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यूपी: पीलीभीत में बनवसा बैराज से छोड़े गए पानी से शारदा उफनाई, पांटून पुल बहा
Fri, 21 May 2021 11:44 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत
अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 21 May 2021 11:44 AM IST
सार
शारदा पार इलाके में स्थित शास्त्रीनगर गांव के लोगों ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब साढ़े छह बजे शारदा नदी पर स्थित पांटून पुल बह गया। इसकी सूचना अधिकारियों को दी गई है।
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पांटून पुल बहा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पीलीभीत के बनवसा बैराज से छोड़े गए पानी से शारदा नदी अचानक उफना गई। पानी के तेज बहाव के साथ नदी पर बना पांटून पुल बह गया। आसपास के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। राहुलनगर गांव में पानी घुसने से लोगों को अपना सामान समेटना पड़ा। पुल बहने से तहसील मुख्यालय से शारदा नदी क्षेत्र के गांवों का आवागमन बंद हो गया। पूरनपुर तहसील जाने के लिए लोगों को 30 की बजाय 130 किलोमीटर की दूरी तय करने पड़ी।
शारदा नदी में बनवसा बैराज से पानी छोड़ा जाता है। बृहस्पतिवार रात बनवसा बैराज से अचानक शारदा नदी में 75 हजार क्यूसेक पानी रिलीज किया गया, जिससे शारदा उफना गई। पानी बढ़ने से पूरनपुर तहसील क्षेत्र में शारदा नदी के धनारा घाट पर बना पांटून पुल तेज धार के साथ तीन टुकड़ों में बंटकर बह गया, जो करीब चार किलोमीटर दूर गांव राहुलनगर के समीप जंगल में नदी किनारे फंसा मिला।
पांटून पुल बहने से तहसील क्षेत्र के शारदा पार इलाके में आने जाने का रास्ता बंद हो गया। यहां से पूरनपुर की दूरी करीब 30 किलोमीटर होगी। पांटून पुल बहने से लोगों को पूरनपुर तहसील मुख्यालय जाने आने के लिए 30 के बजाय करीब 130 किमी की दूरी तय करनी होगी।
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शारदा उफनाने से ग्राम राहुलनगर में पानी घुस गया। बाढ़ की आशंका से लोग घरेलू सामान समेटने लगे। शारदा नदी के किनारे कई गांव के लोग सब्जी, तरबूज, खरबूजा की फसल करते हैं। यहां होने वाली कई सब्जियां दिल्ली तक सप्लाई की जाती हैं। अबकी शारदा किनारे परवल, शिमला मिर्च, तरबूज, खरबूजा, लौकी, खीरा आदि फसलें खड़ी थीं, जो पानी के साथ बह गई।
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शारदा नदी में बनवसा बैराज से पानी छोड़ा जाता है। बृहस्पतिवार रात बनवसा बैराज से अचानक शारदा नदी में 75 हजार क्यूसेक पानी रिलीज किया गया, जिससे शारदा उफना गई। पानी बढ़ने से पूरनपुर तहसील क्षेत्र में शारदा नदी के धनारा घाट पर बना पांटून पुल तेज धार के साथ तीन टुकड़ों में बंटकर बह गया, जो करीब चार किलोमीटर दूर गांव राहुलनगर के समीप जंगल में नदी किनारे फंसा मिला।
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पांटून पुल बहने से तहसील क्षेत्र के शारदा पार इलाके में आने जाने का रास्ता बंद हो गया। यहां से पूरनपुर की दूरी करीब 30 किलोमीटर होगी। पांटून पुल बहने से लोगों को पूरनपुर तहसील मुख्यालय जाने आने के लिए 30 के बजाय करीब 130 किमी की दूरी तय करनी होगी।
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शारदा उफनाने से ग्राम राहुलनगर में पानी घुस गया। बाढ़ की आशंका से लोग घरेलू सामान समेटने लगे। शारदा नदी के किनारे कई गांव के लोग सब्जी, तरबूज, खरबूजा की फसल करते हैं। यहां होने वाली कई सब्जियां दिल्ली तक सप्लाई की जाती हैं। अबकी शारदा किनारे परवल, शिमला मिर्च, तरबूज, खरबूजा, लौकी, खीरा आदि फसलें खड़ी थीं, जो पानी के साथ बह गई।
पुल बहने से लाखों रुपये के नुकसान की उम्मीद
पिछले कई साल से शारदा दो धारों में बंटी हुई है, जिसकी वजह से दो पांटून पुल बनाए जाते हैं। इस बार तीन पांटून पुल बनाए गए थे, जिनमें तीसरा 26 पांटून पुल है, जो पानी छोड़े जाने से तेज धारा के साथ बह गया। इस पुल में छह सौ स्लीपर लगाए गए थे, जिनमें से डेढ़ सौ स्लीपर शारदा में बहने की आशंका है। एक स्लीपर की कीमत 25 हजार रुपये बताई जा रही है।
पांटून पल से एक लाख लोगों का था आवागमन
शारदा पार इलाके में मुरैनिया गांधीनगर, शांतीनगर, राणा प्रतापनगर, कबीरगंज, विजयनगर, नहरोसा, श्रीनगर, कुठिया गुदिया, सिद्धनगर, भरतपुर, वमनपुर भागीरथ, रामनगर, सिंघाड़ा उर्फ टाटरगंज, बैल्हा, अशोकनगर, शास्त्रीनगर सहित सोलह ग्राम पंचायतें हैं, जिमें एक लाख के करीब आबादी है। इस इलाके के लोगों का आना जाना पांटून पुल से होकर था।
शारदा में बनवसा बैराज से अचानक पानी रिलीज किए जाने से पुल बह गया, जो राहुलनगर के समीप जंगल में नदी किनारे फंसा मिला है। नदी का पानी कम होने के बाद नुकसान पता लग सकेगा। पुल पखवाड़ा भर बाद हटाया जाना था। - मुकेश कुमार, जेई पीडब्ल्यूडी
जलस्तर बढ़ने के बाद शारदा पर बना पांटून पुल बह गया। इसकी जानकारी मिलने पर पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों को मौके पर भेजा गया है। मामले की जानकारी जुटाई जा है। ग्रामीणों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - पुलकित खरे, डीएम
पांटून पल से एक लाख लोगों का था आवागमन
शारदा पार इलाके में मुरैनिया गांधीनगर, शांतीनगर, राणा प्रतापनगर, कबीरगंज, विजयनगर, नहरोसा, श्रीनगर, कुठिया गुदिया, सिद्धनगर, भरतपुर, वमनपुर भागीरथ, रामनगर, सिंघाड़ा उर्फ टाटरगंज, बैल्हा, अशोकनगर, शास्त्रीनगर सहित सोलह ग्राम पंचायतें हैं, जिमें एक लाख के करीब आबादी है। इस इलाके के लोगों का आना जाना पांटून पुल से होकर था।
शारदा में बनवसा बैराज से अचानक पानी रिलीज किए जाने से पुल बह गया, जो राहुलनगर के समीप जंगल में नदी किनारे फंसा मिला है। नदी का पानी कम होने के बाद नुकसान पता लग सकेगा। पुल पखवाड़ा भर बाद हटाया जाना था। - मुकेश कुमार, जेई पीडब्ल्यूडी
जलस्तर बढ़ने के बाद शारदा पर बना पांटून पुल बह गया। इसकी जानकारी मिलने पर पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों को मौके पर भेजा गया है। मामले की जानकारी जुटाई जा है। ग्रामीणों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - पुलकित खरे, डीएम