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Pilibhit News: ठंड बढ़ते ही मेहमान पक्षियों से गुलजार हुआ शारदा डैम
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शारदा डैंम मं घूमते प्रवासी पक्षी । संवाद
कलीनगर। ठंड में इजाफा होते ही शारदा सागर डैम में मेहमान पक्षियों की मौजूदगी भी बढ़ गई है। मीलों की दूरी तय कर विदेशी पक्षी शारदा डैम की खूबसूरती को और बढ़ा रहे हैं। जीरो से पांच किलोमीटर के क्षेत्र में साइबेरियन पक्षी झुंड के रूप में देखे जा रहे हैं। सैलानी भी मेहमान पक्षियों को देखने पहुंच रहे हैं।
जनपद के तराई क्षेत्र में 22 किलोमीटर लंबा शारदा सागर डैम है। हर साल ठंड की शुरुआत होते ही यहां मेहमान पक्षियों की आमद शुरू हो जाती है। इस बार दिसंबर में साइबेरियन पक्षियों की आमद कम दिखाई दे रही थी। इससे डैम सूना-सूना दिख रहा था। पक्षियों के न आने के पीछे भोजन की कमी और अवैध शिकार भी वजह बताई जा रही है, लेकिन जनवरी में ठंड बढ़ने के बाद पक्षियों की आमद शुरू हो गई है।
अब अच्छी संख्या में पक्षी डैम के आसपास मौजूद हैं। इससे डैम की सुंदरता अद्भुत नजर आ रही है। बताते हैं कि जिस क्षेत्र में चारे की अधिकता होती है प्रवासी पक्षी उसी इलाके में अपना डेरा डालते हैं। इसी के चलते डैम से जीरो से पांच किलोमीटर तक और आगे 17 किमी से 19 किमी तक चारे की अधिकता होने से प्रवासी पक्षी भी वहां अपना डेरा जमाए हैं। रेंजर अरुण मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि क्षेत्रीय टीम को डैम के इलाके में नियमित गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
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जनपद के तराई क्षेत्र में 22 किलोमीटर लंबा शारदा सागर डैम है। हर साल ठंड की शुरुआत होते ही यहां मेहमान पक्षियों की आमद शुरू हो जाती है। इस बार दिसंबर में साइबेरियन पक्षियों की आमद कम दिखाई दे रही थी। इससे डैम सूना-सूना दिख रहा था। पक्षियों के न आने के पीछे भोजन की कमी और अवैध शिकार भी वजह बताई जा रही है, लेकिन जनवरी में ठंड बढ़ने के बाद पक्षियों की आमद शुरू हो गई है।
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अब अच्छी संख्या में पक्षी डैम के आसपास मौजूद हैं। इससे डैम की सुंदरता अद्भुत नजर आ रही है। बताते हैं कि जिस क्षेत्र में चारे की अधिकता होती है प्रवासी पक्षी उसी इलाके में अपना डेरा डालते हैं। इसी के चलते डैम से जीरो से पांच किलोमीटर तक और आगे 17 किमी से 19 किमी तक चारे की अधिकता होने से प्रवासी पक्षी भी वहां अपना डेरा जमाए हैं। रेंजर अरुण मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि क्षेत्रीय टीम को डैम के इलाके में नियमित गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
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