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चौथे चुनाव में हुआ जनसंघ का उदय
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Wed, 11 Jan 2017 11:28 PM IST
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चौथी विधानसभा का चुनाव 1967 में हुआ। इससे पहले एक बार फिर विधानसभा क्षेत्रों निर्धारण कर बरखेड़ा नाम से नए क्षेत्र का गठन किया गया। यह आखिरी फेरबदल था। बरखेड़ा सीट के सृजन के बाद जिले में फिर चार विधान सभा क्षेत्र बने। इस चुनाव में पीलीभीत और नवसृजित बरखेड़ा सीट पर भारतीय जनसंघ ने कब्जा जमाया था जबकि पूरनपुर सीट पर आईएनसी कब्जा बरकरार रखने में कामयाब रही थी। बीसलपुर सीट प्रजातांत्रिक सोशलिस्ट पार्टी के खाते में गई थी।विधानसभा चुनाव- 1967 में पीलीभीत सीट से भारतीय जनसंघ के बाबूराम ने 15671 मत हासिल कर अपने प्रतिद्वंदी सीपीआई के नफीस अहमद को 1216 मतों से पराजित किया। नवसृजित बरखेड़ा सुरक्षित सीट पर भी भारतीय जनसंघ किशनलाल 13627 मत पाकर विजयी रहे थे। उन्होंने इंडियन नेशनल कांग्रेस के डी प्रसाद को 2110 मतों से हराया था। बीसलपुर सीट पर 12562 मत पाकर प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के मुनींद्र पाल सिंह विधायक चुने गए। चौथी पूरनपुर विधानसभा में विधायक मोहनलाल आचार्य ने जीत दर्ज कर लगातार दूसरी बार विधायक बने और जिले में इंडियन नेशनल कांग्रेस की एक सीट बचाने में कामयाब रहे।
तीसरी बार विधायक बने थे मुनींद्र पाल सिंह
1952 में हुए विधानसभा के पहले चुनाव में पूरनपुर कम बीसलपुर ईस्ट सीट से मुनींद्र पाल सिंह विधायक बने थे। इसके बाद उन्होंने दूसरी विधानसभा में भी बीसलपुर सुरक्षित सीट से जीत दर्ज की। लेकिन तीसरी विधानसभा में उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा। इसके बाद चौथी विधानसभा में पुन: बीसलपुर से चुनाव जीतकर तीसरी बार विधायक बनने का गौरव हासिल किया।
35 प्रत्याशियों ने आजमाया था भाग्य
चौथी विधानसभा के लिए हुए चुनाव में चारों सीटों से 35 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। इसमें सबसे ज्यादा 11 प्रत्याशी बीसलपुर सीट पर थे जबकि पीलीभीत, बरखेड़ा सुरक्षित व पूरनपुर में क्रमश: 8, 7 व 9 प्रत्याशी थे। इसमें पीलीभीत से नफीस अहमद व पूरनपुर से हरीशचंद्र ने दूसरी बार चुनाव लड़ा जबकि धीरेंद्र सहाय, तेजबहादुर गंगवार, हरनरायनलाल आदि पहली बार चुनाव लड़े थे।
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तीसरी बार विधायक बने थे मुनींद्र पाल सिंह
1952 में हुए विधानसभा के पहले चुनाव में पूरनपुर कम बीसलपुर ईस्ट सीट से मुनींद्र पाल सिंह विधायक बने थे। इसके बाद उन्होंने दूसरी विधानसभा में भी बीसलपुर सुरक्षित सीट से जीत दर्ज की। लेकिन तीसरी विधानसभा में उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा। इसके बाद चौथी विधानसभा में पुन: बीसलपुर से चुनाव जीतकर तीसरी बार विधायक बनने का गौरव हासिल किया।
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35 प्रत्याशियों ने आजमाया था भाग्य
चौथी विधानसभा के लिए हुए चुनाव में चारों सीटों से 35 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। इसमें सबसे ज्यादा 11 प्रत्याशी बीसलपुर सीट पर थे जबकि पीलीभीत, बरखेड़ा सुरक्षित व पूरनपुर में क्रमश: 8, 7 व 9 प्रत्याशी थे। इसमें पीलीभीत से नफीस अहमद व पूरनपुर से हरीशचंद्र ने दूसरी बार चुनाव लड़ा जबकि धीरेंद्र सहाय, तेजबहादुर गंगवार, हरनरायनलाल आदि पहली बार चुनाव लड़े थे।
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