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Pilibhit News: अब तक नहीं लग सके संकेतक, जोखिम के बीच गुजरते हैं राहगीर
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असम हाईवे से टनकपुर मार्ग पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज पर बनाई गई दीवार।संवाद
पीलीभीत। बदायूं हादसे के बाद लोक निर्माण विभाग के अफसरों का कटे और बहे पुल-पुलियों और दुर्घटना बहुल इलाके में जांच और सुरक्षा संकेतक लगाने का दावा अभी कागजों पर ही दौड़ रहा है। कई स्थानोंं पर सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ बोरियों में भरी मिट्टी और चंद इंतजामों तक ही सीमित है। हालांकि कुछ स्थानों पर सूचना बोर्ड और संकेतक लगाए गए हैं तो शहर के बाहर पूरनपुर से खटीमा मार्ग पर निकले बाइपास के बीच में अधूरे पड़े ओवरब्रिज के पास दीवार खड़ी की गई है, लेकिन अन्य स्थानों को लेकर अफसर गंभीर नहीं हैं।
जनपद के कलीनगर, शाहगढ़ मार्ग के अलावा मझोला और पूरनपुर क्षेत्र में कई ऐसे पुल-पुलिया हैं। जहां संकेतक न लगे होने से हर समय हादसे का डर रहता है। सड़क के तीव्र मोड़ पर दुर्घटनाओं का खतरा मंडराता रहता है, मगर विभागीय जिम्मेदार इससे बेपरवाह हैं।
बदायूं जिले में अधूरे पुल से गिरकर तीन लोगों की मौत के बाद लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने कटे और बहे पुल पुलियों और अन्य स्थानों की जांच व सुरक्षा इंतजामों का दावा किया था। मगर कई स्थानों पर राहगीर अब तक जोखिम के बीच गुजर रहे हैं।
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मझोला-विष्टी मार्ग पर निर्माणाधीन पुल के पास सुरक्षा के इंतजाम नहीं
मझोला से विष्टी मार्ग पर उत्तराखंड की सीमा के निकट पुल का निर्माण कराया जा रहा है। इस मार्ग पर रोजाना दोनों प्रदेशों के सैकड़ों लोगों की आवाजाही रहती है। निर्माणाधीन पुल के निकट ही खतरानाक मोड़ भी है। यहां पर जिम्मेदारों की ओर से कोई संकेतक नहीं लगाया गया है। सीमा का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचा जा रहा है। सिर्फ कुछ बोरियों में मिट्टी भरकर सड़क के किनारे रख दिया गया है।
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माधोटांडा- कलीनगर मार्ग पर पुल के दोनों ओर कटी सड़क
माधोटांडा-कलीनगर मार्ग पर बाढ़ के दौरान खारजा नहर के पुल पर दोनों ओर मार्ग कट गया था। करीब सौ मीटर दायरे में मार्ग आधे से ज्यादा मार्ग कट गया। इससे वाहनों के गुजरने में समस्या हो रही है। मार्ग के कटे दायरे में ही मोड़ हैं। ऐसे में हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। विभाग की ओर से संकेतक लगाने के नाम पर सिर्फ खानापूरी कर एक ओर तीन फुट की दीवार बना दी गई है। गंभीरता न बरतने से यहां पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। मंगलवार को ही ट्राॅली और टेंपों की भिड़ंत में तीन लोगों को चोटें आईं थीं।
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शाहगढ़ क्राॅसिंग के पास टूटे पुल के दोनों ओर नहीं लगे संकेतक
असम हाईवे से शाहगढ़ गांव होकर कलीनगर जाने वाले संपर्क मार्ग पर भी वाहनों का आवागमन रहता है। बाढ़ के समय पुल की एप्रोच रोड टूट गई थी। दोनों ओर मार्ग कटने से यातायात ठप हो गया था। क्षेत्रीय लोग तो दूसरे मार्ग से आवागमन करते हैं, लेकिन अंजान लोग आज भी इस मार्ग पर टूटे पुल तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में संकेतक और सुरक्षा के अन्य इंतजाम न होने से हर समय खतरा बना रहता है। बुधवार तक कटे स्थान पर दोनों ओर कोई संकेतक नहीं लग सका था।
