फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   scam investigation

फरियादी बोला- डीएम साहब घोटाले की जांच मनरेगा उपायुक्त से मत करवाना

Sat, 19 Sep 2020 02:12 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2020 02:12 AM IST
विज्ञापन
scam investigation
पीलीभीत। विकास कार्यों के नाम पर मनरेगा के तहत ग्राम पंचायत इमामनगर अड़ौली में लाखों रुपये का गबन करने के मामले की शिकायत करने पहुंचे एक फरियादी ने मनरेगा योजना के उपायुक्त (डीसी) से जांच न कराने की गुहार डीएम से लगाई। शिकायतकर्ता ने डीसी की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उसकी ग्राम पंचायत में गबन की जांच किसी अन्य अधिकारी से कराकर कार्रवाई कराएं। डीएम भी शिकायतकर्ता की बात सुनकर हतप्रभ रह गए।
विज्ञापन

अमरिया ब्लॉक की ग्राम पंचायत इमामनगर अड़ौली के रहने वाले शिकायतकर्ता चुन्नीनलाल ने शुक्रवार सुबह डीएम कार्यालय पहुंचकर शिकायत पत्र देते हुए कहा कि उसके गांव में कराए गए विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन किसी निष्पक्ष अधिकारी से कराया जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि ग्राम पंचायत में मनरेगा में बड़ा घोटाला किया गया है। अधिकांश काम सिर्फ कागजों में ही कराया गया। अमखिड़िया पौधशाला के कार्य को अड़ौली ग्राम पंचायत में दर्शाकर फर्जी मस्टररोल तैयार किए गए और छह लाख रुपये की धनराशि का नकद भुगतान कर लिया गया। इसी तरह से सड़क, खड़ंजा, नाली निर्माण समेत मनरेगा से हुए अन्य कामों में भी लाखों रुपये गलत तरीके से खर्च किए गए। राजेगार सेवक के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की भी जांच कराने की मांग शिकायतकर्ता ने की।
विज्ञापन

फरियादी ने डीएम से कहा कि डीसी की कार्यशैली पर उन्हें शक है। मनरेगा घोटाले में उनकी संलिप्तता का आरोप लगाते हुए शिकायतकर्ता ने डीसी से मामले की जांच न कराने की मांग की। शिकायतकर्ता ने मस्टररोल समेत कुछ कागजात भी डीएम को दिए। डीएम पुलकित खरे ने प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

घोटालेबाज पंचायत सचिव को दोबारा भेजा जाएगा अनुस्मारक पत्र
पीलीभीत। मरौरी ब्लॉक के गांव देवीपुरा में स्ट्रीट लाइट लगवाने के नाम पर घोटाला किया गया था। शिकायत के बाद जांच कराई गई तो उसमें तीन लाख रुपये का गबन साबित हुआ। इस मामले में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को नोटिस भेजकर सात दिन में जवाब मांगा गया था। मगर 12 दिन बीतने के बाद भी पंचायत सचिव की ओर से जवाब नहीं दिया गया। डीपीआरओ राजकुमार ने बताया कि ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव दोनों को अनुस्मारक पत्र (रिमाइंडर) भेजा जा रहा है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed