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Pilibhit News: सात करोड़ खाते में... फिर भी फ्लाईओवर की सर्विस लेन पर शुरू नहीं हुआ काम
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शहर के ओवरब्रिज के नीचे सड़क पर पड़े गड्डे।संवाद
पीलीभीत। जिलाधिकारी के निर्देश पर 15 दिनों के बाद भी फ्लाईओवर की सर्विस लेन के निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका है। इस वजह से गड्ढों के कारण आए दिन दो पहिया सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
उपाधि कॉलेज चौराहे से मंडी गेट तक ओवरब्रिज बना हुआ है। पुल के नीचे ही अंडरपास होते हुए दोनों ओर सर्विसलेन भी बनी है। इससे अधिकांश वाहन और ई-रिक्शा मंडी और असम चौराहे तक जाते हैं। यह सर्विस लेन काफी बदहाल है। जगह-जगह गड्ढे होने के कारण लोगों को काफी परेशानी होती है, इसे देखते हुए लोनिवि की ओर से एक साल पहले शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था।
शासन ने प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए दो किलोमीटर लंबे इस मार्ग के लिए सात करोड़ रुपये का बजट पास किया था। बजट पास होने के बाद इसके निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ठेकेदार ने लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले ही काम को शुरू करा दिया। काम के तहत सड़क को खोदा गया।
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इसके बाद कुछ दिन बाद ही ठेकेदार ने काम बंद करा दिया। इसके बाद पांच माह काम शुरू ही नहीं किया गया। इसपर विभाग की ओर से ठेकेदार को अंतिम नोटिस जारी किया गया। अंतिम नोटिस के बाद ठेकेदार ने कांवड़ यात्रा के शुरू होने से पहले खोदी गई सड़क को ठीक करा दिया। इसके बाद से काम बंद पड़ा हुआ है।
इधर डीएम संजय कुमार सिंह ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए लोनिवि के अधिशासी अभियंता को 15 दिन में काम पूरा कराने के निर्देश दिए थे। डीएम की ओर से तय समयावधि भी पूरी हो गई। इसके बाद भी काम अब तक शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को काफी समस्या हो रही है।
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टाइगर तिराहा और बरेली जाने का यही है मुख्य रास्ता
टनकपुर की ओर से आने वाले वाहन चालकों और अन्य लोगों के लिए बरेली के लिए जाने वालों के लिए यही मुख्य रास्ता है, लोग ओवरब्रिज के नीचे से होकर टाइगर तिराहा पहुंचते है, लेकिन टाइगर तिराहा पहुंचने में ही पुल के नीचे गड्ढों के कारण उनको परेशानी उठानी पड़ती है। इस मार्ग से दिन भर में छोटे बड़े करीब दो से तीन हजार वाहन गुजरते है। यही नहीं रेलवे क्राॅसिंग बंद होने पर ई-रिक्शा भी इधर से अंडरपास होते हुए असम चौराहे पर जाते हैं। ऐसे में रात के समय गड्ढों के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं।
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संपर्क मार्ग पर काम शुरू होने वाला है। सड़क निर्माण के लिए ठेकेदार की ओर से प्लांट लगाया जा रहा है। प्लांट लगने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।
- एसपी गौतम, सहायक अभियंता
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बरसात के दौरान नए निर्माण के उखड़ने की संभावना रहती है ऐसे में सड़क का निर्माण वर्षाकाल के बाद करवाया जाएगा। फिलहाल समस्या के निस्तारण के लिए गड्ढे भरने के निर्देश दे दिए गए हैं। - संजय कुमार सिंह, जिलाधिकारी
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उपाधि कॉलेज चौराहे से मंडी गेट तक ओवरब्रिज बना हुआ है। पुल के नीचे ही अंडरपास होते हुए दोनों ओर सर्विसलेन भी बनी है। इससे अधिकांश वाहन और ई-रिक्शा मंडी और असम चौराहे तक जाते हैं। यह सर्विस लेन काफी बदहाल है। जगह-जगह गड्ढे होने के कारण लोगों को काफी परेशानी होती है, इसे देखते हुए लोनिवि की ओर से एक साल पहले शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था।
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शासन ने प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए दो किलोमीटर लंबे इस मार्ग के लिए सात करोड़ रुपये का बजट पास किया था। बजट पास होने के बाद इसके निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ठेकेदार ने लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले ही काम को शुरू करा दिया। काम के तहत सड़क को खोदा गया।
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इसके बाद कुछ दिन बाद ही ठेकेदार ने काम बंद करा दिया। इसके बाद पांच माह काम शुरू ही नहीं किया गया। इसपर विभाग की ओर से ठेकेदार को अंतिम नोटिस जारी किया गया। अंतिम नोटिस के बाद ठेकेदार ने कांवड़ यात्रा के शुरू होने से पहले खोदी गई सड़क को ठीक करा दिया। इसके बाद से काम बंद पड़ा हुआ है।
इधर डीएम संजय कुमार सिंह ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए लोनिवि के अधिशासी अभियंता को 15 दिन में काम पूरा कराने के निर्देश दिए थे। डीएम की ओर से तय समयावधि भी पूरी हो गई। इसके बाद भी काम अब तक शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को काफी समस्या हो रही है।
टाइगर तिराहा और बरेली जाने का यही है मुख्य रास्ता
टनकपुर की ओर से आने वाले वाहन चालकों और अन्य लोगों के लिए बरेली के लिए जाने वालों के लिए यही मुख्य रास्ता है, लोग ओवरब्रिज के नीचे से होकर टाइगर तिराहा पहुंचते है, लेकिन टाइगर तिराहा पहुंचने में ही पुल के नीचे गड्ढों के कारण उनको परेशानी उठानी पड़ती है। इस मार्ग से दिन भर में छोटे बड़े करीब दो से तीन हजार वाहन गुजरते है। यही नहीं रेलवे क्राॅसिंग बंद होने पर ई-रिक्शा भी इधर से अंडरपास होते हुए असम चौराहे पर जाते हैं। ऐसे में रात के समय गड्ढों के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं।
संपर्क मार्ग पर काम शुरू होने वाला है। सड़क निर्माण के लिए ठेकेदार की ओर से प्लांट लगाया जा रहा है। प्लांट लगने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।
- एसपी गौतम, सहायक अभियंता
बरसात के दौरान नए निर्माण के उखड़ने की संभावना रहती है ऐसे में सड़क का निर्माण वर्षाकाल के बाद करवाया जाएगा। फिलहाल समस्या के निस्तारण के लिए गड्ढे भरने के निर्देश दे दिए गए हैं। - संजय कुमार सिंह, जिलाधिकारी