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अधूरे ओवरब्रिज के पास खड़ी की दीवार
शहर के बाहर से पूरनपुर मार्ग से टनकपुर हाईवे को जोड़ने वाले बाइपास पर रेलवे क्राॅसिंग के पास ओवरब्रिज अधूरा पड़ा है। लंबे समय से यहां पर कोई सूचना बोर्ड या संकेतक नहीं लगाया गया है। विभाग ने अब ओवरब्रिज की शुरुआत में दीवार खड़ी कर रास्ता बंद कर दिया है। दीवार बनने से खतरा कम हो गया है। यहां पर एक सूचना बोर्ड भी लगाया गया है।
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क्षतिग्रस्त मार्ग और पुलियों की मरम्मत कराने के लिए राज्यमंत्री ने दिए निर्देश
पीलीभीत। बाढ़ और बारिश से क्षतिग्रस्त हुए जिले के मार्गों और पुलियों की मरम्मत न होने पर राज्यमंत्री संजय गंगवार ने नाराजगी जताई है। डीएम को पत्र भेजकर लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान आमजन ने राज्यमंत्री संजय गंगवार को बाढ़ और बारिश से क्षतिग्रस्त हुए रास्तों, पुल और पुलियों की जानकारी दी। आवागमन में हो रही असुविधा के बारे में बताया। इनमें अमरिया क्षेत्र में मझोला से उत्तराखंड को जोड़ने वाले मार्ग पर विरहनी के पास पुलिया क्षतिग्रस्त है। बीसलपुर-बिलसंडा मार्ग पर कटना नदी का पुराना पुल क्षतिग्रस्त है।
इसी तरह जिले में कई अन्य मार्ग, पुल और पुलिया क्षतिग्रस्त हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते सड़कों, पुल और पुलियों का न तो निर्माण हुआ और न ही उनकी मरम्मत कराई गई है। मामले में राज्यमंत्री ने डीएम को पत्र भेजकर क्षतिग्रस्त सड़कों, पुल और पुलियों का सर्वे कराकर तत्काल मरम्मत/नव निर्माण कराए जाने को कहा है। संवाद
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भगा मोहम्मदपुर के पास सुरक्षात्मक कार्य करा दिया गया है। जमुनिया के पास भी संकेतक और अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। कई अन्य स्थानों पर भी संकेतक, सूचना बोर्ड व अन्य कार्य हो रहे हैं। इन कार्यों में करीब एक सप्ताह का समय लगेगा।
- राजेश चौधरी, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग
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जनपद के कलीनगर, शाहगढ़ मार्ग के अलावा मझोला और पूरनपुर क्षेत्र में कई ऐसे पुल-पुलिया हैं। जहां संकेतक न लगे होने से हर समय हादसे का डर रहता है। सड़क के तीव्र मोड़ पर दुर्घटनाओं का खतरा मंडराता रहता है, मगर विभागीय जिम्मेदार इससे बेपरवाह हैं।
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बदायूं जिले में अधूरे पुल से गिरकर तीन लोगों की मौत के बाद लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने कटे और बहे पुल पुलियों और अन्य स्थानों की जांच व सुरक्षा इंतजामों का दावा किया था। मगर कई स्थानों पर राहगीर अब तक जोखिम के बीच गुजर रहे हैं।
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मझोला-विष्टी मार्ग पर निर्माणाधीन पुल के पास सुरक्षा के इंतजाम नहीं
मझोला से विष्टी मार्ग पर उत्तराखंड की सीमा के निकट पुल का निर्माण कराया जा रहा है। इस मार्ग पर रोजाना दोनों प्रदेशों के सैकड़ों लोगों की आवाजाही रहती है। निर्माणाधीन पुल के निकट ही खतरानाक मोड़ भी है। यहां पर जिम्मेदारों की ओर से कोई संकेतक नहीं लगाया गया है। सीमा का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचा जा रहा है। सिर्फ कुछ बोरियों में मिट्टी भरकर सड़क के किनारे रख दिया गया है।
माधोटांडा- कलीनगर मार्ग पर पुल के दोनों ओर कटी सड़क
