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Pilibhit News: शारदा ने दो स्पर को किया क्षतिग्रस्त, गुणवत्ता की खुली पोल

Wed, 02 Jul 2025 12:18 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Wed, 02 Jul 2025 12:18 AM IST
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Sharda damaged two spurs, the quality exposed
भूड़ा गोरखडिब्बी क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुए स्पर की मरम्मत करते मजदूर। स्रोत ग्रामीण
कलीनगर। शारदा की तबाही रोकने के लिए भले ही शासन की ओर से करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी बचाव कार्य पर भारी पड़ रही है। शारदा नदी में बाढ़ अभी आई भी नहीं, जलस्तर बढ़ते ही नदी ने भूड़ा गोरखडिब्बी क्षेत्र में बनाए गए स्पर संख्या 25 व 26 के आगे के भाग को क्षतिग्रस्त कर दिया। पता चलते ही विभाग ने दोनों स्थानों पर मरम्मत कार्य शुरू कराया है। गुणवत्ता की हकीकत सामने आने पर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं।
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नेपाल से जनपद सीमा में प्रवेश करने के बाद शारदा नदी हर साल कलीनगर और पूरनपुर तहसील क्षेत्र में कटान करती है। बाढ़ परियोजनाओं को क्षतिग्रस्त करने के साथ कृषि जमीन और आबादी क्षेत्र में भी नुकसान पहुंचाती है। पिछले साल नदी ने कई इलाकों में नुकसान पहुंचाया था। छह माह पूर्व शासन की ओर से कलीनगर क्षेत्र में शारदा नदी के कटान को रोकने के लिए कार्य को मंजूरी दी थी। इसके तहत शारदा सागर खंड ने सनेडी तटबंध के सामने भूड़ा गोरखडिब्बी क्षेत्र में पत्थर के छह महत्वपूर्ण स्पर बनाने का कार्य कराया था। विभागीय आंकड़ों पर कार्य पूरा हो गया, लेकिन गुणवत्ता की अनदेखी बाढ़ से पूर्व ही चंद दिनों में सामने आ गई।
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तीन दिन पूर्व पहाड़ों पर हुई तेज बारिश के बाद शारदा नदी में 1.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद नदी उफना गई, लेकिन बाढ़ की स्थिति नहीं बनी। हालांकि बाद में जलस्तर कम होता गया। जलस्तर बढ़ते ही नदी ने क्षेत्र में कराए गए बाढ़ नियंत्रण कार्यों की पोल खोल दी। भूड़ा गोरखडिब्बी क्षेत्र में बनाए गए छह पत्थर के स्परों में से 25 व 26 नंबर स्पर का आगे का भाग नदी ने क्षतिग्रस्त कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार नदी ने दोनों स्परों के आगे के भाग को नुकसान पहुंचाया है। दोनों पिलरों का कार्य हाल ही में पूरा कराया गया था। इसकी जानकारी होने पर विभाग के अभियंताओं ने क्षेत्रीय मजदूरों को लगाकर पत्थर डालकर मरम्मत कराने का कार्य शुरू कराया है।
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गुणवत्ता की अनदेखी से बढ़ रहा नदी का खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि अभी नदी में बाढ़ के हालात नहीं बने हैं, इससे पूर्व ही बचाव कार्य क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। स्परों के निर्माण में गुणवत्ता को दरकिनार किया गया। अधिकांश कार्य अभियंताओं की गैरमौजूदगी में कराए गए। ऐसे में बाढ़ के समय नदी का खतरा बढ़ने की संभावना है। शारदा सागर खंड के अधिशासी अभियंता पीके गौतम ने बताया कि क्षेत्रीय अभियंताओं से जानकारी कर जरूरी निर्देश दिए जाएंगे। कार्यों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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