{"_id":"62eac25f7246da24c41fb200","slug":"saare-jahan-se-achcha-hindestan-hamara-is-played-with-the-tune-of-flute-pilibhit-news-bly493419885","type":"story","status":"publish","title_hn":"पं. राजेंद्र प्रसन्नाः बांसुरी से निकली धुन...सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पं. राजेंद्र प्रसन्नाः बांसुरी से निकली धुन...सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा
विज्ञापन
गांधी प्रेक्षा गृह में बांसुरी वादन कार्याक्रम में मौजूद बच्चें। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। मशहूर बांसुरी वादक पंडित राजेंद्र प्रसन्ना ने बुधवार को गांधी प्रेक्षागृह में बांसुरी से जब ‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तां हमारा...’ की धुन निकाली तो देशभक्ति का माहौल बन गया। हर कोई मंत्र मुग्ध हो गया।
जिलाधिकारी पुलकित खरे, बीसए अमित कुमार, उपाधि कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दुष्यंत कुमार समेत तमाम अधिकारी और कर्मचारियों के साथ शिक्षक भी बांसुरीवादन सुनने के लिए उप स्थित थे। राजेंद्र प्रसन्ना ने देशभक्ति के गीतों की धुन बांसुरी से निकाली तो प्रेक्षा गृह में मौजूद छात्राएं गीत गुनगुनाने लगीं। कार्यक्रम दो सत्रों में हुआ। इसमें जिले मरौली और ललोरी खेड़ा विकास खँड के कस्तूरबा स्कूलों की छात्राओं ने भाग लिया। नीलम कुमारी और प्रतिम देवी समेत कई शिक्षिकाएं भी आईं थीं।
इससे पहले राजेंद्र प्रसन्ना ने चिरौंजीलाल वीरेंद्रपाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में प्रस्तुति दी। शुरुआत राग अहीर भैरव से की। इसके बाद पहाड़ी राग पर आधारित धुन सुनकर छात्र मंत्रमुग्ध हो गए। बृज की होली से कार्यक्रम का समापन किया। विद्यालय के अध्यक्ष बृजेंद्र कुमार अग्रवाल ने उनको स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने बेनहर पब्लिक स्कूल के एरीना हाल में प्रस्तुति दी।
विज्ञापन
छात्रों के द्वारा संगीत के विषय में पूछे गए सवालों के जवाब भी दिए। बच्चों ने बांसुरी की धुन पर गीत गाए। प्रबंधक परविन्दर सिंह सहमी और संस्थापक प्रधानाचार्या रंजीत सैहमी ने उनको स्मृति चिह्न भेंट किए। जिला समन्वयक संजीव पाराशरी ने आभार व्यक्त किया। सभी कार्यक्रमों में सम्यक पाराशरी बांसुरी बजाकर राजेंद्र प्रसन्ना के शागिर्द की भूमिका निभाई। स्पिक मैके के जिला प्रभारी संजीव पाराशरी कार्यक्रमों के संयोजक रहे।
बांसुरी नगरी के नाम से विख्यात पीलीभीत जिले में कुछ शिक्षकों को पंडित राजेंद्र प्रसन्ना से बांसुरी बजाने का प्रशिक्षण दिलाएंगे, ताकि वे बच्चों को सिखा सकेंगे। -पुलकित खरे, जिलाधिकारी
प्रसन्ना को किया गया सम्मानित
जिला प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी पुलकित खरे ने प्रख्यात बांसुरी वादक राजेंद्र प्रसन्ना और उनकी टीम के सभी सदस्यो को सम्मानित किया। साथ ही कहा कि यह जिले का सौभाग्य है कि जिले में विश्व स्तर के बांसुरी वादक ने अपना चार दिन का समय दिया है।
विज्ञापन
जिलाधिकारी पुलकित खरे, बीसए अमित कुमार, उपाधि कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दुष्यंत कुमार समेत तमाम अधिकारी और कर्मचारियों के साथ शिक्षक भी बांसुरीवादन सुनने के लिए उप स्थित थे। राजेंद्र प्रसन्ना ने देशभक्ति के गीतों की धुन बांसुरी से निकाली तो प्रेक्षा गृह में मौजूद छात्राएं गीत गुनगुनाने लगीं। कार्यक्रम दो सत्रों में हुआ। इसमें जिले मरौली और ललोरी खेड़ा विकास खँड के कस्तूरबा स्कूलों की छात्राओं ने भाग लिया। नीलम कुमारी और प्रतिम देवी समेत कई शिक्षिकाएं भी आईं थीं।
विज्ञापन
इससे पहले राजेंद्र प्रसन्ना ने चिरौंजीलाल वीरेंद्रपाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में प्रस्तुति दी। शुरुआत राग अहीर भैरव से की। इसके बाद पहाड़ी राग पर आधारित धुन सुनकर छात्र मंत्रमुग्ध हो गए। बृज की होली से कार्यक्रम का समापन किया। विद्यालय के अध्यक्ष बृजेंद्र कुमार अग्रवाल ने उनको स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने बेनहर पब्लिक स्कूल के एरीना हाल में प्रस्तुति दी।
विज्ञापन
छात्रों के द्वारा संगीत के विषय में पूछे गए सवालों के जवाब भी दिए। बच्चों ने बांसुरी की धुन पर गीत गाए। प्रबंधक परविन्दर सिंह सहमी और संस्थापक प्रधानाचार्या रंजीत सैहमी ने उनको स्मृति चिह्न भेंट किए। जिला समन्वयक संजीव पाराशरी ने आभार व्यक्त किया। सभी कार्यक्रमों में सम्यक पाराशरी बांसुरी बजाकर राजेंद्र प्रसन्ना के शागिर्द की भूमिका निभाई। स्पिक मैके के जिला प्रभारी संजीव पाराशरी कार्यक्रमों के संयोजक रहे।
बांसुरी नगरी के नाम से विख्यात पीलीभीत जिले में कुछ शिक्षकों को पंडित राजेंद्र प्रसन्ना से बांसुरी बजाने का प्रशिक्षण दिलाएंगे, ताकि वे बच्चों को सिखा सकेंगे। -पुलकित खरे, जिलाधिकारी
प्रसन्ना को किया गया सम्मानित
जिला प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी पुलकित खरे ने प्रख्यात बांसुरी वादक राजेंद्र प्रसन्ना और उनकी टीम के सभी सदस्यो को सम्मानित किया। साथ ही कहा कि यह जिले का सौभाग्य है कि जिले में विश्व स्तर के बांसुरी वादक ने अपना चार दिन का समय दिया है।

गांधी प्रेक्षा गृह में बांसुरी वादन करते पंडित राजेंद्र प्रसन्ना। संवाद- फोटो : PILIBHIT