माधोटांडा-कलीनगर मार्ग पर बाढ़ के दौरान खारजा नहर के पुल पर दोनों ओर मार्ग कट गया था। करीब सौ मीटर दायरे में मार्ग आधे से ज्यादा मार्ग कट गया। इससे वाहनों के गुजरने में समस्या हो रही है। मार्ग के कटे दायरे में ही मोड़ हैं। ऐसे में हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। विभाग की ओर से संकेतक लगाने के नाम पर सिर्फ खानापूरी कर एक ओर तीन फुट की दीवार बना दी गई है। गंभीरता न बरतने से यहां पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। मंगलवार को ही ट्राॅली और टेंपों की भिड़ंत में तीन लोगों को चोटें आईं थीं।
शाहगढ़ क्राॅसिंग के पास टूटे पुल के दोनों ओर नहीं लगे संकेतक
असम हाईवे से शाहगढ़ गांव होकर कलीनगर जाने वाले संपर्क मार्ग पर भी वाहनों का आवागमन रहता है। बाढ़ के समय पुल की एप्रोच रोड टूट गई थी। दोनों ओर मार्ग कटने से यातायात ठप हो गया था। क्षेत्रीय लोग तो दूसरे मार्ग से आवागमन करते हैं, लेकिन अंजान लोग आज भी इस मार्ग पर टूटे पुल तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में संकेतक और सुरक्षा के अन्य इंतजाम न होने से हर समय खतरा बना रहता है। बुधवार तक कटे स्थान पर दोनों ओर कोई संकेतक नहीं लग सका था।
अधूरे ओवरब्रिज के पास खड़ी की दीवार
शहर के बाहर से पूरनपुर मार्ग से टनकपुर हाईवे को जोड़ने वाले बाइपास पर रेलवे क्राॅसिंग के पास ओवरब्रिज अधूरा पड़ा है। लंबे समय से यहां पर कोई सूचना बोर्ड या संकेतक नहीं लगाया गया है। विभाग ने अब ओवरब्रिज की शुरुआत में दीवार खड़ी कर रास्ता बंद कर दिया है। दीवार बनने से खतरा कम हो गया है। यहां पर एक सूचना बोर्ड भी लगाया गया है।
क्षतिग्रस्त मार्ग और पुलियों की मरम्मत कराने के लिए राज्यमंत्री ने दिए निर्देश
पीलीभीत। बाढ़ और बारिश से क्षतिग्रस्त हुए जिले के मार्गों और पुलियों की मरम्मत न होने पर राज्यमंत्री संजय गंगवार ने नाराजगी जताई है। डीएम को पत्र भेजकर लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान आमजन ने राज्यमंत्री संजय गंगवार को बाढ़ और बारिश से क्षतिग्रस्त हुए रास्तों, पुल और पुलियों की जानकारी दी। आवागमन में हो रही असुविधा के बारे में बताया। इनमें अमरिया क्षेत्र में मझोला से उत्तराखंड को जोड़ने वाले मार्ग पर विरहनी के पास पुलिया क्षतिग्रस्त है। बीसलपुर-बिलसंडा मार्ग पर कटना नदी का पुराना पुल क्षतिग्रस्त है।
इसी तरह जिले में कई अन्य मार्ग, पुल और पुलिया क्षतिग्रस्त हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते सड़कों, पुल और पुलियों का न तो निर्माण हुआ और न ही उनकी मरम्मत कराई गई है। मामले में राज्यमंत्री ने डीएम को पत्र भेजकर क्षतिग्रस्त सड़कों, पुल और पुलियों का सर्वे कराकर तत्काल मरम्मत/नव निर्माण कराए जाने को कहा है। संवाद
भगा मोहम्मदपुर के पास सुरक्षात्मक कार्य करा दिया गया है। जमुनिया के पास भी संकेतक और अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। कई अन्य स्थानों पर भी संकेतक, सूचना बोर्ड व अन्य कार्य हो रहे हैं। इन कार्यों में करीब एक सप्ताह का समय लगेगा।
- राजेश चौधरी, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग

असम हाईवे से टनकपुर मार्ग पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज पर बनाई गई दीवार।संवाद

असम हाईवे से टनकपुर मार्ग पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज पर बनाई गई दीवार।संवाद

असम हाईवे से टनकपुर मार्ग पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज पर बनाई गई दीवार।संवाद