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पटरी पर नहीं आई स्वकर निर्धारण व्यवस्था
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Mon, 08 May 2017 10:01 PM IST
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नगर पालिका की टैक्स व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए गत वर्ष लागू की गई स्वकर निर्धारण व्यवस्था एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी। इस नई कर व्यवस्था के तहत शहर के 24 हजार लोगों के कर का निर्धारण किया जाना है, लेकिन एक साल में मात्र 250 लोगों ने ही इसको लेकर आवेदन किए। ऐसे में टैक्स की भरपाई कैसे होगी, यह आने वाले समय में पालिका के लिए मुसीबत का सबब बन सकता है। शासन ने नगर पालिका की टैक्स प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने को सितंबर 2011 में स्वकर निर्धारण प्रक्रिया का शासनादेश जारी किया था। इस प्रक्रिया के तहत शहर के 24 हजार उपभोक्ता द्वारा स्वयं ही गृह व जलकर का निर्धारण किया जाना है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद इसे गत वर्ष 16 अप्रैल को लागू कर दिया गया। इस नई व्यवस्था के तहत करदाताओं को पालिका कार्यालय से एक प्रपत्र लेकर उसमें मांगे गए संपूर्ण विवरण को भरकर जमा करना था। इस प्रपत्र के जारी होने के 15 दिन के भीतर इसे भरकर जमा करना था। इधर स्वकर व्यवस्था लागू हुए करीब एक साल का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक चंद उपभोक्ताओं ने ही इसमें दिलचस्पी दिखाई है। पालिका के कर विभाग के मुताबिक 24 हजार उपभोक्ताओं में मात्र 250 उपभोक्ताओं ने ही अभी तक आवेदन किया है। इधर पालिका प्रशासन ने सभी करदाताओं को नई व्यवस्था के तहत कर के दायरे में लाने के लिए इसकी जिम्मेदारी कर विभाग के वसूलीकर्ताओं के कंधों पर डाली है। कर अधीक्षक शिव कुमार ने बताया कि अब वसूलीकर्ताओं के माध्यम से प्रपत्र लिए जाएंगे। वसूलीकर्ताओं को प्रत्येक दिन 20-20 आवेदन लाने के निर्देश दिए गए हैं।
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