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15 साल बाद पहुंचा 94 गांव का शस्त्र रिकार्ड
पीलीभीत
Updated Fri, 06 Feb 2015 12:13 AM IST
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शाहजहांपुर से काटकर जिले में जोड़े गए 94 गांव के शस्त्र धारकों का रिकार्ड 15 साल बाद जिले को प्राप्त हो गया है। इससे अब 94 गांव के शस्त्र धारकों का डाटा ऑनलाइन करने में सुविधा हो सकेगी।
वर्ष 2000 में शाहजहांपुर जिले के 94 गांवों को पीलीभीत जिले की पूरनपुर तहसील से जोड़ा गया था। इसके बाद पुलिस सहित अधिकांश विभाग पीलीभीत से संबद्ध कर दिए गए लेकिन शस्त्र लाइसेंसों की पत्रावलियां उपलब्ध नहीं को सकीं। इसके लिए कई बार पत्राचार भी किया गया। साथ ही शस्त्रधारकों ने भी मांग की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इससे जिले के शस्त्र धारकों का रिकार्ड दुरुस्त नहीं हो पा रहा था।
यही नहीं शासन द्वारा समय-समय पर सूचनाएं मांगे जाने पर अधूरी सूचनाएं भेजनी पड़ रही थीं। वहीं 94 गांव के शस्त्र धारकों को नवीनीकरण कराने में दिक्कत आती थी। उनको शाहजहांपुर से रिकार्ड तलाशना पड़ता था। रिकार्ड उपलब्ध न होने पर सबसे बड़ी समस्या इस समय चल रहे डाटा ऑनलाइन कार्य में हो रही थी।
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31 मार्च तक डाटा ऑनलाइन कराने का आदेश है। इसके लिए जिला प्रशासन ने शाहजहांपुर जिला प्रशासन से शस्त्रधारकों का रिकार्ड मांगा था। इस बार इन 94 गांवों के शस्त्र रिकार्ड उपलब्ध हो गए हैं। डीएम ओएन सिंह ने बताया कि शाहजहांपुर से शस्त्र लाइसेंस का रिकार्ड मिल गया है। जल्द सभी का रिकार्ड कंप्यूटर में फीड कर ऑनलाइन कराया जाएगा।
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वर्ष 2000 में शाहजहांपुर जिले के 94 गांवों को पीलीभीत जिले की पूरनपुर तहसील से जोड़ा गया था। इसके बाद पुलिस सहित अधिकांश विभाग पीलीभीत से संबद्ध कर दिए गए लेकिन शस्त्र लाइसेंसों की पत्रावलियां उपलब्ध नहीं को सकीं। इसके लिए कई बार पत्राचार भी किया गया। साथ ही शस्त्रधारकों ने भी मांग की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इससे जिले के शस्त्र धारकों का रिकार्ड दुरुस्त नहीं हो पा रहा था।
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यही नहीं शासन द्वारा समय-समय पर सूचनाएं मांगे जाने पर अधूरी सूचनाएं भेजनी पड़ रही थीं। वहीं 94 गांव के शस्त्र धारकों को नवीनीकरण कराने में दिक्कत आती थी। उनको शाहजहांपुर से रिकार्ड तलाशना पड़ता था। रिकार्ड उपलब्ध न होने पर सबसे बड़ी समस्या इस समय चल रहे डाटा ऑनलाइन कार्य में हो रही थी।
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31 मार्च तक डाटा ऑनलाइन कराने का आदेश है। इसके लिए जिला प्रशासन ने शाहजहांपुर जिला प्रशासन से शस्त्रधारकों का रिकार्ड मांगा था। इस बार इन 94 गांवों के शस्त्र रिकार्ड उपलब्ध हो गए हैं। डीएम ओएन सिंह ने बताया कि शाहजहांपुर से शस्त्र लाइसेंस का रिकार्ड मिल गया है। जल्द सभी का रिकार्ड कंप्यूटर में फीड कर ऑनलाइन कराया जाएगा।