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Pilibhit News: पीटीआर प्रशासन ने गाइडों के सिर फोड़ा नाकामी का ठीकरा

Sat, 02 Dec 2023 12:14 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 02 Dec 2023 12:14 AM IST
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PTR administration blames guides for failure
जंगल में बने वाच टावर पर नही लगा कोई संकेतांक । संवाद
वॉच टावर टूटने का मामला : घायल सैलानी पहुंच गए घर, गाइडों से पूछताछ तक नहीं कर पाए वन अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलीनगर (पीलीभीत)। टाइगर रिजर्व में वॉच टावर टूटने से गिरकर घायल हुए सैलानी खुद इंतजाम कर अपने घर पहुंच गए लेकिन हादसे के बाद पीटीआर प्रशासन नहीं जागा। रेंजर ने घटना के लिए जिम्मेदार गाइड को ठहराया लेकिन पूछताछ के लिए भी नहीं बुलाया। हालांकि, वे जल्द कार्रवाई करने का दावा जरूर कर रहे हैं। वहीं शुक्रवार को भी सैलानी घटना से अनजान रहते हुए टावरों पर चढ़कर नजारे का लुत्फ उठाते रहे।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में कुल आठ वॉच टावर हैं। इनमें से सायफन, भीमताल, चंद्रताल और बारहसिंगा ताल के पास बनाए गए 50 फुट ऊंचे टावर ही सिर्फ सैलानियों के लिए तय किए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि इसका भी पता सिर्फ गाइडों को है जो सैलानियों के साथ जाते हैं। सफारी वाहन वहीं रोका जाता है और सैलानी टावर पर चढ़कर वन क्षेत्र का जायजा ले सकते हैं। वन अधिकारियों की मानें तो यह गाइड की ही जिम्मेदारी होती है कि एक बार में वह चार से अधिक सैलानियों को टावर पर न चढ़ने दे। लेकिन, बृहस्पतिवार को ऐसा नहीं हुआ। 16 सैलानी टावर पर चढ़े और कुछ ही देर में टावर टूट गया। मौके पर आधे घंटे तक अफरातफरी रही, लेकिन जानकारी मुस्तफाबाद तक नहीं पहुंच सकी। जंगल सफारी के वाहनों से ही घायलों को माधोटांडा में निजी चिकित्सक के यहां लाया गया। यहां से सैलानियों को अपने खर्च पर निजी वाहन बुक कराकर लखनऊ जाना पड़ा।
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वाॅच टावर पर नहीं हैं संकेतक
वॉच टावर पर कोई संकेतक नहीं लगा है जिससे सैलानियों को पता चले कि इस पर कितने लोगों को चढ़ना है। गाइड भी कुछ नहीं बताते।

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किसी कर्मचारी की तैनाती भी नहीं

वॉच टावरों पर पर्यटन सत्र के दौरान किसी कर्मचारी की तैनाती नहीं है। न ही टावरों की वर्तमान हालत के बारे जानकारी प्रसारित करने की व्यवस्था है।
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बारहसिंगा ताल के वाॅच टावर की हालत पहले से ही थी खस्ता
जंगल सफारी के चार चिह्नित वॉच टावर में बारहसिंगा ताल पर बने वॉच टावर की हालत पहले से ही खस्ताहाल थी। बताया जा रहा है कि उसके ऊपर की लकड़ी गल चुकी थी। कई स्थानों पर टूट-फूट भी थी लेकिन क्षेत्रीय वन अफसरों और गाइडों की इस पर नजर नहीं पड़ी।
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गाइडों को नियमों का पालन करने के आदेश दिए गए हैं। इसके बाद भी सैलानियों को जानकारी नहीं देना गलत है। संबंधित गाइडों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - हरेंद्र यादव, रेंजर महोफ
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