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मंत्री पद की दौड़ में संजय गंगवार और स्वामी प्रवक्तानंद 17-42-53
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पीलीभीत। जिले के नव निर्वाचित विधायक संजय गंगवार को बड़ा नेता बनाने की बात केंद्रीय गृहमंत्री खुद कह गए थे। बरखेड़ा के विधायक स्वामी प्रवक्तानंद संत हैं और योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं। इसलिए दोनों को मंत्री पद की दौड़ में माना जा रहा है। संगठन से लेकर समर्थक तक लखनऊ की ओर निगाहें लगाए हुए हैं।
वैसे तो जिले की चारों सीटों पर भाजपा ने लगातार दूसरी बार कब्जा किया है, पर वर्ष 2017 से 2022 तक बहुत कुछ बदल गया है। दो चेहरे इस बार नए हैं, जो विधानसभा में नजर आएंगे। पहला नया चेहरा बीसलपुर से विवेक वर्मा का है। दूसरा जयद्रथ उर्फ स्वामी प्रवक्तानंद का है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संगठन के बड़े पदाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मौजूदा विधायक का टिकट काटकर प्रवक्तानंद को बरखेड़ा से उम्मीदवार बनाया गया था। प्रवक्तानंद ने न केवल जीत दर्ज की, बल्कि जीत के अंतर को पहले से बड़ा कर गया।
जिले में 1952 से अब तक हुए किसी विधानसभा चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को इतने मत नहीं मिले, जितने स्वामी प्रवक्तानंद ने हासिल किए हैं। स्वामी प्रवक्तानंद की जीत का अंतर 81472 रहा। आम तौर पर विजेता उम्मीदवार को मिले कुल मतों की संख्या बमुश्किल इतनी हो पाती है। गौर करें, बरखेड़ा में स्वामी प्रवक्तानंद समेत नौ उम्मीदवार थे। आठ उम्मीदवारों को मिले कुल मत 84244 हैं।
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जाहिर है बरखेड़ा में सभी उम्मीदवारों के मत शामिल कर दिए जाएं तो भी जुड़कर उतने मत नहीं हो रहे हैं, जितने मत स्वामी प्रवक्ता नंद ने अकेले हासिल किए हैं। शानदार जीत और भगवावेशधारी होने का उन्हें लाभ मिल सकता है। उनके करीबी मंत्री पद दिलाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। वहीं पीलीभीत सदर विधायक के समर्थन में जनसभा के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह खुद आए थे। शाह ने 21 फरवरी को मतदान से दो दिन पहले ड्रमंड कॉलेज के मैदान पर जनता के बीच एलान किया था कि अगर आपने संजय गंगवार को जिता दिया तो बड़ा नेता बनाऊंगा। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी संजय गंगवार के कार्य और सक्रियता की तारीफ करके गए हैं। शाह के बयान और योगी की तारीफ को देखते हुए उनके मंत्री पद की दौड़ होने की बात उनके समर्थक कह रहे हैं। वैसे यह जनपद ऐसा है, जहां पर भाजपा मंत्री पद देकर 2024 की तैयारी कर सकती है।
वैसे तो हमारे चारों विधायक ऐसे हैं, जो मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं लेकिन संगठन और मुख्यमंत्री इस विषय में निर्णय लेंगे। मैं तो यही चाहता हूं कि पीलीभीत जिले को भी एक मंत्री मिले ताकि विकास को रफ्तार दी जा सके।
संजीव प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष
जातिगत समीकरण पर हुआ विचार तो पूरनपुर का भी नाम आएगा
अगर जातिगत आधार पर मंत्री पद के लिए विचार होता है तो पूरनपुर से बाबूराम पासवान का नाम आएगा। क्योंकि वह पासवान बिरादरी से हैं और पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र से दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। उनके समर्थक चाहते हैं कि पासवान बिरादरी से बाबूराम पासवान को मंत्रिमंडल में भागीदारी दी जाए।
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वैसे तो जिले की चारों सीटों पर भाजपा ने लगातार दूसरी बार कब्जा किया है, पर वर्ष 2017 से 2022 तक बहुत कुछ बदल गया है। दो चेहरे इस बार नए हैं, जो विधानसभा में नजर आएंगे। पहला नया चेहरा बीसलपुर से विवेक वर्मा का है। दूसरा जयद्रथ उर्फ स्वामी प्रवक्तानंद का है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संगठन के बड़े पदाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मौजूदा विधायक का टिकट काटकर प्रवक्तानंद को बरखेड़ा से उम्मीदवार बनाया गया था। प्रवक्तानंद ने न केवल जीत दर्ज की, बल्कि जीत के अंतर को पहले से बड़ा कर गया।
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जिले में 1952 से अब तक हुए किसी विधानसभा चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को इतने मत नहीं मिले, जितने स्वामी प्रवक्तानंद ने हासिल किए हैं। स्वामी प्रवक्तानंद की जीत का अंतर 81472 रहा। आम तौर पर विजेता उम्मीदवार को मिले कुल मतों की संख्या बमुश्किल इतनी हो पाती है। गौर करें, बरखेड़ा में स्वामी प्रवक्तानंद समेत नौ उम्मीदवार थे। आठ उम्मीदवारों को मिले कुल मत 84244 हैं।
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जाहिर है बरखेड़ा में सभी उम्मीदवारों के मत शामिल कर दिए जाएं तो भी जुड़कर उतने मत नहीं हो रहे हैं, जितने मत स्वामी प्रवक्ता नंद ने अकेले हासिल किए हैं। शानदार जीत और भगवावेशधारी होने का उन्हें लाभ मिल सकता है। उनके करीबी मंत्री पद दिलाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। वहीं पीलीभीत सदर विधायक के समर्थन में जनसभा के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह खुद आए थे। शाह ने 21 फरवरी को मतदान से दो दिन पहले ड्रमंड कॉलेज के मैदान पर जनता के बीच एलान किया था कि अगर आपने संजय गंगवार को जिता दिया तो बड़ा नेता बनाऊंगा। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी संजय गंगवार के कार्य और सक्रियता की तारीफ करके गए हैं। शाह के बयान और योगी की तारीफ को देखते हुए उनके मंत्री पद की दौड़ होने की बात उनके समर्थक कह रहे हैं। वैसे यह जनपद ऐसा है, जहां पर भाजपा मंत्री पद देकर 2024 की तैयारी कर सकती है।
वैसे तो हमारे चारों विधायक ऐसे हैं, जो मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं लेकिन संगठन और मुख्यमंत्री इस विषय में निर्णय लेंगे। मैं तो यही चाहता हूं कि पीलीभीत जिले को भी एक मंत्री मिले ताकि विकास को रफ्तार दी जा सके।
संजीव प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष
जातिगत समीकरण पर हुआ विचार तो पूरनपुर का भी नाम आएगा
अगर जातिगत आधार पर मंत्री पद के लिए विचार होता है तो पूरनपुर से बाबूराम पासवान का नाम आएगा। क्योंकि वह पासवान बिरादरी से हैं और पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र से दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। उनके समर्थक चाहते हैं कि पासवान बिरादरी से बाबूराम पासवान को मंत्रिमंडल में भागीदारी दी जाए।