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पीलीभीत महायोजनाः मंगतपुर में बस टर्मिनल, शहर के चारों बनेगी रिंग रोड

Tue, 02 Aug 2022 01:07 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 02 Aug 2022 01:07 AM IST
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Ring road will be built around the city, bus terminal in Mangatpur
पीलीभीत शहर के मीना बाजार स्थित पानी की टंकी से लिया गया शहर का दृश्य। संवाद - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। अगर महायोजना पर अमल होता है तो शहर की तस्वीर बदल जाएगी। महायोजना में रिंग रोड प्रस्तावित है। रिंग बनने से शहर के भीतर जाम की समस्या का समाधान होगा। आवागमन आसान होगा। बाहर से आने वाले वाहन रिंग रोड होकर ही गंतव्य की ओर जाएंगे। इसके अलावा माधोटांडा और बीसलपुर मार्ग के साथ साथ टनकपुर मार्ग पर शहर का विस्तार होगा। टनकपुर मार्ग पर मंगतपुर गांव के पास बस टर्मिनल प्रस्तावित किया गया है।
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शहर की आबादी 2011 की जनगणना के अनुसार 1,27,000 है। अब 2031 तक आबादी बढ़कर 2.62 लाख होने की उम्मीद है। बढ़ती आबादी के मद्जेनजर ट्रैफिक भी बढ़ेगा। आवासीय क्षेत्र बढ़ेगा और व्यावसायिक जोन की जरूरत भी पड़ेगी। इसी को ध्यान में रखकर महायोजना तैयार की गई है। अहम बात यह भी है कि इससे पहले 1986 में पीलीभीत की महायोजना तैयार हुई थी। हर दस वर्ष में एक बार महायोजना बनाने का नियम है लेकिन इसका पालन नहीं हुआ। बीच के वर्ष खाली बीत गए। वर्ष 1986 की महायोजना पर ही अमल होता रहा।
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क्या हैं मुख्य प्रावधान
बरेली जहानाबाद मार्ग पर बनी रेलवे लाइन के ओवरब्रिज के दाहिनी ओर स्थित बालपुर पट्टी एहतमाली और खरुआ मुस्तकिल के निकट मुख्य मार्ग से रिंग रोड शुरू होगा। बीसलपुर मार्ग को जोड़ने के लिए रूपपुर कमालू, पूरनपुर रोड होते हुए मीरापुर तक जाएगी। मुख्य मार्ग पर बीच में पड़ने वाली देवहा नदी पर एक पुल भी बनेगा। रिंग रोड बनकर तैयार होने से भविष्य के पीलीभीत को विस्तार मिलेगा।
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पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग पर पीलीभीत की रेलवे क्रॉसिंग से आगे डेढ़ किलोमीटर तक विस्तार होगा। सड़क के दाहिनी ओर डेढ़ किलोमीटर तक रिहायशी इलाका रहेगा लेकिन बाईं ओर रेलवे क्रॉसिंग से 650 मीटर तक आबादी बसाने के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं को भूखंडों पर निर्माण करने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। उसके बाद 320 मीटर क्षेत्र मुर्गी फार्म, खेती संबंधी फार्म हाउस बनाए जा सकेंगे। कृषि से जुड़ी गतिविधियों के लिए क्षेत्र आरक्षित रहेगा।
पीलीभीत-बरेली मार्ग पर देवहा नदी के पुल के बाद सड़क के दोनों तरफ 45 मीटर हरित पट्टी रहेगी। इसके बाद हाईवे फैसिलिटी जोन बनाया जाना प्रस्तावित है। इसमें व्यावसायिक गतिविधि हो सकेंगी। लोग होटल, ढाबा, सर्विस स्टेशन आदि खोल सकेंगे।
पीलीभीत बीसलपुर मार्ग पर असम चौराहे के बाद रुपपुर कमालू गांव तक 1600 मीटर तक बाईं ओर औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जाना है। नए उद्योग इसी जोन में लगेंगे। ट्रांसपोर्ट नगर के लिए भी जगह दी जा सकेगी। दाहिनी ओर डेढ़ किलोमीटर तक आवासीय भवन, विद्युत सब स्टेशन, लघु उद्योग लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की योजना महायोजना में शामिल है।
पीलीभीत-टनकपुर मार्ग पर कचहरी से करीब दो किलोमीटर आगे मंगतपुर गांव के निकट मुख्य मार्ग पर बस टर्मिनल और ट्रांसपोर्ट नगर बनाए जाने का प्रस्ताव है। क्योंकि आने वाले समय में वाहन बढ़ेंगे। बस टर्मिनल की भी जरूरत पड़ेगी।
कहां तक लागू है महायोजना
पीलीभीत महायोजना उत्तर में टनकपुर मार्ग पर सैदपुर तक लागू है। दक्षिण में बीसलपुर मार्ग पर रूपपुर कमालू तक इसे लागू किया गया है। पूर्व में माधोटांडा मार्ग पर चिड़ियादाह और पश्चिम में बरेली मार्ग पर खेड़ा गांव तक महायोजना लागू की गई है।
30 अगस्त तक रोज देख सकते हैं महायोजना
जिलाधिकारी ने महायोजना की प्रदर्शनी का किया शुभारंभ
पीलीभीत। महायोजना 2031 को जनता के लिए प्रदर्शित कर दिया गया है। शहर का विस्तार किस ओर होगा। कहां क्या बना सकते हैं। अगर इसकी जानकारी चाहिए तो आप ऑनलाइन और ऑफ लाइन दोनों तरह से महायोजना को देख सकते हैं। अपने सुझाव और आपत्तियों को नियत प्राधिकारी कार्यालय में दाखिल कर सकते हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति आपके सुझाव को उपयोगी मानेगी तो उसे महायोजना में शामिल किया जाएगा। अगर आप जागरूक हैं तो नगर मजिस्ट्रेट के कार्यालय में 30 अगस्त तक रोज सुबह 10 से शाम पांच बजे तक महायोजना को देख सकते हैं। यहां विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता बुद्धसेन सिंह मौजूद रहेंगे। वह आपकी शंकाओं का समाधान कराएंगे।

‘महायोजना लागू होने से अतिक्रमण हटेगा। व्यावसायिक और रिहायशी क्षेत्र आरक्षित किए गए हैं। आने वाले दिनों में रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधि नहीं होगी।’
- सुरेंद्र प्रताप सिंह, अधिशासी अधिकारी
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