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रालोद ने जुलूस निकाला, एडीएम को ज्ञापन
पीलीभीत।
Updated Tue, 31 Mar 2015 11:46 PM IST
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बारिश व ओलावृष्टि से
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नुकसान हुई फसलों का उचित मुआवजा दिए जाने समेत किसानों की तमाम समस्याओं
को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने शासन-प्रशासन को ज्ञापन भेजा है। रालोद
कार्यकर्ताओं ने प्रांतीय आह्वान पर शहर में जुलूस निकालकर राज्यपाल को
संबोधित ज्ञापन एडीएम को दिया। भाजपा ने भी डीएम को ज्ञापन भेज किसानों की
समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रांतीय आह्वान पर रालोद कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष आरिफ हज़रत खां की अगुवाई में कलक्ट्रेट में एकत्र हुए तथा वहीं किसान समस्याओं को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन स्थल पर ही आंदोलनकारियों ने सभा की।
जिसमें जिलाध्यक्ष ने कहा कि असामयिक बरसात और ओलावृष्टि से किसानों की आलू, सरसों, गेहूं, चना, मटर, अरहर सहित तमाम फसलों के साथ मौसमी सब्जियों को भारी नुकसान हुआ है। सदमे में किसान आत्महत्या करने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि सरकार मुआवजे के नाम पर जो रकम रिलीज करने की बात कह रही है वह ऊंट के मुंह में जीरा है। बाद में पदाधिकारियों ने एडीएम को छह सूत्री ज्ञापन भेजा।
जिसमें बर्बाद फसलों का किसानों को उचित मुआवजा दिलाए जाने, सदमे में आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवार वालों को मुआवजा राशि व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने, प्रभावित क्षेत्र के किसानों का छह माह का बिजली बिल माफ किए जाने, गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रदेश सरकार द्वारा 500 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिए जाने, बकाया गन्ना मूल्य भुगतान दिलाने, जायद फ सल के लिए बीज व खाद पर अनुदान दिए जाने आदि की मांग की गई है। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष मो. असद हुसैन खां, धनीराम, हरीराम शर्मा, शावेज खां, बबलू आदि रालोद कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बलविंदर सिंह उर्फ बिल्लू ने डीएम को भेजे पत्र में नुकसान हुई फसलों का किसानों को मुआवजा दिए जाने, क्षेत्र के किसानों के खेतों में खड़े गन्ने को पेरने के बाद ही मिल बंद करने, गेहूं खरीद व्यवस्था जल्द शुरू कराने आदि की मांग की गई है। पत्र पर हरीराम वर्मा, तरुण कुमार आदि के हस्ताक्षर हैं।
सर्वे न करने पर सड़क पर उतरे किसान
चुर्रासकतपुर। गांव रिछोला सबल के किसानों ने अतिवृष्टि से नष्ट हुई फसल का सर्वेक्षण न किए जाने पर मंगलवार को राजस्व विभाग के विरोध में प्रदर्शन और नारेबाजी की।
गांव रिछोला सबल के तमाम किसान मंगलवार को प्राथमिक विद्यालय के पास जमा हुए और राजस्व विभाग के विरोध में प्रदर्शन, नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि अतिवृष्टि से उन लोगों की गेहूं की अधिकांश फसल नष्ट हो गई है, लेकिन राजस्व विभाग ने अभी तक मुआवजा देना तो दूर सर्वे भी नहीं कराया है। किसानों में राजस्व विभाग के प्रति काफी रोष दिख रहा था। प्रदर्शन करने वालों में ख्याली राम, वीरपाल, चंद्रपाल, प्रदीप कुमार, जमुना प्रसाद, नरेंद्र पाल, लालाराम, नन्हे लाल, ठाकुर दास, मनोहर लाल, सर्वेश कुमार, श्रीकृष्ण, रामस्वरूप, शंकर लाल, जंग बहादुर, ओमकार बिहारी लाल, भीमसेन, महेंद्र पाल, जगदीश, नत्थो देवी, छोटे लाल और शांति देवी समेत तमाम किसान शामिल थे।
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ओलावृष्टि से नुकसान का सर्वे कराने की मांग
