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Pilibhit News: स्कूली बच्चों ने जल निगम की समझी कार्य प्रणाली
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टंकी परिसर में जल निगम के कार्यों की जानकारी हासिल करते बच्चे स्रोत : शिक्षक
अमरिया। कंपोजिट विद्यालय भंगा मोहम्मद गंज के बच्चों ने जल आपूर्ति से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए जल निगम कार्यालय पीलीभीत का भ्रमण कर कार्य प्रणाली को समझा। जल की जांच प्रयोगशाला को देखा और उससे संबंधित जानकारी हासिल की।
अधिशासी अभियंता मनीष कुमार गंगवार ने बच्चों को जल से जुड़े कार्यों संबंधी विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जल की गुणवत्ता की जांच निरंतर की जानी चाहिए। पानी की जांच छह माह में अवश्य कर लेनी चाहिए। जल को बचाने के लिए एनजीओ के माध्यम से गांव-गांव में जल जीवन मिशन अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जल को बचाने के सभी का सहयोग जरूरी है। वर्षा जल को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के माध्यम से एकत्र किया जाना चाहिए। जल की निरंतरता को बनाए रखना हम सब के लिए जरूरी है। सहायक अभियंता मोहम्मद शफीक ने बताया कि जमीन के लगभग 400 फुट नीचे का जल ओवरहैड टैंक में जाता है। टैंक से पाइप लाइन के माध्यम से अलग-अलग आधुनिक मशीनों से गुजरते हुए घरों तक पहुंचता है। पानी की गुणवत्ता खराब ना हो, उसके लिए जल की मात्रा हिसाब से क्लोरीन मिलाई जाती है। संवाद
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अधिशासी अभियंता मनीष कुमार गंगवार ने बच्चों को जल से जुड़े कार्यों संबंधी विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जल की गुणवत्ता की जांच निरंतर की जानी चाहिए। पानी की जांच छह माह में अवश्य कर लेनी चाहिए। जल को बचाने के लिए एनजीओ के माध्यम से गांव-गांव में जल जीवन मिशन अभियान चलाया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि जल को बचाने के सभी का सहयोग जरूरी है। वर्षा जल को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के माध्यम से एकत्र किया जाना चाहिए। जल की निरंतरता को बनाए रखना हम सब के लिए जरूरी है। सहायक अभियंता मोहम्मद शफीक ने बताया कि जमीन के लगभग 400 फुट नीचे का जल ओवरहैड टैंक में जाता है। टैंक से पाइप लाइन के माध्यम से अलग-अलग आधुनिक मशीनों से गुजरते हुए घरों तक पहुंचता है। पानी की गुणवत्ता खराब ना हो, उसके लिए जल की मात्रा हिसाब से क्लोरीन मिलाई जाती है। संवाद
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