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एसीजेएम सुरेंद्र को अनिवार्य सेवानिवृत्ति
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Sun, 17 Apr 2016 10:54 PM IST
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उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर तीन सुरेंद्र कुमार पासवान को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। रविवार को हाईकोर्ट का आदेश यहां पहुंचने पर सार्वजनिक अवकाश के बावजूद प्रभारी जिला जज विनय कुमार ने हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में उनके न्यायिक कार्य करने पर रोक लगा दी।
दो दिन पूर्व हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में जजों की बैठक हुई थी। इसमें प्रदेश भर के 15 न्यायिक अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्त करने का निर्णय लिया गया था। दरअसल इन न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें थीं। इनकी जांच कराई गई थी। कुछ न्यायिक अधिकारियों पर प्रशासनिक जांचें थीं, जबकि कुछ के खिलाफ पद के दुरुपयोग के आरोप थे। इन 15 न्यायिक अधिकारियों में पीलीभीत में तैनात एसीजेएम सुरेंद्र कुमार पासवान का नाम भी शामिल था। पीलीभीत जिले के रहने वाले एक न्यायिक अधिकारी और जिले में तैनात रह चुके दो तीन अन्य न्यायिक अधिकारी भी हाईकोर्ट की कार्रवाई की जद में आ गए हैं। उन्हें भी अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है। हाईकोर्ट का आदेश रविवार को यहां पहुंचा। सार्वजनिक अवकाश के बावजूद प्रभारी जिला जज विनय कुमार ने आदेश से संबंधित न्यायिक अधिकारी को आदेश की तामीली करा दी है। उनके न्यायिक कार्य करने पर रोक लगा दी गई है। मृदुभाषी सुरेंद्र कुमार पासवान की तैनाती बीते वर्ष ही यहां की गई थी।
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दो दिन पूर्व हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में जजों की बैठक हुई थी। इसमें प्रदेश भर के 15 न्यायिक अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्त करने का निर्णय लिया गया था। दरअसल इन न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें थीं। इनकी जांच कराई गई थी। कुछ न्यायिक अधिकारियों पर प्रशासनिक जांचें थीं, जबकि कुछ के खिलाफ पद के दुरुपयोग के आरोप थे। इन 15 न्यायिक अधिकारियों में पीलीभीत में तैनात एसीजेएम सुरेंद्र कुमार पासवान का नाम भी शामिल था। पीलीभीत जिले के रहने वाले एक न्यायिक अधिकारी और जिले में तैनात रह चुके दो तीन अन्य न्यायिक अधिकारी भी हाईकोर्ट की कार्रवाई की जद में आ गए हैं। उन्हें भी अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है। हाईकोर्ट का आदेश रविवार को यहां पहुंचा। सार्वजनिक अवकाश के बावजूद प्रभारी जिला जज विनय कुमार ने आदेश से संबंधित न्यायिक अधिकारी को आदेश की तामीली करा दी है। उनके न्यायिक कार्य करने पर रोक लगा दी गई है। मृदुभाषी सुरेंद्र कुमार पासवान की तैनाती बीते वर्ष ही यहां की गई थी।
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