पूरनपुर। गांव पिपरिया दुलई के किसानों ने तहसीलदार को ज्ञापन देकर बारिश, ओलावृष्टि से हुए नुकसान का अब तक सर्वे न होने की शिकायत कर सर्वे कराने की मांग की। गांव निवासी बालकराम, सरित कुमार सिंह, जयकरन सिंह, सर्वेश सिंह, रामऔतार, रामकुमार, महताब सिंह, सतविंदर सिंह आदि ने तहसीलदार ने मंगलवार को तहसीलदार से मिलकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले दिनों हुई बारिश, ओलावृष्टि से गांव के किसानों की अस्सी प्रतिशत तक फसलें नष्ट हुई, लेकिन अब तक नुकसान का सर्वे तक नहीं किया गया। ज्ञापन मेें शीघ्र सर्वे कराने की मांग की र्गई। तहसीलदार दिग्विजय सिंह ने शीघ्र सर्वे कराने का आश्वासन दिया। भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संतराम विश्वकर्मा ने भी एसडीएम को पत्र भेज किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रांतीय आह्वान पर रालोद कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष आरिफ हज़रत खां की अगुवाई में कलक्ट्रेट में एकत्र हुए तथा वहीं किसान समस्याओं को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन स्थल पर ही आंदोलनकारियों ने सभा की।
जिसमें जिलाध्यक्ष ने कहा कि असामयिक बरसात और ओलावृष्टि से किसानों की आलू, सरसों, गेहूं, चना, मटर, अरहर सहित तमाम फसलों के साथ मौसमी सब्जियों को भारी नुकसान हुआ है। सदमे में किसान आत्महत्या करने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि सरकार मुआवजे के नाम पर जो रकम रिलीज करने की बात कह रही है वह ऊंट के मुंह में जीरा है। बाद में पदाधिकारियों ने एडीएम को छह सूत्री ज्ञापन भेजा।
जिसमें बर्बाद फसलों का किसानों को उचित मुआवजा दिलाए जाने, सदमे में आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवार वालों को मुआवजा राशि व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने, प्रभावित क्षेत्र के किसानों का छह माह का बिजली बिल माफ किए जाने, गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रदेश सरकार द्वारा 500 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिए जाने, बकाया गन्ना मूल्य भुगतान दिलाने, जायद फ सल के लिए बीज व खाद पर अनुदान दिए जाने आदि की मांग की गई है। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष मो. असद हुसैन खां, धनीराम, हरीराम शर्मा, शावेज खां, बबलू आदि रालोद कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बलविंदर सिंह उर्फ बिल्लू ने डीएम को भेजे पत्र में नुकसान हुई फसलों का किसानों को मुआवजा दिए जाने, क्षेत्र के किसानों के खेतों में खड़े गन्ने को पेरने के बाद ही मिल बंद करने, गेहूं खरीद व्यवस्था जल्द शुरू कराने आदि की मांग की गई है। पत्र पर हरीराम वर्मा, तरुण कुमार आदि के हस्ताक्षर हैं।
सर्वे न करने पर सड़क पर उतरे किसान
चुर्रासकतपुर। गांव रिछोला सबल के किसानों ने अतिवृष्टि से नष्ट हुई फसल का सर्वेक्षण न किए जाने पर मंगलवार को राजस्व विभाग के विरोध में प्रदर्शन और नारेबाजी की।
गांव रिछोला सबल के तमाम किसान मंगलवार को प्राथमिक विद्यालय के पास जमा हुए और राजस्व विभाग के विरोध में प्रदर्शन, नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि अतिवृष्टि से उन लोगों की गेहूं की अधिकांश फसल नष्ट हो गई है, लेकिन राजस्व विभाग ने अभी तक मुआवजा देना तो दूर सर्वे भी नहीं कराया है। किसानों में राजस्व विभाग के प्रति काफी रोष दिख रहा था। प्रदर्शन करने वालों में ख्याली राम, वीरपाल, चंद्रपाल, प्रदीप कुमार, जमुना प्रसाद, नरेंद्र पाल, लालाराम, नन्हे लाल, ठाकुर दास, मनोहर लाल, सर्वेश कुमार, श्रीकृष्ण, रामस्वरूप, शंकर लाल, जंग बहादुर, ओमकार बिहारी लाल, भीमसेन, महेंद्र पाल, जगदीश, नत्थो देवी, छोटे लाल और शांति देवी समेत तमाम किसान शामिल थे।
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ओलावृष्टि से नुकसान का सर्वे कराने की मांग
पूरनपुर। गांव पिपरिया दुलई के किसानों ने तहसीलदार को ज्ञापन देकर बारिश, ओलावृष्टि से हुए नुकसान का अब तक सर्वे न होने की शिकायत कर सर्वे कराने की मांग की। गांव निवासी बालकराम, सरित कुमार सिंह, जयकरन सिंह, सर्वेश सिंह, रामऔतार, रामकुमार, महताब सिंह, सतविंदर सिंह आदि ने तहसीलदार ने मंगलवार को तहसीलदार से मिलकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले दिनों हुई बारिश, ओलावृष्टि से गांव के किसानों की अस्सी प्रतिशत तक फसलें नष्ट हुई, लेकिन अब तक नुकसान का सर्वे तक नहीं किया गया। ज्ञापन मेें शीघ्र सर्वे कराने की मांग की र्गई। तहसीलदार दिग्विजय सिंह ने शीघ्र सर्वे कराने का आश्वासन दिया। भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संतराम विश्वकर्मा ने भी एसडीएम को पत्र भेज किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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