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Pilibhit News: नौ वर्ष पूर्व हुए दुष्कर्म के मामले के छह दोषियों को सजा, जुर्माना भी
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दो आरोपियों को 10 साल और दो महिलाओं समेत चार को सात साल कारावास की सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। अपर सत्र न्यायधीश (दुष्कर्म एवं पाक्सो अधिनियम) छांगुर राम ने आठ वर्ष पूर्व बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में दो आरोपियों को 10 वर्ष और दो महिलाओं समेत चार अन्य को सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। इन लोगों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
करीब नौ वर्ष पूर्व थाना पूरनपुर के एक गांव निवासी युवक ने थाने में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि 27 सितंबर 2015 को शाम सात बजे लालजीत अपने साथी रामचंद्र के साथ उसके घर आया। उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर ले गए। इसमें अभियुक्त की बहन गुड्डी देवी व तारा देवी का भी हाथ रहा।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर विवेचना में लालजीत, वीरपाल, गंगाराम, गुड्डी देवी, तारावती व रामचंद्र को दोषी पाया। आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किए। दोनों पक्ष की बहस और दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने लालजीत व रामचंद्र को 10 वर्ष कारावास और 33-33 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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इसके अलावा वीरपाल, गंगाराम, गुड्डी देवी व तारावती को सात वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही 12-12 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।अर्थदंड की राशि में से 75 प्रतिशत पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया। अभियोजन पक्ष की पैरवी विशेष लोक अभियोजक रोहित कुमार शुक्ला ने की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। अपर सत्र न्यायधीश (दुष्कर्म एवं पाक्सो अधिनियम) छांगुर राम ने आठ वर्ष पूर्व बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में दो आरोपियों को 10 वर्ष और दो महिलाओं समेत चार अन्य को सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। इन लोगों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
करीब नौ वर्ष पूर्व थाना पूरनपुर के एक गांव निवासी युवक ने थाने में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि 27 सितंबर 2015 को शाम सात बजे लालजीत अपने साथी रामचंद्र के साथ उसके घर आया। उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर ले गए। इसमें अभियुक्त की बहन गुड्डी देवी व तारा देवी का भी हाथ रहा।
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पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर विवेचना में लालजीत, वीरपाल, गंगाराम, गुड्डी देवी, तारावती व रामचंद्र को दोषी पाया। आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किए। दोनों पक्ष की बहस और दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने लालजीत व रामचंद्र को 10 वर्ष कारावास और 33-33 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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इसके अलावा वीरपाल, गंगाराम, गुड्डी देवी व तारावती को सात वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही 12-12 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।अर्थदंड की राशि में से 75 प्रतिशत पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया। अभियोजन पक्ष की पैरवी विशेष लोक अभियोजक रोहित कुमार शुक्ला ने की।