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Pilibhit News: बारिश नजदीक, नोमैंस लैंड के पास कटान रोकने के लिए लगेंगे वायर क्रेट
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नोमैंस लैंड के निकट कटान रोकने के लिए लगाए जा रहे वायर क्रेट। संवाद
कलीनगर। बारिश नजदीक है। इसको देखते हुए शारदा नदी के कटान से प्रभावित नोमैंस लैंड से सटे नोजल्हा नंबर-दो क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण कार्य तेज हुए हैं। बाढ़ खंड की ओर से नोमैंस लैंड से लेकर गत वर्ष नदी के कटान से प्रभावित हुए क्षेत्र तक दाहिने किनारे पर लगभग 200 मीटर लंबाई में प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है। इसके ऊपर तार के जाल (वायर क्रेट) में पत्थर भरकर मजबूत ठोकरें बनाने की तैयारी की जा रही है।
भारत-नेपाल सीमा से सटे इस क्षेत्र में पिछले दो वर्षों से शारदा नदी लगातार दाहिने किनारे पर कटान कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी का रुख इसी तरह बढ़ता रहा तो कई बंगाली कॉलोनियां और तटबंध खतरे की जद में आ सकते हैं। पिछले वर्ष पर्याप्त बजट न मिलने के कारण यहां केवल अस्थायी बाढ़ नियंत्रण कार्य कराया गया था।
क्षेत्रवासियों के आंदोलन और जनप्रतिनिधियों की पैरवी के बाद इस बार योजना को मंजूरी मिली। इन दिनों पोकलैंड मशीन की मदद से नोमैंस लैंड और आसपास के क्षेत्र से बजरीयुक्त रेत व मिट्टी निकालकर ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के माध्यम से कटानग्रस्त स्थल तक पहुंचाई जा रही है।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पहले मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। उसके बाद वायर क्रेट में पत्थर भरकर स्थायी सुरक्षा व्यवस्था बनाई जाएगी। पत्थरों की आपूर्ति भी शुरू हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि कार्य की गति पहले की तुलना में बेहतर है, लेकिन नोमैंस लैंड वाले हिस्से को भी पर्याप्त मजबूती देना जरूरी है। उनका मानना है कि यदि यह भाग कमजोर रह गया तो बरसात के दौरान फिर खतरा पैदा हो सकता है।
अधिशासी अभियंता आशुतोष कुमार ने बताया कि नौजल्हा क्षेत्र के संवेदनशील क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। समय पर कार्य पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। संवाद
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भारत-नेपाल सीमा से सटे इस क्षेत्र में पिछले दो वर्षों से शारदा नदी लगातार दाहिने किनारे पर कटान कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी का रुख इसी तरह बढ़ता रहा तो कई बंगाली कॉलोनियां और तटबंध खतरे की जद में आ सकते हैं। पिछले वर्ष पर्याप्त बजट न मिलने के कारण यहां केवल अस्थायी बाढ़ नियंत्रण कार्य कराया गया था।
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क्षेत्रवासियों के आंदोलन और जनप्रतिनिधियों की पैरवी के बाद इस बार योजना को मंजूरी मिली। इन दिनों पोकलैंड मशीन की मदद से नोमैंस लैंड और आसपास के क्षेत्र से बजरीयुक्त रेत व मिट्टी निकालकर ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के माध्यम से कटानग्रस्त स्थल तक पहुंचाई जा रही है।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पहले मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। उसके बाद वायर क्रेट में पत्थर भरकर स्थायी सुरक्षा व्यवस्था बनाई जाएगी। पत्थरों की आपूर्ति भी शुरू हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि कार्य की गति पहले की तुलना में बेहतर है, लेकिन नोमैंस लैंड वाले हिस्से को भी पर्याप्त मजबूती देना जरूरी है। उनका मानना है कि यदि यह भाग कमजोर रह गया तो बरसात के दौरान फिर खतरा पैदा हो सकता है।
अधिशासी अभियंता आशुतोष कुमार ने बताया कि नौजल्हा क्षेत्र के संवेदनशील क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। समय पर कार्य पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। संवाद