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अनुसूचित जाति के परिवार ने पलायन करने की दी चेतावनी
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पीलीभीत : बीसलपुर के गांव रसायाखानपुर में अनुसूचित जाति के परिवार ने लिखवाई अपने मकान की दीवार पर
- फोटो : PILIBHIT
बीसलपुर (पीलीभीत)। कोतवाली क्षेत्र के गांव रसायाखानपुर निवासी अनुसूचित जाति के रामदीन ने सपरिवार पलायन करने की चेतावनी दी है। रसायाखानपुर निवासी रामदीन ने बताया कि 10 अप्रैल को गांव के ही चार लोगों ने पालतू संरक्षित पशु चोरी कर लिया था और उसे काट दिया था। पुलिस ने 55 दिन बाद मामले की रिपोर्ट दर्ज की थी। इसमें रईस खां, मुन्ने खां, जिलेदार खां और आबिद हुसैन को नामजद किया गया था।
पुलिस ने अभी तक इन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। आरोप है कि आरोपी रामदीन पर रिपोर्ट वापस करने का दबाव बना रहे हैं और रिपोर्ट वापस न करने पर परिवार के सभी लोगों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने सपरिवार गांव से पलायन करने का निर्णय लिया है।
रामदीन ने अपने इस निर्णय को अपने घर की दीवार पर पेंट से लिखवा भी दिया है। यह भी कहा गया है कि यदि इस बीच उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है या उनके मकान व संपत्ति को कोई क्षति होती है, तो उसकी जिम्मेदारी आरोपियों और कोतवाली पुलिस की होगी। रामदीन ने अपना इस निर्णय एसपी, बरेली के आईजी और प्रदेश के डीजीपी को ट्वीट भी कर दिया है।
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मैंने दो बार गांव में जाकर जांच की। अब तक ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया, जिससे यह साबित होता कि संरक्षित पशु काटा गया है। इस मामले में साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई होगी। पुलिस की विवेचना चल रही है। -प्रशांत सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी
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पुलिस ने अभी तक इन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। आरोप है कि आरोपी रामदीन पर रिपोर्ट वापस करने का दबाव बना रहे हैं और रिपोर्ट वापस न करने पर परिवार के सभी लोगों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने सपरिवार गांव से पलायन करने का निर्णय लिया है।
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रामदीन ने अपने इस निर्णय को अपने घर की दीवार पर पेंट से लिखवा भी दिया है। यह भी कहा गया है कि यदि इस बीच उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है या उनके मकान व संपत्ति को कोई क्षति होती है, तो उसकी जिम्मेदारी आरोपियों और कोतवाली पुलिस की होगी। रामदीन ने अपना इस निर्णय एसपी, बरेली के आईजी और प्रदेश के डीजीपी को ट्वीट भी कर दिया है।
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मैंने दो बार गांव में जाकर जांच की। अब तक ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया, जिससे यह साबित होता कि संरक्षित पशु काटा गया है। इस मामले में साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई होगी। पुलिस की विवेचना चल रही है। -प्रशांत सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी