा है। कुछ तकनीकी समस्याओं से लोगों का बिल अधिक आ रहा है। शिकायत मिलने पर उनका निस्तारण भी कराया जा रहा है। - पंकज भारती, एक्सईएन

घर के बाहर लगा स्मार्ट मीटर। संवाद

घर के बाहर लगा स्मार्ट मीटर। संवाद