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शाहगढ़ और पीलीभीत के बीच शुरू हुआ आमान परिवर्तन का काम
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मैलानी रेल खंड पर आमान परिवर्तन के दौरान नए पुल के निर्माण को तोड़ा गया पुराना पुल।
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। आमान परिवर्तन का काम शाहगढ़-पीलीभीत के बीच तेजी के साथ शुरू हो गया है। इसके अलावा मैलानी और शाहगढ़ के बीच ब्रॉडगेज की काम पूरा होने के बाद सीआरएस निरीक्षण को इसी माह अनुमति मिलने की कार्यदायी संस्था के अफसर संभावना जता रहे है। पिछले तीन साल से इस रूट पर ट्रेनों को संचालन बंद होने से यात्रियों को काफी दिक्कत हो रही है।
लखनऊ रूट पर मैलानी रेलखंड पर आमान परिवर्तन का काम तीन साल पहले शुरू हुआ था। इस 64 किलोमीटर लंबे रेल खंड पर करीब आठ किलोमीटर पीटीआर का जंगल क्षेत्र है। पीटीआर से एनओसी नहीं मिलने पर कार्यदायी संस्था ने शाहगढ़ और मैलानी के बीच काम शुरू कर दिया था। जो अब मैलानी और शाहगढ़ के बीच करीब 45 किलोमीटर में पूरा हो चुका है। काम पूरा होने के बाद संस्था की ओर से काम को फाइनल टच देने के लिए सीआरएस निरीक्षण को प्रस्ताव भेजा गया था। जो इसी माह के अंत की निरीक्षण की तिथि मिलने की उम्मीद है। इधर, पीटीआर की ओर से आठ माह पूर्व जंगल क्षेत्र में आमान परिवर्तन के काम को लेकर एनओसी भी मिल गई थी। मगर बारिश के कारण काम शुरू नहीं हो पाया था। इससे इस रूट के यात्रियों में मायूसी छाई हुई थी। हालांकि अब कार्यदायी संस्था की ओर से शाहगढ़ और पीलीभीत के बीच करीब 19 किलोमीटर में आमान परिवर्तन का काम शुरू कर दिया है। करीब 15 फीसदी काम होने के बाद तेजी के साथ किया जा रहा है। हालांकि अभी काम पूरा करने में समय लग सकता है।
तीन साल पहले शुरू हुआ था काम
पीलीभीत से मैलानी के बीच आमान परिवर्तन का काम तीन साल पहले शुरू हुआ था। मगर जंगल से एनओसी को लेकर काम रुका रहा। कई बार रेलवे और जंगल विभाग ने संयुक्त सर्वे किया था। इसके बाद कुछ शर्तों के साथ जंगल के अंदर काम कराने को लेकर पीटीआर की ओर से मंजूरी मार्च में मिल सकी है। इससे अब काम शुरू कयिा गया है। हालांकि काम कब तक पूरा हो पाएगा। इसको लेकर कार्यदायी संस्था के अधिकारी नहीं बता पा रहै।
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पीलीभीत से शाहगढ़ के बीच आमान परिवर्तन का काम शुरू कर दिया गया है। युद्ध स्तर से काम को पूरा करने की कवायद चल रहीं है। शाहगढ़ और मैलानी के बीच काम पूरा हो चुका है। इसी माह में सीआरएस निरीक्षण की तिथि मिलने की संभावना है। - संजय सिंह, असिस्टेंट मैनेजर, कार्यदायी संस्था
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लखनऊ रूट पर मैलानी रेलखंड पर आमान परिवर्तन का काम तीन साल पहले शुरू हुआ था। इस 64 किलोमीटर लंबे रेल खंड पर करीब आठ किलोमीटर पीटीआर का जंगल क्षेत्र है। पीटीआर से एनओसी नहीं मिलने पर कार्यदायी संस्था ने शाहगढ़ और मैलानी के बीच काम शुरू कर दिया था। जो अब मैलानी और शाहगढ़ के बीच करीब 45 किलोमीटर में पूरा हो चुका है। काम पूरा होने के बाद संस्था की ओर से काम को फाइनल टच देने के लिए सीआरएस निरीक्षण को प्रस्ताव भेजा गया था। जो इसी माह के अंत की निरीक्षण की तिथि मिलने की उम्मीद है। इधर, पीटीआर की ओर से आठ माह पूर्व जंगल क्षेत्र में आमान परिवर्तन के काम को लेकर एनओसी भी मिल गई थी। मगर बारिश के कारण काम शुरू नहीं हो पाया था। इससे इस रूट के यात्रियों में मायूसी छाई हुई थी। हालांकि अब कार्यदायी संस्था की ओर से शाहगढ़ और पीलीभीत के बीच करीब 19 किलोमीटर में आमान परिवर्तन का काम शुरू कर दिया है। करीब 15 फीसदी काम होने के बाद तेजी के साथ किया जा रहा है। हालांकि अभी काम पूरा करने में समय लग सकता है।
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तीन साल पहले शुरू हुआ था काम
पीलीभीत से मैलानी के बीच आमान परिवर्तन का काम तीन साल पहले शुरू हुआ था। मगर जंगल से एनओसी को लेकर काम रुका रहा। कई बार रेलवे और जंगल विभाग ने संयुक्त सर्वे किया था। इसके बाद कुछ शर्तों के साथ जंगल के अंदर काम कराने को लेकर पीटीआर की ओर से मंजूरी मार्च में मिल सकी है। इससे अब काम शुरू कयिा गया है। हालांकि काम कब तक पूरा हो पाएगा। इसको लेकर कार्यदायी संस्था के अधिकारी नहीं बता पा रहै।
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पीलीभीत से शाहगढ़ के बीच आमान परिवर्तन का काम शुरू कर दिया गया है। युद्ध स्तर से काम को पूरा करने की कवायद चल रहीं है। शाहगढ़ और मैलानी के बीच काम पूरा हो चुका है। इसी माह में सीआरएस निरीक्षण की तिथि मिलने की संभावना है। - संजय सिंह, असिस्टेंट मैनेजर, कार्यदायी संस्था