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UP: 112 वर्ष की आयु में संत हरिहरानंद हुए ब्रह्मलीन, सेना में ब्रिगेडियर रहे; इसलिए ले लिया था संन्यास
Fri, 10 May 2024 06:17 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 10 May 2024 06:17 PM IST
सार
संत हरिहरानंदपुरी भारतीय सेना में ब्रिगेडियर थे। जवान पुत्र डॉ. अनुज मिश्रा की मृत्यु के बाद पत्नी के साथ उन्होंने सन्यास ले लिया था। वह पीलीभीत के बिलासपुर गांव स्थित आश्रम में रह रहे थे।
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संत हरिहरानंद पुरी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पीलीभीत में जूना अखाड़े के संत हरिहरानंद पुरी महाराज 112 वर्ष की आयु में बृहस्पतिवार को ब्रह्मलीन हो गए। उनके निधन की खबर मिलते ही तमाम अनुयायी उनके आश्रम पहुंच गए। हरिहरानंदपुरी महाराज काशी एवं हिमाचल शिव शक्ति पीठ के पीठाधीश्वर थे।
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मूल रूप से उड़ीसा राजघराने में जन्मे हरिहरानंद भारतीय सेना में ब्रिगेडियर रह चुके थे। जवान पुत्र डॉ. अनुज मिश्रा की मृत्यु के बाद पत्नी के साथ उन्होंने सन्यास ले लिया था। वर्तमान में वह अमरिया के बिलासपुर गांव में आश्रम में निवास कर रहे थे।
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बिलासपुर शक्तिपीठ की पीठाधीश्वर पूज्यपद माता शिवानीपुरी महाराज के संरक्षण में हरिहरानंदपुरी को समाधि दी गई। उनके धर्मपुत्र प्रखर मिश्रा ने बताया कि शनिवार को दिव्य शक्ति यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। उसके उपरांत 24 मई को गुरुदेव सोड़सी संस्कार एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा। उनके समाधि के कार्यक्रम में क्षेत्रवासी एवं उनके शिष्य शामिल हुए।
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