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Pilibhit News: उम्मीद के जूतों ने बदली तकदीर, जमीन पर खड़े हुए 25 नौनिहाल

Wed, 18 Feb 2026 11:59 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 18 Feb 2026 11:59 PM IST
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Shoes of hope changed fate, 25 children stood on the ground
क्लब फुट से जूझता बच्चे को मिला कार्यक्रम के तहत जूता। स्त्रोत विभाग
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से एक वर्ष में 25 बच्चों को मिला उपचार, ठीक हुए टेढ़े पैर
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करन सिंह चौहान
पीलीभीत। जन्म के समय से टेढ़े पैर (क्लब फुट) की समस्या से जमीन पर खड़े होने में असमर्थ बच्चों के लिए स्वास्थ्य विभाग का राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) उम्मीद की किरण बनकर आया है। इस कार्यक्रम से जिले के 25 बच्चों के क्लब फुट का उपचार सर्जरी व जूते पहनाकर किया गया। उपचार से पहले जो बच्चे अपने टेढ़े पैरों के चलते खड़े ही नहीं हो पा रहे थे। अब वह तेजी से भागते दिखते हैं।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से 1 से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम चल रहा है। इसमें बच्चों की 40 प्रकार से अधिक गंभीर बीमारियों का इलाज किया जाता है। अप्रैल 2025 से अब तक आरबीएसके की टीम ने जिले में ऐसे 35 बच्चों को चिह्नित किया, जिनके पैर एड़ी व घुटने आदि से टेढ़े थे। जन्म के एक वर्ष बाद भी अपने पैरों खड़े नहीं हो पा रहे थे। बच्चों को चिह्नित करने के बाद टीम ने एमसीएच विंग में प्रत्येक शुक्रवार को लगने वाले शिविर में परामर्श कराया। इनमें 25 बच्चों की सर्जरी व उनको लंबे जूते पहनाकर पैरों का इलाज शुरू किया। साल भर बदल-बदल कर जूते व सर्जरी से बच्चों के टेढ़े पैर की समस्या दूर हो गई। 25 बच्चे अपने पैरों पर खड़े हो गए। 10 बच्चे गंभीर क्लब फुट की समस्या के चलते उच्च संस्थान रेफर किए गए। कार्यक्रम के जिला समन्वयक मोहम्मद जुबैर ने बताया कि समय से उपचार के चलते क्लब फुट के बच्चे आसानी से ठीक हो पा रहे हैं। संवाद
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केस : एक
जूतों से ठीक हुए टेढ़े पैर
ब्लॉक मरौरी के गांव न्यूरिया कॉलोनी निवासी आकाश अपनी जन्मजात बच्ची आरती को आरबीएसके शिविर में लेकर आए। परामर्श के बाद आरती के पैरों के टेढ़ेपन का इलाज सहायक उपकरण के तौर पर जूते पहनाकर शुरू किया गया। एक वर्ष के बाद बच्ची की क्लब फुट की समस्या खत्म हो गई।
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केस: दो
सर्जरी कर दूर हुई खुशी की क्लब फुट की समस्या
ब्लॉक ललौरीखेड़ा के गांव नान पसियापुर निवासी कांता प्रसाद अपनी बेटी खुशी को लेकर शिविर में पहुंचे। एक्सरे आदि जांच के बाद उसके क्लब फुट की समस्या को दूर करने के लिए उसकी सर्जरी की गई। कुछ समय बाद खुशी अपने पैरों पर खड़ी होने लगी।
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