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सिस्टम ने नहीं ली सुध तो ग्रामीणों ने खंभे डालकर बनाया रास्ता
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पीलीभीत। बरसात में वनकटी-संडा मार्ग कट जाने से आठ गांवों की करीब 25 हजार की आबादी जान जोखिम में डालकर जनपद मुख्यालय पहुंच रही है। संपर्क मार्ग की सड़क कटे हुए 10 दिन बीत चुके हैं। ग्रामीणों ने मार्ग की मरम्मत न होते देख अपने स्तर से बिजली के खंभे डाल लिए हैं। उसी से होकर राहगीर गुजर रहे हैं। राहगीर और वाहन चालक जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। कई राहगीर तो खंभों के ऊपर से गुजरने के दौरान चोटिल हो चुके हैं।
भाजपा सरकार के कार्यकाल में गांवों तक गड्ढामुक्त सड़क बनवाने का दावा किया जाता रहा है। मगर, बरखेड़ा क्षेत्र में आठ गांवों की 25 हजार से ज्यादा आबादी वनकटी सड़क कटने के बाद परेशानी झेल रही है। शहर के वनकटी रोड से संडा गांव जाने के लिए पीडब्ल्यूडी का संपर्क मार्ग बना है। करीब 10 दिन पूर्व संडा गांव से करीब 500 मीटर की दूरी पर यह मार्ग बरसात के चलते कट गया। पानी का बहाव तेज होने के कारण संडा, कल्लिया समेत आठ गांवों के लोगों को चार किमी लंबा चक्कर काटकर अब जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ता है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से भी शिकायत की, मगर किसी ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया। मजबूरन ग्रामीणों ने ही कटे हुए संपर्क मार्ग पर अपने स्तर से ही दो बिजली खंभे डालकर पैदल आवागमन के लिए रास्ता तैयार किया है। दोपहिया वाहन चालक और राहगीर जान जोखिम में डालकर इन खंभों के ऊपर से गुजरते हैं। अब तक खंभों से गुजरने के दौरान कुछ बाइक सवार गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। इधर, गांव कल्लिया के समीप नहर का पुल भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। कल्लियां से सेमपुर गांव तक जाने वाला मार्ग भी बेहद जर्जर है।
बोले लोग:
संडा और कल्लिया दोनों मार्ग पूरी तरह जर्जर हो गए हैं। मजबूरन चार किमी लंबा रास्ता तय कर शहर जाना पड़ता है। शासन-प्रशासन को ग्रामीणों की सुध लेनी चाहिए। - जसवंत कुमार लोधी, पूर्व प्रधान, संडा
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10 दिन से सड़क कटी पड़ी है, मगर कोई देखने वाला नहीं है। हम सबने मिलकर कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत भी की, मगर कोई सुध लेने वाला नहीं है। - मुनेंद्र कुमार, न्यूरिया खुर्द
जनप्रतिनिधियों को कम से कम सड़क की सुविधा पर ध्यान देना चाहिए। दस दिन से सड़क कटी पड़ी है। मगर किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया। - फकीरे लाल, संडा
हमें अभी सड़क कटने की जानकारी नहीं है। इंजीनियरों की टीम भेजकर दिखवाएंगे। यदि सड़क पीडब्ल्यूडी की है तो तत्काल उसकी मरम्मत कराई जाएगी। - हरस्वरूप, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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भाजपा सरकार के कार्यकाल में गांवों तक गड्ढामुक्त सड़क बनवाने का दावा किया जाता रहा है। मगर, बरखेड़ा क्षेत्र में आठ गांवों की 25 हजार से ज्यादा आबादी वनकटी सड़क कटने के बाद परेशानी झेल रही है। शहर के वनकटी रोड से संडा गांव जाने के लिए पीडब्ल्यूडी का संपर्क मार्ग बना है। करीब 10 दिन पूर्व संडा गांव से करीब 500 मीटर की दूरी पर यह मार्ग बरसात के चलते कट गया। पानी का बहाव तेज होने के कारण संडा, कल्लिया समेत आठ गांवों के लोगों को चार किमी लंबा चक्कर काटकर अब जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ता है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से भी शिकायत की, मगर किसी ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया। मजबूरन ग्रामीणों ने ही कटे हुए संपर्क मार्ग पर अपने स्तर से ही दो बिजली खंभे डालकर पैदल आवागमन के लिए रास्ता तैयार किया है। दोपहिया वाहन चालक और राहगीर जान जोखिम में डालकर इन खंभों के ऊपर से गुजरते हैं। अब तक खंभों से गुजरने के दौरान कुछ बाइक सवार गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। इधर, गांव कल्लिया के समीप नहर का पुल भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। कल्लियां से सेमपुर गांव तक जाने वाला मार्ग भी बेहद जर्जर है।
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बोले लोग:
संडा और कल्लिया दोनों मार्ग पूरी तरह जर्जर हो गए हैं। मजबूरन चार किमी लंबा रास्ता तय कर शहर जाना पड़ता है। शासन-प्रशासन को ग्रामीणों की सुध लेनी चाहिए। - जसवंत कुमार लोधी, पूर्व प्रधान, संडा
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10 दिन से सड़क कटी पड़ी है, मगर कोई देखने वाला नहीं है। हम सबने मिलकर कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत भी की, मगर कोई सुध लेने वाला नहीं है। - मुनेंद्र कुमार, न्यूरिया खुर्द
जनप्रतिनिधियों को कम से कम सड़क की सुविधा पर ध्यान देना चाहिए। दस दिन से सड़क कटी पड़ी है। मगर किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया। - फकीरे लाल, संडा
हमें अभी सड़क कटने की जानकारी नहीं है। इंजीनियरों की टीम भेजकर दिखवाएंगे। यदि सड़क पीडब्ल्यूडी की है तो तत्काल उसकी मरम्मत कराई जाएगी। - हरस्वरूप, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग