पीलीभीत: बरसात में पानी से लबालब हुए दुर्गम रास्ते, फिर भी नेपाल सीमा पर डटे एसएसबी के जवान
पीलीभीत जिले में नेपाल सीमा से सटे इलाकों में सोमवार को एसएसबी और पीलीभीत टाइगर रिजर्व की टीम ने संयुक्त रूप से गश्त की। पानी से भरे रास्तों, कीचड़ और घने जंगल के बीच जवानों ने पैदल चलकर सीमा क्षेत्र का जायजा लिया।
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पीलीभीत के कलीनगर क्षेत्र में बरसात के बीच शारदा नदी पार भारत-नेपाल सीमा से सटे दुर्गम और बीहड़ इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निगरानी और कड़ी कर दी गई है। सोमवार को एसएसबी और पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की टीम ने संयुक्त रूप से गश्त की। पानी से भरे रास्तों, कीचड़ और घने जंगल के बीच जवानों ने पैदल चलकर सीमा क्षेत्र का जायजा लिया। नदी किनारे से लेकर जंगल के अंदर तक आवाजाही वाले रास्तों को खंगाला गया और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी गई।
कलीनगर तहसील क्षेत्र में शारदा नदी के पार भारत-नेपाल सीमा से लगा इलाका भौगोलिक रूप से बेहद दुर्गम है। एक ओर शारदा नदी का फैलाव है तो दूसरी ओर जंगल और बीहड़ रास्ते। बरसात में कई पगडंडियां पानी में डूब जाती हैं। ऐसे में सीमा क्षेत्र में निगरानी और गश्त करना जवानों के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसके बावजूद एसएसबी और पीटीआर की टीम लगातार संवेदनशील इलाकों में पहुंचकर निगरानी कर रही है।
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सोमवार को संयुक्त टीम ने जंगल और सीमा क्षेत्र में पहुंचने वाले रास्तों की पड़ताल की। कई स्थानों पर पानी और कीचड़ के बीच जवानों को पैदल गश्त करनी पड़ी। टीम ने नदी किनारे के रास्तों के साथ जंगल से होकर गुजरने वाली पगडंडियों को भी देखा। इन रास्तों पर किसी तरह की संदिग्ध आवाजाही या अवैध गतिविधि के संकेत मिलने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए निगरानी बढ़ाई गई।
भारत-नेपाल सीमा से लगा यह क्षेत्र जंगल और नदी से घिरा होने के कारण संवेदनशील है। दुर्गम रास्तों का फायदा उठाकर अनधिकृत गतिविधियों की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए एसएसबी के जवानों ने सीमा क्षेत्र में आवाजाही करने वालों पर नजर रखी। पीटीआर की टीम ने जंगल क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया।
संयुक्त गश्त के दौरान नदी किनारे के ऐसे स्थानों को देखा गया, जहां से लोग आसानी से जंगल की ओर जा सकते हैं। इसके अलावा जंगल के भीतर जाने वाली पगडंडियों और पानी से घिरे रास्तों की भी निगरानी की गई। जवानों ने आसपास के क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई और संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बरती।
सुरक्षा के साथ वन्यजीव संरक्षण पर भी जोर
पीटीआर का जंगल भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण यहां सुरक्षा के साथ वन्यजीव संरक्षण भी महत्वपूर्ण है। जंगल में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि से वन्यजीवों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए एसएसबी और पीटीआर की टीमें आपसी समन्वय के साथ गश्त कर रही हैं।
डीएफओ पीटीआर मनीष सिंह ने बताया सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाए रखने के लिए संयुक्त गश्त का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। बरसात में पानी और दुर्गम रास्तों की चुनौती के बावजूद संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंचकर निगरानी की जाएगी।