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जन आरोग्य मेला : बच्चों में डायरिया, उल्टी-दस्त की समस्या बढ़ी
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पीलीभीत। चार दिन पहले बारिश और लगातार बढ़ रहे तापमान से बच्चों की सेहत पर असर दिखाई देने लगा है। एक से पांच वर्ष उम्र के बच्चों में दस्त, डायरिया, जुकाम व बुखार आदि समस्याएं बढ़ गई हैं। रविवार को जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित जन आरोग्य मेले में वायरल संक्रमण से पीड़ित बच्चे दिखाई दिए। चिकित्सकों ने इलाज के साथ अभिभावकों को विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पुराना अस्पताल में करीब 75 मरीज पहुंचे। इनमें 20 बच्चे भी थे। बच्चों को बुखार, जुकाम, दस्त, उल्टी, डायरिया आदि की समस्या थी। चिकित्सक डॉ. जनमेजय सिंह ने बरसात में सक्रिय हुए संक्रमण का बच्चों पर गहरा प्रभाव बताया। चिकित्सक ने सभी बच्चों को परामर्श देने के साथ दवाएं व परिजनों को पानी के साथ ओआरएस घोल देने की सलाह दी। संवाद
इन केंद्रों पर187 मरीज पहुंचे
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जोशीटोला में चिकित्सक डॉ. अफसान ने 115 से अधिक मरीजों की ओपीडी ली। यहां बच्चों के साथ बुजुर्गों में खांसी, शरीर में दर्द, असंतुलित बीपी, शुगर आदि के मरीज देखे गए। लगभग 25 बच्चों को भी चिकित्सक डॉ. अफसान अहमद ने परामर्श दिया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बागगुलशेरखां में 72 मरीजों के परामर्श में भी 15 से अधिक बच्चे खांसी, जुकाम, बुखार से ग्रस्त देखे गए।
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बढ़ते तापमान में बच्चों को लेकर चिकित्सक ने दी सलाह
1. बच्चों को थोड़ी-थोड़ी देर में नीबू पानी, ओआरएस या घर का बना शरबत दें।
2. तापमान को देखते हुए सुबह 11 से शाम 4 बजे तक घर से नहीं निकाले।
3. बच्चे के शरीर का तापमान नियंत्रण के लिए हल्के रंग के सूती व ढीले कपड़े पहनाए।
4. बच्चों को ताजे फल, नारियल पानी, दही-चावल, सूजी हलवा आदि भोजन दिन में दें।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पुराना अस्पताल में करीब 75 मरीज पहुंचे। इनमें 20 बच्चे भी थे। बच्चों को बुखार, जुकाम, दस्त, उल्टी, डायरिया आदि की समस्या थी। चिकित्सक डॉ. जनमेजय सिंह ने बरसात में सक्रिय हुए संक्रमण का बच्चों पर गहरा प्रभाव बताया। चिकित्सक ने सभी बच्चों को परामर्श देने के साथ दवाएं व परिजनों को पानी के साथ ओआरएस घोल देने की सलाह दी। संवाद
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इन केंद्रों पर187 मरीज पहुंचे
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जोशीटोला में चिकित्सक डॉ. अफसान ने 115 से अधिक मरीजों की ओपीडी ली। यहां बच्चों के साथ बुजुर्गों में खांसी, शरीर में दर्द, असंतुलित बीपी, शुगर आदि के मरीज देखे गए। लगभग 25 बच्चों को भी चिकित्सक डॉ. अफसान अहमद ने परामर्श दिया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बागगुलशेरखां में 72 मरीजों के परामर्श में भी 15 से अधिक बच्चे खांसी, जुकाम, बुखार से ग्रस्त देखे गए।
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बढ़ते तापमान में बच्चों को लेकर चिकित्सक ने दी सलाह
1. बच्चों को थोड़ी-थोड़ी देर में नीबू पानी, ओआरएस या घर का बना शरबत दें।
2. तापमान को देखते हुए सुबह 11 से शाम 4 बजे तक घर से नहीं निकाले।
3. बच्चे के शरीर का तापमान नियंत्रण के लिए हल्के रंग के सूती व ढीले कपड़े पहनाए।
4. बच्चों को ताजे फल, नारियल पानी, दही-चावल, सूजी हलवा आदि भोजन दिन में दें।