फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Ramchandra passed away after finally receiving land ownership rights following a six-decade wait.

Pilibhit News: छह दशक बाद मिला भूमिधरी अधिकार, अब दुनिया छोड़ गए रामचंद्र

Wed, 01 Jul 2026 01:05 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jul 2026 01:05 AM IST
विज्ञापन
Ramchandra passed away after finally receiving land ownership rights following a six-decade wait.
किसान रामचंद्र का फाइल फोटो
पूरनपुर। छह दशक के लंबे इंतजार के बाद भूमिधरी का तोहफा मिलने से खुश किसान रामचंद्र महज 28 घंटे बाद ही चल बसे। मंगलवार सुबह हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। किसान की मौत क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही।
विज्ञापन


ग्राम पंचायत रामनगर के गांव चंद्रनगर निवासी रामचंद्र वर्ष 1961-62 में पूर्वांचल से विस्थापित होकर आए थे। उप निवेशन योजना के तहत उनको करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन दी गई थी। योजना के तहत, वह जमीन का उपभोग तो कर सकते थे। उनके परिजनों के नाम भी आ सकती थी, लेकिन उसकी बिक्री का अधिकार नहीं था। पूर्वांचल से विस्थापित होकर बसे लोगों ने संक्रमणीय भूमिधर का अधिकार पाने को लंबा संघर्ष किया। सोमवार को मुख्यमंत्री ने उनको संक्रमणीय भूमिधरी का अधिकार का प्रमाण पत्र दिया। तब उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
विज्ञापन

रामचंद्र के पुत्र पूर्व प्रधान जवाहर लाल ने बताया कि सोमवार शाम को पूरे परिवार के साथ बैठे उनके पिता बहुत खुश थे। उन्होंने कहा कि छह दशक के संघर्ष के बाद इसका पहला तोहफा उनको मिला है। पिता ने पुत्रों, पुत्रवधूओं, पौत्रों को अपने पास बैठाकर खुशी का इजहार किया। मंगलवार को उसके पिता जिंदगी की जंग से हार गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

पूर्व प्रधान ने बताया कि रात को पिता और अन्य लोग घर के बाहर खुले में सोए थे। मंगलवार सुबह चार बजे आंख खुलने पर पिता को घर की चौखट पर बैठे देखा। इस दौरान अचानक वह गिर गए। संपूर्णानगर में एक चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक के अनुसार, हार्ट अटैक से उनकी मौत हुई है। तहसीलदार आशीष गुप्ता ने टीम के साथ किसान के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। संवाद


--
जिंदगी भर रहे निरोगी रहे रामचंद्र
किसान रामचंद्र के परिवार में पत्नी कस्तूरी देवी के अलावा चार पुत्रों में सबसे बड़े पुत्र लाल बहादुर, उससे छोटे जवाहर लाल, जसवंत, रविंद्र और दो बेटियां है। पुत्र-पुत्रियों की शादी हो चुकी है। उनके पुत्र पूर्व प्रधान जवाहर लाल ने बताया कि उनके पिता जिंदगी भर निरोगी रहे। कभी ऐसे बीमार नहीं हुए कि उनको अस्पताल ले जाया जाता। बोले, पिता ने तो अंतिम समय तक एक भी टैबलेट नहीं ली।
-------------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed