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Pilibhit News: एडीएम, एएसपी की बात भी नहीं माने संत, बोले- लिखकर दो, तब करेंगे धरना खत्म

Fri, 29 Sep 2023 12:28 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Fri, 29 Sep 2023 12:28 AM IST
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Saint did not even listen to ADM and ASP, said - give it in writing, then we will end the protest
धरना समाप्त कराने पहुंचे एडीएम एफआर व अन्य अ​धिकारी । संवाद
बिलसंडा। तालाब का पट्टा निरस्त कराने की मांग को लेकर धरने पर बैठे साधु-संतों को मनाने के लिए बृहस्पतिवार को पुलिस-प्रशासनिक अफसर पहुंचे, लेकिन बात नहीं बनी। संतों ने साफ कह दिया कि जब तक उनको लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, वे आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।
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गांव दियूरिया खुर्द में पुरैना नाम से एक तालाब है। इसके पास संत हनुमान दास कुटिया डालकर रहते हैं, वहां एक विशाल बट वृक्ष भी है। इसकी पूजा-अर्चना करने के लिए आसपास के ग्रामीण भी पहुंचते हैं। हनुमान दास का आरोप है कि तालाब में मछली पालन कराया जाने लगा है। मछलियां पकड़कर बेची भी जाती हैं। इससे संतों की भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने मांग की है तालाब का पट्टा निरस्त कर उसे अमृत सरोवर घोषित किया जाए, लेकिन प्रशासन चुप्पी साधे है।
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इससे खफा साधु-संत धरने पर बैठ गए हैं। धरना बृहस्पतिवार को आठवें दिन भी जारी रहा। धरना समाप्त कराने के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व राम सिंह गौतम, एएसपी अनिल यादव, सीओ सतीश चंद्र शुक्ला, एसडीएम सचिन राजपूत, तहसीलदार करम सिंह, नायब तहसीलदार अवधेश सिंह, लेखपाल, इंस्पेक्टर अजय कुमार आदि पहुंचे। संतों से बात की। अफसरों ने कहा कि धरना समाप्त कर दो, एक माह में तालाब से मछलियों को निकलवा कर पट्टा निरस्त कर दिया जाएगा, लेकिन सत्यागिरि महाराज ने यह कहकर इन्कार कर दिया कि जब तक लिखित पत्र नहीं मिलेगा, धरना खत्म नहीं होगा।
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पांच अक्तूबर को लेंगे समाधि
मांग पूरी न होने पर संत हनुमान दास तीन दिनों से अन्न-जल नहीं ले रहे थे। बृहस्पतिवार को अफसरों ने उनको समझाकर भोजन तो करा दिया, लेकिन उन्होंने पांच अक्तूबर को समाधि लेने का अपना निर्णय वापस लेने से मना कर दिया। कहा, पट्टा निरस्त न होने पर वह पांच अक्तूबर को समाधि ले लेंगे।
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