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नगरपालिका में एक और घोटाला, एलईडी लाइट के बाद अब तारों के 248 बंडल कम निकले
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पीलीभीत। नगरपालिका में 29 स्ट्रीट लाइट गायब होने का मामला अभी सुलझ नहीं सका था कि अब स्ट्रीट लाइटों के साथ मिले 425 तारों के बंडलों में 248 बंडल भी कम निकले हैं। इनका कोई हिसाब नहीं मिल रहा है। ईओ ने वर्तमान और तत्कालीन स्टोर कीपर को बुलाकर जांच शुरु कर दी।
नगरपालिका ने जेम पोर्टल के माध्यम से लखनऊ की एक फर्म से 1500 एलईडी लाइट खरीदी थीं। उस वक्त आरोप लगे थे कि इसमें बिना सत्यापन कमेटी के लाइट का भुगतान कर दिया था। एक सभासद ने तो अपने हाथ की नस भी काट ली थी। जब यह मामला उछला तो नगरपालिका के अधिकारियों ने प्रकाश प्रभारी प्रमोद कुमार की संलिप्ता मिलने पर उसे पद से हटाकर राकेश कुमार को लाइट का चार्ज दे दिया। स्टोर का चार्ज लेते समय उन्हें 1271 एलईडी लाइट मिली थी और 200 लाइटें सभासदों को दी गई थी। बाकी शेष 29 लाइट का पता नहीं चला। तो वहीं अब तार के बंडलों में हेराफेरी का मामला सामने आया है। रिकॉर्ड के अनुसार तारों के 425 बंडल दिए गए थे। नए स्टोर प्रभारी राकेश को 177 बंडल ही मिले है। शेष 248 बंडल कहां चले गए किसी को मालूम नहीं है। अब लाइट लगाने के दौरान तार की कमी से काम भी प्रभावित हो रहा है। गायब हुए बंडलों को लेकर ईओ ने इसकी जांच शुरू करा दी है।
तार के बंडल कहां चले गए इसे लेकर जांच कराई जा रही है। स्टोर प्रभारी से सामान की सूची मांगी गई है। अगर घपलेबाजी हुई है तो कार्रंवाई तय है। - निशा मिश्रा, ईओ
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नगरपालिका ने जेम पोर्टल के माध्यम से लखनऊ की एक फर्म से 1500 एलईडी लाइट खरीदी थीं। उस वक्त आरोप लगे थे कि इसमें बिना सत्यापन कमेटी के लाइट का भुगतान कर दिया था। एक सभासद ने तो अपने हाथ की नस भी काट ली थी। जब यह मामला उछला तो नगरपालिका के अधिकारियों ने प्रकाश प्रभारी प्रमोद कुमार की संलिप्ता मिलने पर उसे पद से हटाकर राकेश कुमार को लाइट का चार्ज दे दिया। स्टोर का चार्ज लेते समय उन्हें 1271 एलईडी लाइट मिली थी और 200 लाइटें सभासदों को दी गई थी। बाकी शेष 29 लाइट का पता नहीं चला। तो वहीं अब तार के बंडलों में हेराफेरी का मामला सामने आया है। रिकॉर्ड के अनुसार तारों के 425 बंडल दिए गए थे। नए स्टोर प्रभारी राकेश को 177 बंडल ही मिले है। शेष 248 बंडल कहां चले गए किसी को मालूम नहीं है। अब लाइट लगाने के दौरान तार की कमी से काम भी प्रभावित हो रहा है। गायब हुए बंडलों को लेकर ईओ ने इसकी जांच शुरू करा दी है।
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तार के बंडल कहां चले गए इसे लेकर जांच कराई जा रही है। स्टोर प्रभारी से सामान की सूची मांगी गई है। अगर घपलेबाजी हुई है तो कार्रंवाई तय है। - निशा मिश्रा, ईओ
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