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Pilibhit News: बासमती निर्यात केंद्र के लिए सात एकड़ भूमि आवंटित
Sun, 28 Dec 2025 11:40 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 28 Dec 2025 11:40 PM IST
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पीलीभीत। अमरिया तहसील के टांडा विजैसी में बनने वाले बासमती बीज उत्पादन एवं प्रशिक्षण केंद्र के लिए सात एकड़ जमीन आवंटित हो गई है। अब जल्द ही निर्यात केंद्र की स्थापना शुरू हाे जाएगी। केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के प्रयासों से स्थापित हो रहे इस केंद्र से बासमती उत्पादन, गुणवत्ता सुधार और निर्यात को गति मिलेगी।
गन्ना और धान जिले की प्रमुख फसलें हैं। किसान कई किस्मों के धान की पैदावार करते हैं। बासमती का उत्पादन भी बड़े स्तर पर होता है। इस खेती से जुड़े किसानों को बेहतर उत्पादन और उपज का बेहतर मूल्य दिलाने को केंद्रीय राज्यमंत्री/ जितिन प्रसाद ने प्रयास किया। उनके प्रयासों से ही अमरिया तहसील के टांडा विजैसी में देश के दूसरे बासमती बीज उत्पादन एवं प्रशिक्षण केंद्र व जैविक प्रदर्शन फार्म की स्थापना की जा रही है। इस केंद्र के लिए सात एकड़ भूमि का आवंटन हो गया है। जल्द ही इसकी स्थापना का कार्य भी शुरू हो जाएगा। इस केंद्र से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। पीलीभीत की पहचान देश-विदेश में एक प्रमुख बासमती उत्पादक एवं निर्यातक क्षेत्र के रूप में होगी।
उत्पादन, गुणवत्ता में सुधार के साथ बढ़ेगा निर्यात
निर्यात केंद्र पीलीभीत समेत आसपास के बासमती उत्पादक क्षेत्रों के किसानों, निर्यातकों, बीज उत्पादकों और एफपीओ के लिए मील का पत्थर साबित होगा। बासमती के उत्पादन, गुणवत्ता सुधार और निर्यात को संगठित दिशा मिलेगी। इस केंद्र के माध्यम से किसानों को उन्नत बासमती किस्मों के प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। आधुनिक खेती पद्धतियों, कीट एवं रोग प्रबंधन, जैविक खेती, बीज उत्पादन और गुणवत्ता मानकों से संबंधित प्रशिक्षण कराया जाएगा। शुद्ध एवं प्रमाणिक बीज की उपलब्धता होने से उत्पादन लागत घटेगी। केंद्रीय राज्यमंत्री ने बताया कि यह केंद्र बासमती उत्पादन की गुणवत्ता, शुद्ध बीज की उपलब्धता और इससे संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं बासमती निर्यात को मजबूती प्रदान करेगा। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसान-हित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करती है।
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गन्ना और धान जिले की प्रमुख फसलें हैं। किसान कई किस्मों के धान की पैदावार करते हैं। बासमती का उत्पादन भी बड़े स्तर पर होता है। इस खेती से जुड़े किसानों को बेहतर उत्पादन और उपज का बेहतर मूल्य दिलाने को केंद्रीय राज्यमंत्री/ जितिन प्रसाद ने प्रयास किया। उनके प्रयासों से ही अमरिया तहसील के टांडा विजैसी में देश के दूसरे बासमती बीज उत्पादन एवं प्रशिक्षण केंद्र व जैविक प्रदर्शन फार्म की स्थापना की जा रही है। इस केंद्र के लिए सात एकड़ भूमि का आवंटन हो गया है। जल्द ही इसकी स्थापना का कार्य भी शुरू हो जाएगा। इस केंद्र से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। पीलीभीत की पहचान देश-विदेश में एक प्रमुख बासमती उत्पादक एवं निर्यातक क्षेत्र के रूप में होगी।
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उत्पादन, गुणवत्ता में सुधार के साथ बढ़ेगा निर्यात
निर्यात केंद्र पीलीभीत समेत आसपास के बासमती उत्पादक क्षेत्रों के किसानों, निर्यातकों, बीज उत्पादकों और एफपीओ के लिए मील का पत्थर साबित होगा। बासमती के उत्पादन, गुणवत्ता सुधार और निर्यात को संगठित दिशा मिलेगी। इस केंद्र के माध्यम से किसानों को उन्नत बासमती किस्मों के प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। आधुनिक खेती पद्धतियों, कीट एवं रोग प्रबंधन, जैविक खेती, बीज उत्पादन और गुणवत्ता मानकों से संबंधित प्रशिक्षण कराया जाएगा। शुद्ध एवं प्रमाणिक बीज की उपलब्धता होने से उत्पादन लागत घटेगी। केंद्रीय राज्यमंत्री ने बताया कि यह केंद्र बासमती उत्पादन की गुणवत्ता, शुद्ध बीज की उपलब्धता और इससे संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं बासमती निर्यात को मजबूती प्रदान करेगा। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसान-हित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करती है।
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